भगवान बुद्ध से रूबरू होंगे एनआरआई

2018-12-25T06:01:01Z

-प्रवासी भारतीय सम्मेलन में बनारस आने वाले मेहमानों को मिलेगी बुद्ध से जुड़ी जानकारी

-लाइट एंड साउंड के थ्रू दिखाया जाएगा बुद्धा शो

VARANASI

अगले साल जनवरी में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन में दुनिया भर के सौ से ज्यादा देशों के मेहमान बनारस आ रहे हैं। यहां सांस्कृतिक व धार्मिक विरासत से रूबरू होने के अलावा वे भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े अनछुए पहलुओं को भी जान सकेंगे। खास बात यह कि प्रवासी भारतीय अपनी भाषा में भगवान बुद्ध के सत्य व अहिंसा के उपदेश को सुनेंगे। बता दें कि नए साल में 21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले करीब आठ हजार एनआरआई शामिल होंगे। इसे यादगार बनाने के लिए सेंट्रल व स्टेट गवर्नमेंट के मंत्रालयों ने पूरी ताकत झोंकी है। साथ ही एनआरआई की सुविधा के लिए उनकी भाषा के जानकार गाइड के इंतजाम की तैयारी चल रही है।

बुद्धा शो में सुनेंगे अमिताभ की आवाज

भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में प्रवासी भारतीयों को अलग अनुभूति होगी। यहां धम्मेक स्तूप, बुद्ध कालीन खंडहर, अस्थि का दर्शन करने के अलावा आठ करोड़ की लागत से लाइट एंड साउंड पर आधारित बुद्धा शो को फाइनल टच देने का कार्य अंतिम दौर में है। इसका ट्रायल जनवरी के फ‌र्स्ट वीक में होगा। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अविनाश चंद्र मिश्र के मुताबिक बुद्धा शो में आवाज सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की है। लेकिन शो देखने वालों को ऐसा महसूस होगा कि भगवान बुद्ध खुद अपनी कहानी सुना रहे हैं।

45 मिनट में बचपन से उपदेश तक

एनआरआई को दिखाए जाने के लिए बुद्धा शो की स्क्रिप्ट बीएचयू के एक्सपर्ट ने डेवलप किया है। इस पर महाबोधि सोसाइटी ने मुहर भी लगा दी है। 45 मिनट के शो को तीन पार्ट में बांटा गया है। हरियाली के बीच बैठकर शो देखने पर भगवान बुद्ध के बचपन के दिनों से लेकर बोधिसत्व की प्राप्ति और फिर सारनाथ में प्रथम उपदेश, बोध गया समेत अन्य बौद्ध विहारों के बारे में जानकारी मिलेगी। फोकस सारनाथ के मूलगंध कुटी विहार धम्मेक स्तूप व म्यूजियम में रखे भारत के राष्ट्रीय चिन्ह पर होगा।

किताब में 200 साल का इतिहास

प्रवासी भारतीय सांस्कृतिक राजधानी बनारस के हर रंग से परिचित होंगे। यहां से कई स्मृतियां भी साथ ले जाएंगे। इसके लिए बनारस के 200 साल के इतिहास पर एक बुक तैयार की जा रही है। इसमें घाटों से लेकर मढ़ी-मंदिर व गंगा-जमुनी तहजीब का दर्शन कराने वाली फोटो और संत कबीर, रविदास, गोस्वामी तुलसीदास और गौतम बुद्ध के संदेश होंगे। पं। रविशंकर, उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी, सितारा देवी, पं। किशन महाराज व लच्छू महाराज जैसे फेमस आर्टिस्ट के बारे में जानकारी होगी। यह बुक प्रत्येक मेहमान को डिस्ट्रिब्यूट की जाएगी।

Posted By: Inextlive

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