प्रवासी भारतीय सम्मेलन : काबिल इतने कि भारतीयों की ऊंगलियों पर नाच रही दुनिया

2019-01-22T13:19:53Z

प्रवासी भारतीय दिवस के आगाज पर बोली विदेश मंत्री कहा गूगल माइक्रोसाफ्ट जैसी कंपनियों के प्रमुख हैं भारतीय। विभिन्न देशों में सांसद-मंत्री भी हैं भारतीय विदेश की इकोनॉमीमें दे रहे हैं महत्वपूर्ण योगदान।

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VARANASI : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ससंदीय क्षेत्र काशी में आयोजित 15वें प्रवासी भारतीय दिवस का आगाज करते हुए केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि विदेशों में करीब तीन करोड़ दस लाख भारतीय रहते हैं। इन सभी भारतीयों में भारतीयता सामान है, न किसी में कम न किसी में ज्यादा। हमें गर्व है कि आज भारत के लोग विभिन्न देशों में प्रमुख पद पर भी हैं और वहां सांसद-मंत्री भी बनकर विदेश की इकोनॉमी में महत्वपूर्ण योगदान भी दे रहे हैं। कह सकते हैं कि भारतीयों की ऊंगलियों पर पूरी दुनिया नाच रही है। गूगल व माइक्रोसाफ्ट जैसी कंपनियों को शीर्ष पर पहुंचाने वाले भारतीय ही हैं। जिस गूगल से पूरी दुनिया सर्च की जाती है। उसके प्रमुख भारतीय हैं। आज बड़ी-बड़ी कंपनियों के सीईओ के पद पर आसीन हैं, जैसे गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के प्रमुख। बड़ालालपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल सभागार में शुरू हुआ तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन युवाओं को समर्पित है। इसमें 120 देशों के करीब छ: हजार प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

सुरक्षा का कवच बना पासपोर्ट

प्रवासी सम्मेलन में आए नई दिल्ली के मूल निवासी व नार्वे के सबसे युवा सांसद हिमांशु गुलाटी सहित उनके माता-पिता का सम्मान करते हुए केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि जड़ों से जोड़कर रखने में हम लगातार काम रहे हैं। प्रवासी व चार बार के न्यूजीलैंड सांसद कंवलजीत बख्शी सहित अन्य प्रवासी यह सुनते ही टीएफसी में भरी सभा से तालियों से विदेश मंत्री का आभार जताया। सुषमा स्वराज ने अप्रवासियों को यह स्पष्ट किया कि आज भारतीय पासपोर्ट भारतीय नागरिकों का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बना हुआ है। फर्जीवाड़ा करते हुए विदेश भेजने वाली कंपनियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
सेकेंड भर में ट्वीट, मिनटों में समाधान
डिजिटल युग में सोशल मीडिया एक हथियार के तौर पर है। सोशल मीडिया पर भारत सरकार के साथ युवाओं की सक्रियता को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि मौजूदा समय में लगभग हर प्रभावी सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं, ताकि लोगों को सोशल मीडिया के जरिए मदद की जा सके। हमने 24 घंटे में लोगों को एक ट्वीट पर मदद पहुंचाने का काम किया है। कोशिश ऐसी है कि सेकेंड भर पहले किये जा रहे ट्वीट के बाद मिनटों के अंदर शिकायतों का निपटारा किया जा रहा है। इससे पूर्व 'भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका' थीम पर आयोजित सम्मेलन के इनॉगरेशन में सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह, केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर भी शामिल रहे।

आप हैं भारत के सबसे बड़े दूत
आप भारत के सबसे बड़े दूत हैं जो भारत से दूर रहकर उसका मान बढ़ा रहे हैं। भारत की पहचान आपसे है और आज भारत पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है। भारत में लंबे समय बाद मतदाताओं ने एक मजबूत सरकार चुनी है। यह सरकार सभी से मधुर संबंध रखने के प्रयास में है। प्रधानमंत्री कहते हैं सबका साथ सबका विकास तो भारत ही नहीं देश के बाहर भी सभी भारतीयों का विकास करेंगे। यूथ बहुत हैं जो भारत को याद रखते हैं। हमे आपका साथ चाहिए। हमारा प्रयास है कि हम आपकी भाषा व वेशभूषा का सम्मान करें। आप सभी मातृभाषा जरूर बोलते होंगे। यह हमारे लिए गैरव की बात है साथ ही यह हम सभी के लिए बड़ी सीख है।
राज्यवर्धन सिंह राठौर, केंद्रीय खेल व युवा कल्याण राज्य मंत्री
अद्भुत है यह समागम : सीएम योग
जड़ों से जुडऩे का यह सम्मेलन इसलिए भी खास है, क्योंकि 2003 में प्रवासी दिवस का शुभारंभ तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। तब से शुरू यह सम्मेलन लगातार जारी है। 2003 में एक दिवसीय था, फिर केंद्र में सरकार आने के बाद दो दिवसीय हुआ और अब 15वां मौका देश के सबसे युवा राज्य उत्तर प्रदेश को मिला तो तीन दिवसीय हुआ। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि एक तरफ प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा अर्धकुंभ तो दूसरी ओर बाबा विश्वनाथ के त्रिशूल पर टिकी प्राचीन नगरी काशी में प्रवासियों का महाकुंभ है। प्रयागराज महाकुंभ में 192 देशों के प्रतिनिधि आ रहे हैं। दुनिया के 70 देशों के राष्ट्र ध्वज स्थापित किया गया है।
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश
व्यापार के लिए हैं अपार संभावनाएं
देश तेजी से विकास कर रहा है। हर क्षेत्र में नित नयी उपलब्धियों को हासिल किया जा रहा है। तकनीक में भी दक्षता हासिल कर रहा है। ऐसे माहौल में भारत में उद्योग और व्यापार के लिए अपार संभावनाएं हैं। यदि एनआरआई भारत के विकास में सहयोग करते हैं तो नये भारत के निर्माण में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। सरकार की ओर से उद्योग के लिए बुनियादी तौर पर बेहतर व्यवस्था करने के लिए जो प्रतिबद्धता जताई गयी थी, वह काफी हद तक पूरी कर दी गयी है। भारतीय दुनिया के कोने-कोने में हैं लेकिन देश के प्रति उनका प्यार उसी तरह से बरकार है और वो देश के विकास में सहयोग करना चाहते हैं।
वीरेन्द्र सिंह, केन्द्रीय इस्पात मंत्री

प्रवासी भारतीय दिवस : काशी में आज से एनआरआई महाकुंभ का आगाज


Posted By: Mukul Kumar

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