सुभाष घई बर्थडे 6 बार रिजेक्ट हुई जो स्क्रिप्ट उसी ने बनाया हिट डायरेक्टर जानें इनके स्ट्रगल की कहानी

2019-01-24T08:30:28Z

इंडस्ट्री के नामी डायरेक्टर सुभाष घई को फिल्मों में काम मिलने से पहले उनकी स्क्रिप्ट को 6 बार रिजेक्ट किया जा चुका था। वहीं उनकी रिजेक्टेड फिल्म की स्क्रिप्ट ने ही बाॅलीवुड में उन्हें हिट डायरेक्टर और स्क्रीन राइटर बनाया। जानें कैसे

कानपुर। आज बाॅलीवुड के जाने माने डायरेक्टर और स्क्रिप्ट राइटर सुभाष घई का 74 वां जन्मदिन है। सुभाष का जन्म नागपुर में हुआ था, वहीं उनके पिता लाहौर के रहने वाले एक डाॅक्टर थे। सुभाष ने बाॅलीवुड में कई हिट फिल्मों की सौगात दी है जिनमें 'खलनायक', 'कर्मा', 'सौदागर', 'परदेस' , 'हीरोज' और 'कर्ज' शामिल हैं।
पिता ने पढ़ाई पूरी करने पर दिया था सरप्राइज

सुभाष ने बी काॅम से अपनी बढ़ाई पूरी की। वहीं एक दिन वो अपने पिता की क्लीनिक पर पहुंचे तो वहां पिता एक सरप्राइज के साथ उनका इंतजार कर रहे थे। दरअसल उनके पिता ने अपनी दराज से एक अखबार निकाल कर सुभाष को थमा दिया। उसमें लिखा था फिल्म इंस्टीट्यूट आॅफ पूना आपको हमारे यहां कोर्स करने के लिए आमंत्रित करता है। फिर क्या था सुभाष समझ गए कि उनके पिता का इशारा किस ओर है।
आज के नामी लोगों से स्ट्रगलिंग के दौरान हुई दोस्ती
अपने पिता के कहने पर सुभाष पूना आ गए और फिल्म इंस्टीट्यूट आॅफ पूना में एडमिशन ले लिया। वहां उनकी मुलाकात जावेद अख्तर से हुई। वो भी उस वक्त स्ट्रगल ही कर रहे थे। वहीं उस दौरान वहां मौजूद सभी स्ट्रगलर्स का एक ग्रुप बन गया और उन्होंने साथ मिल घर से दूर और कर भूखा रहने जैसे कठिन काम किए।
इस तरह मिली पहली हिट फिल्म
स्ट्रगलिंग के दौर में सुभाष की मुलाकात सिप्पी साहब से हुई। उन्होंने सुभाष से कहा तुम्हारे पास कोई अच्छी स्क्रिप्ट होगी। वहीं सुभाष बोले नहीं तो सिप्पी बोले कोई तो होगी, देख कर बताओ। तब सुभाष ने कहा था हां एक स्क्रिप्ट है जो कई बार रिजेक्ट हो चुकी है।
6 बार रिजेक्टेड कहानी आई पसंद
सिप्पी साहब को सुभाष ने 'कालीचरण' की कहानी सुनाई जिसे पहले 6 बार रिजेक्ट किया जा चुका था। मिड डे की एक रिपोर्ट के मुताबिक सिप्पी अचानक से बोल पड़े ये कहानी रिजेक्ट कैसे हुई ये तो बहुत अच्छी है। सिप्पी साहब को ये स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई। इस पर सुभाष ने कहा मैंने अपने करियर की सबसे पहली कहानी यही लिखी थी।

पहली फिल्म के डायरेक्टर और राइटर दोनों रहे

वहीं सिप्पी साहब ने सुभाष को बाद मेंं फिर एक बार अपने पास बुलाया और कहा तुम राइटर ही नहीं इस फिल्म के डायरेक्टर भी हो। इसके बाद सुभाष ने अपनी फिल्म पर काम शुरु किया। अपने दोस्त शत्रुघन सिन्हा को और नामी एक्टर प्रेमनाथ को उन्होंने अपनी फिल्म में बतौर लीड रोल कास्ट किया। 6 बार रिजेक्ट होने के बाद जब फिल्म बन कर 7 फरवरी, 1976 को रिलीज हुई तो बड़ी हिट साबित हुई।

स्ट्रगल के दिनों में पत्नी ने दिया साथ

दरअसल सुभाष की फिल्म 'कालीचरण' साल 1976 में रिलीज हुई थी। वहीं उनकी शादी मुक्ता घई से 1970 में हुई थी। स्ट्रगल के दिनों में उनकी पत्नी ने हर सिचुएशन में उनका साथ दिया। कुछ सालों बाद कपल की दो बेटियां भी हुईं। इनकी बड़ी बेटी का नाम मेघना और छोटी बेटी का नाम मुस्कान है।

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