आज ही के दिन भारत ने घर के बाहर पहली बार जीता था कोर्इ टेस्ट मैच

2019-02-20T09:01:09Z

भारत ने पहला टेस्ट मैच 1932 में खेला था मगर टीम इंडिया को घर के बाहर पहली टेस्ट जीत हासिल करने में 36 साल लग गए।

कानपुर। भारतीय क्रिकेट टीम का टेस्ट इतिहास सालों पुराना है। भारत ने पहला टेस्ट मैच 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था जिसमें टीम इंडिया को बुरी तरह से हार मिली थी। इसके बाद साल दर साल टीम इंडिया टेस्ट सफर बढ़ता गया मगर विदेश में पहली जीत हासिल करने में भारत को तीन दशक से ज्यादा का वक्त लग गया। क्रिकइन्फो पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भारत ने घर के बाहर पहला टेस्ट न्यूजीलैंड में 1968 में जीता था। ये मैच 20 फरवरी को खत्म हुआ था। आज इस एेतिहासिक क्षण को 51 साल हो गए। आइए जानें उस मैच का हाल..
नवाब पटौदी थे भारत के कप्तान

भारत को विदेश में पहली टेस्ट जीत दिलाने वाले कप्तान नवाब पटौदी थे। साल 1968 में पटौदी की कप्तानी में टीम इंडिया चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने न्यूजीलैंड गर्इ थी। सीरीज का पहला टेस्ट डुनेडिन में 15 से 20 फरवरी के बीच खेला गया। दोनों टीमें मैदान में खेलने उतरीं, टाॅस कीवी कप्तान के पक्ष में रहा आैर न्यूजीलैंड ने पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया। उस वक्त भारतीय टीम में रमन देसार्इ, बिशन सिंह बेदी, र्इ प्रसन्ना जैसे दिग्गज गेंदबाज थे मगर वे कीवियों को सस्ते में समेटने में नाकाम रहे। हालांकि एक वक्त लग रहा था न्यूजीलैंड टीम जल्दी आउट हो जाएगी मगर न्यूजीलैंड के आेपनर बल्लेबाज डाउलिंग ने 143 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों के सपनों पर पानी फेर दिया। कीवी टीम ने पहली पारी में 350 रन बनाए।
भारत ने अंत तक किया संघर्ष
अब बैटिंग करने की बारी भारत की थी। भारतीय आेपनर आबिद अली आैर फारुख इंजीनियर आेपनिंग करने मैदान में उतरे। अभी टीम का कुल स्कोर 39 रन ही हुआ था कि अली 21 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि इंजीनियर एक छोर पर डटे रहे, आउट होने से पहले फारुख ने 63 रन की उपयोगी पारी खेली। इसके बाद अजीत वाडेकर क्रीज पर बैटिंग करने आए आैर वह भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बने। भारत के बाकी खिलाड़ी आते गए आैर जाते गए मगर, वाडेकर क्रीज पर डटे रहे। अजीत ने इस मैच में 80 रन की पारी खेली। बाद में निचले क्रम के भारतीय बल्लेबाजों की बदौलत टीम इंडिया ने 350 का स्कोर पार किया आैर 359 रन पर आॅलआउट हो गए।
दूसरी पारी में प्रसन्ना की स्पिन में नाचे कीवी
न्यूजीलैंड के लिए दूसरी पारी में बैटिंग करना आसान नहीं था क्योंकि भारतीय स्पिन गेंदबाज र्इ प्रसन्ना ने कीवियों को अपनी फिरकी में खूब नचाया। चार कीवी बल्लेबाज तो दहार्इ का अंक भी नहीं छू सके आैर पूरी न्यूजीलैंड टीम 208 रन पर सिमट गर्इ। कीवियों की तरफ से सेकेंड इनिंग में सबसे ज्यादा 54 रन आेपनर बल्लेबाज मुरे ने बनाए। इस पारी में र्इ प्रसन्ना ने 94 रन देकर 6 विकेट चटकाए।

भारत ने जीतकर रचा इतिहास

आखिरी पारी में भारत को जीत के लिए 200 रन का लक्ष्य मिला। इस बार भी टीम इंडिया की नैय्या अजीत वाडेकर ने पार लगार्इ। बाएं हाथ के बल्लेबाज वाडेकर ने 71 रन की पारी खेली। वहीं रुसी सूर्ति ने भी उपयोगी 44 रन बनाए जिसकी बदौलत भारत ने पांच विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया। इसी के साथ भारत का विदेशी धरती पर टेस्ट जीत का खाता खुल गया। बता दें भारत ने इस दौरे पर सिर्फ टेस्ट मैच ही नहीं सीरीज भी अपने नाम की आैर नवाब पटौदी न्यूजीलैंड की धरती पर कोर्इ टेस्ट सीरीज जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए।
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