भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई खिलाड़ी आए हैं। ऐसे ही एक खास खिलाड़ी थे सीके नायडू जोकि भारत के पहले टेस्ट कप्तान थे। आइए आज उनकी जन्मतिथि पर जानें उनके करियर से जुड़ी रोचक बातें...

कानपुर। महाराष्ट्र में जन्में पूर्व भारतीय क्रिकेटर सीके नायडू का पूरा नाम कोट्टरी कनकैया नायडू था। दाएं हाथ के टेस्ट बल्लेबाज रहे नायडू को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था। मगर भारत के लिए इंटरनेशनल मैच खेलने की ख्वाहिश काफी देर में पूरी हुई। जिस उम्र में आज के क्रिकेटर संन्यास ले लेते हैं, उस उम्र में नायडू ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। क्रिकइन्फो के डेटा के मुताबिक, नायडू ने पहला इंटरनेशनल टेस्ट मैच 1932 में खेला था। तब उनकी उम्र 37 साल थी। पहले मैच में ही उन्हें कप्तान बनाया गया और यह टीम इंडिया का पहला टेस्ट मैच भी था, इस तरह नायडू भारतीय क्रिकेट टीम के पहले कप्तान बन गए।

सिर्फ 7 टेस्ट मैच खेले

नायडू एक बेहतरीन क्रिकेटर थे मगर टेस्ट क्रिकेट में उन्हें ज्यादा खेलने को नहीं मिला। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम सिर्फ 7 मैच दर्ज हैं। जिसमें उनके बल्ले से 350 रन निकले, वहीं विकेटों की बात करें तो इस दिग्गज खिलाड़ी ने टेस्ट में 9 बल्लेबाजों को आउट किया। टेस्ट क्रिकेट में उनका हाईएस्ट टेस्ट स्कोर 80 रन है। वहीं इंटरनेशनल क्रिकेट में नायडू ने सिर्फ एक छक्का लगाया।

#ThisDay in 1895, India’s first Test Captain C.K. Nayudu was born. pic.twitter.com/IU024t0dlK

— BCCI (@BCCI) October 31, 2017
68 साल तक खेला फर्स्ट क्लॉस क्रिकेट
चार साल टेस्ट क्रिकेट खेलने के बाद सीके नायडू फर्स्ट क्लॉस क्रिकेट में लौट आए और यहां उन्होंने सालों मैच खेला। नायडू का नाम दुनिया के उन चुनिंदा क्रिकेटरों में शामिल हैं जिन्होंने काफी उम्र तक क्रिकेट खेला। आखिरी फर्स्ट क्लॉस मैच खेलने के दौरान नायडू की उम्र 68 साल थी। खैर रिटायरेंट से पहले नायडू ने फर्स्ट क्लॉस मैचों में काफी रन बना लिए थे। उनके नाम 207 मैचों में 11,825 रन और 411 विकेट दर्ज हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 26 शतक और 58 अर्धशतक निकले।

#OnThisDay in 1895, India's first Test captain was born.
CK Nayudu (right) is pictured here with Douglas Jardine during England's first tour of India. pic.twitter.com/EGjDmNxjJg

— ICC (@ICC) 31 October 2019


सीके नायडू नाम से मिलता है अवॉर्ड
14 नवंबर 1967 को दुनिया को अलविदा कह गए 1956 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। साल 2006 से भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने सीके नायडू के नाम से अवॉर्ड की घोषणा की। उसके बाद हर साल किसी न किसी खिलाड़ी को सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। अब तक यह पुरस्कार नारी कांट्रैक्टर, गुंडप्पा विश्वनाथ, मोहिंदर अमरनाथ, सलीम दुर्रानी, अजित वाडेकर, सुनील गावस्कर, कपिल देव, दिलीप वेंगसरकर, सैयद किरमानी, रजिंदर गोयल और पद्माकर शिवालकर।

 

 

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari