कब्जेदारों का अब उड़ेगा चैन

Updated Date: Wed, 26 Apr 2017 07:41 AM (IST)

- कैबिनेट: एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स के गठन पर मुहर

- जमीनों पर अवैध कब्जे की दो महीने में देनी होगी रिपोर्ट

- अवैध कब्जे रोकने में लापरवाही करने वाले अफसर भी नपेंगे

LUCKNOW@next.co.in

LUCKNOW: योगी सरकार ने प्रदेश में जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। मंगलवार को कैबिनेट ने एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स के गठन पर मुहर लगा दी है। वहीं प्रदेश में सरकारी जमीनों पर जो अवैध कब्जे हैं, उसे दो महीने में चिन्हित किया जाएगा। प्रदेश, मंडल, जिला और तहसील स्तर पर बनने वाले एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स अवैध कब्जेदारों की सूची बनाकर सार्वजनिक करेगी ताकि आम जनता को पता लग सके। इसी तरह निजी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार अवैध कब्जों की शिकायत के लिए ऑनलाइन शिकायत करने की सुविधा भी देगी। अब कोई भी व्यक्ति jansunwai.up.nic.in पर शिकायत दर्ज करा सकता है।

श्वेतपत्र भी करेंगे जारी

भाजपा सरकार प्रदेश में सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को लेकर श्वेतपत्र भी जारी करेगी। दरअसल पूर्ववर्ती सपा सरकार में हुए जवाहरबाग कांड के बाद राज्यपाल राम नाईक ने इसकी मांग की थी। राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि पहले अवैध कब्जा करने के लिए सरकार लाइसेंस देती थी। मथुरा के जवाहरबाग में 300 एकड़ जमीन पर सरकार की नाक के नीचे कब्जा हो गया। रामवृक्ष को शासन और प्रशासन का संरक्षण मिला था। कोर्ट की अवमानना और शासन की सुस्ती और लापरवाही की वजह से दो जाबांज पुलिसकर्मियों एएसपी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इसे ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने तय किया है कि अवैध कब्जों के लिए कुख्यात लोगों की सूची बनाकर सार्वजनिक की जाए। साथ ही विभाग भी अपनी जमीनों की सारी जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें।

कब्जे कराने वाले भी नपेंगे

जिन अफसरों की लापरवाही की वजह से सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हुए हैं, उन्हें चिन्हित कर सख्त कार्रवाई होगी। वहीं निजी जमीनों पर अवैध कब्जा होने की शिकायत पर यदि कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित थाने के एसओ को दंडित किया जाएगा। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद लोगों ने अवैध कब्जे छोड़ने शुरू कर दिए हैं। आज कैबिनेट द्वारा लिए गये फैसले के बाद इसमें तेजी आएगी। ग्राम पंचायत की जमीनों पर अवैध कब्जे चिन्हित करने का काम लेखपाल द्वारा किया जाएगा। इसमें तालाब और चारागाह की जमीनें भी शामिल है। कब्जा करने वालों के खिलाफ नई राजस्व संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य सचिव होंगे टास्क फोर्स के अध्यक्ष

अवैध कब्जों को भू-माफिया के चंगुल से मुक्त कराने की कार्यवाही की राज्य स्तर पर समीक्षा करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स गठित की जाएगी। प्रमुख सचिव राजस्व इसके सदस्य-सचिव होंगे। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स गठित की जाएगी। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हर दो महीने में एक बार जरूर होगी।

धर्म के आड़ में कब्जा नहीं

कैबिनेट ने धर्म की आड़ में सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला भी लिया है। श्रीकांत शर्मा ने बताया कि सार्वजनिक गलियों, मार्गो, पार्को अथवा सार्वजनिक स्थानों आदि पर धार्मिक स्थल के निर्माण के संबंध में विगत 29 सितंबर 2009 द्वारा दिए गये आदेश का पूरी तरह अनुपालन कराया जाएगा। इस बारे में गृह विभाग ने विगत 3 अप्रैल 2010 को एक शासनादेश जारी किया था जिसे लागू किया जाएगा। टास्क फोर्स द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा कि न्यायालय द्वारा बेदखली के आदेश के बाद बेदखली की कार्रवाई तत्परता से की जाए और इसमें कोई देरी न हो।

Posted By: Inextlive
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