अब पढ़ाई संग खेती भी करेंगे बच्चे

2019-02-19T06:00:47Z

PATNA: प्राइमरी और मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स और उनके परिजनों के लिए खुशखबरी है। अब दाल-चावल की खिचड़ी के साथ मिड डे मिल में पौष्टिक भोजन भी मिलेगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने राज्य के 3800 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों का चयन कर अंकुरण कार्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है। स्कूलों की खाली जमीन पर लगाई जाएगी हरी सब्जियां। आज दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की रिपोर्ट में पढि़ए किस तरह स्कूल में चलेंगे अंकुरण कार्यक्रम

स्कूलों में होगी पोषण वाटिका

प्रदेश भर के ऐसे 3800 स्कूल जिनके

पास जमीन है और उसका उपयोग नहीं हो

पा रहा है ऐसे प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए पोषण वाटिका बनाए जाएंगे। परिसर में उगाई गई हरी सब्जियां बच्चों के मिड डे मिल में उपयोग किए जाएंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की

मानें तो पोषण वाटिक 20 वर्ग फूट में होगी। जिसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रिंसिपल को सौंपी जाएगी।

पूर्णिया में 2016 में हुआ था ट्रायल

पोषण वाटिका लगाने की ट्रायल मध्यान भोजन निदेशालय ने पूणिर्या के 7 प्रखंडो में 100 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में किया था। इस योजना के तहत स्कूल कैंपस में ही हरी सब्जियां उगाई जाने लगी। जो बच्चों को मिलने वाले मिड डे मिल में लाभदायक साबित हुआ। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने राज्य के अन्य स्कूलों में ये योजना चलाने का निर्णय लिया है।

शारीरिक विकास में लाभदायक

अधिकारियों की मानें तो पोषण वाटिका लगाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों के शारीरिक विकास को बढ़ावा देना है। हरी सब्जियां सेवन करने से बच्चों में न सिर्फ कैल्सियम बल्कि विटामिन और आयरन की पूर्ति भी होगी। जिससे मिड डे मिल खाने के प्रति स्टूडेंट्स जागरुक होंगे। साथ ही शारीरिक मेहनत होने से भी लाभ होगा। जल्द ही इस योजना को लागू किया जाएगा।

स्कूलों में अंकुरण कार्यक्रम चलने से छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा। और बच्चों के शारीरिक विकास में सहायक होगा। ये कार्यक्रम बिहार के ऐसे स्कूलों चलाए जाएंगे जिन स्कूलों में जमीन उपलब्ध हैं।

-विनोद कुमार, निदेशक एमडीएम


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