नो टेंशन अब स्कूल देगा बसों को परमिशन

2019-07-18T06:00:10Z

- टैक्सी में पास गाडि़यों से स्कूली बच्चों का ढोया तो होगी कार्रवाई

- स्कूल से संबद्ध गाडि़यों को ही मिलेगा परमिट, लगातार हादसों के बाद किया गया नियमावली में बदलाव

GORAKHPUR: देश भर में आए दिन स्कूल बसों और अवैध वैन चालकों की लापरवाही से हादसे होते रहते हैं। हर हादसे के बाद एक नया नियम भी बनता गया लेकिन परिवहन विभाग के नियम कुछ दिन ही प्रभावी रहते हैं। इसका उदाहरण अभी हाल ही में लखनऊ में स्कूल वैन का हादसा है। जिसमें बच्चे ढोए जा रहे थे और ड्राइवर कान में ईयरफोन लगाकर गाड़ी चला रहा था। इस हादसे के बाद एक बार फिर परिवहन विभाग नियमों को सख्त करने में लग गया है। परिवहन निगम के नए नियम के अनुसार बच्चों को ओवरलोड गाडि़यों में स्कूल भेजने पर अब गार्जियन भी जिम्मेदार होगा। साथ ही टैक्सी में पास वाहन अब स्कूली बच्चों को नहीं ढो सकेंगे। उन्हें स्कूल से संबद्धता लेनी होगी तब ही उसका परमिट जारी होगा।

टैक्सी पास स्कूलों के लिए नहीं मान्य

मोटरयान नियमावली 1998 में 26वें संशोधन में स्कूल वैन, बस या फिर वो वाहन जो स्कूलों में बच्चे ढो रहे हैं उन्हें परमिट लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बीएसए के जरिए गोरखपुर के सभी स्कूलों को नई नियमावाली से अवगत करा दिया गया है। वहीं जो वाहन केवल यूपी परमिट लेकर स्कूलों में बच्चों को ढो रहे हैं वे स्कूल से अपनी संबद्धता तत्काल करा लें नहीं तो ऐसे वाहनों पर कार्रवाई होगी। अब टैक्सी में पास कराकर वाहन स्कूलों में नहीं चल सकेंगे।

परिवहन सुरक्षा समिति करेगी मॉनीटरिंग

स्कूल वाहनों से होने वाले हादसों और उनसे स्कूल प्रबंधन द्वारा पल्ला झाड़ना अब संभव नहीं होगा। हर स्कूल में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति गठित की जाएगी। जिसके अध्यक्ष स्कूल के प्रिंसिपल जबकि सदस्य के रूप में डीएम द्वारा नामित नायब तहसीलदार, लोकल एसएचओ, चौकी इंचार्ज, डीआईओएस व बीएसए द्वारा नामित एडीआईओएस होंगे। स्कूल आने-जाने वाले वाहनों का भौतिक सत्यापन व वैध प्रपत्रों की जांच यह समिति करेगी।

तय होगा वैन व बस का किराया

निर्धारित सीट क्षमता के मुताबिक बच्चों को बिठाने पर स्कूल वैन संचालक मनमर्जी किराया नहीं बढ़ा सकते हैं। इसलिए, स्कूलों में बनने वाली परिवहन सुरक्षा समिति को यह अधिकार दिया गया है कि वह बच्चों के घर से स्कूल की दूरी के मुताबिक वैन या बस का किराया तय करेगी ताकि पेरेंट्स की जेब पर ज्यादा असर ना पड़ सके।

30 जुलाई तक लास्ट डेट

स्कूलों में चलने वाले सभी वाहनों को अब 30 जुलाई तक हर हाल में परमिट लेना होगा। इसके बाद जो भी वाहन बिना परमिट के रन करते मिले उनपर कार्रवाई की जाएगी।

वर्जन

नई नियमावली से स्कूलों को अवगत करा दिया गया है। अब सभी वाहन अपना परमिट बनवाकर ही स्कूलों में चलें, नहीं तो उनपर कार्रवाई की जाएगी।

- श्याम लाल, आरटीओ प्रशासन


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