डेंगू की आड़ में मलेरिया हुआ बेकाबू

2018-11-05T06:00:06Z

जिले में 400 से अधिक पहुंची मरीजों की संख्या

मच्छरों के प्रकोप से लोग हुए परेशान, खानापूर्ति में लगा मलेरिया विभाग

prayagraj@inext.co.in

ALLAHABAD: लोग डेंगू को लेकर हल्ला मचा रहे हैं और दबे पांव मलेरिया पैर पसारने में लगा है। आंकड़ों में जिले में मरीजों की संख्या 400 से अधिक पहुंच चुकी है। इसके अलावा प्राइवेट हॉस्पिटल्स में रोजाना हजारों की संख्या में नए मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। ऐसे में खुद को बचाकर रखना जरूरी है। एक बार मलेरिया की चपेट में आने के बाद दिक्कत में पड़ सकते हैं।

कहां हो रही फॉगिंग?

अक्टूबर में मलेरिया के मरीजों की सरकारी संख्या 463 रही है। सितंबर के मुकाबले यह तीन गुना है। अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने की मुख्य वजह फॉगिंग और दवा का छिड़काव नहीं होना है। इसकी वजह से मच्छर तेजी से पनप रहे हैं और उनको काबू करना मुश्किल साबित हो रहा है। इसके अलावा प्राइवेट हॉस्पिटल्स में रोजाना इससे कहीं अधिक मरीज दस्तक दे रहे हैं। हालात नहीं सुधरे तो नवंबर में मलेरिया के मरीजों की संख्या काफी अधिक हो सकती है।

मलेरिया के लक्षण

-ठंड के साथ तेज बुखार आना।

-सिरदर्द और बदन दर्द।

-चक्कर आना और कमजोरी।

-बेचैनी और थकावट होना।

बचाव

-मच्छरदानी लगाकर सोना चाहिए।

-घर के दरवाजों और खिड़कियों पर जाली लगाएं।

-हल्के रंग के कपड़े पहनिए और शरीर पूरी तरह ढंका हो।

-जहां पानी एकत्र हो वहां पर जला हुआ मोबिल डाल दें।

-मलेरिया होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाकर इलाज शुरू कराएं।

ऐसे फैलता है मलेरिया

-मलेरिया एक परजीवी रोगाणु से होता है, जिसे प्लास्मोडियम कहते हैं।

-ये रोगाणु एनोफेलीज जाति के मादा मच्छर में होते हैं और जब यह किसी व्यक्ति को काटती है, तो उसके खून की नली में मलेरिया के रोगाणु फैल जाते हैं।

-लीवर में मौजूद रक्तकोशिकाओं की संख्या में तेजी से रोगाणु फैलते हैं।

-जब कलेजे की कोशिका फटती है, तो ये रोगाणु व्यक्ति की लाल रक्त कोशिकाओं पर हमला करते हैं। वहाँ भी इनकी गिनती बढ़ती है।

-जब लाल रक्त कोशिका फटती है, तो रोगाणु दूसरी लाल रक्त कोशिकाओं पर हमला करते हैं।

-रोगाणुओं का लाल रक्त कोशिकाओं पर हमला करने और कोशिकाओं के फटने का सिलसिला जारी रहता है। जब भी लाल रक्त कोशिका फटती है, तो व्यक्ति में मलेरिया के लक्षण नजर आते हैं।

मलेरिया बेकाबू नहीं हुआ है। हमारी ओर से रोकथाम के प्रयास जारी हैं। अगर नगर निगम फॉगिंग कराए तो मच्छरों के फैलने पर लगाम लगाई जा सकती है। उनसे फॉगिंग की मांग की गई है।

-केपी द्विवेदी, जिला मलेरिया अधिकारी

Posted By: Inextlive

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