बस नाम का रह गया है शहर का वन स्टॉप सेंटर

Updated Date: Thu, 12 Dec 2019 05:45 AM (IST)

vijay.sharma@inext.co.in

JAMSHEDPUR: लौहनगरी में युवतियों और महिलाओं की सुरक्षा और उनकी सुविधा के लिए बनाये गये, वन स्टॉप सेंटर फॉर वुमन 'सखी' सेंटर विभागीय अव्यवस्था का शिकार बना हुआ है। फंड के अभाव में लगभग एक साल से हेल्प लाइन नंबर 0657-2221414 बंद पड़ा है। फोन नंबर का बिल नहीं जमा होने से कनेक्शन काट दिया गया है। बताते चलें कि शहर में महिलाओं की सुरक्षा राम भरोसे ही है। घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना जैसे मामले को निपटाकर दोनों के बीच रजामंदी कराने वाले वन स्टॉप सेंटर सखी सेंटर को समय से फंड न मिलने से अव्यवस्था का शिकार बन गया है। जिलास्तरीय महिला सखी सेंटर की स्थापना 2015 में पुराना कोर्ट में हुई थी। दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद 25 फरवरी 2017 में साकची रेड क्रास भवन में सखी सेंटर का उद्घाटन किया गया था। लेकिन समय से फड और कर्मचारियों को मानदेय न मिलने से एक-एक करके सभी लोग सेंटर को छोड़ गये। सेंटर की हालत यह है कि सफाई करनेवाला, सुरक्षा गार्ड तक नहीं है। सखी केंद्र के को-ऑर्डिनेटर डीके बाल्मीकि ने बताया कि जानकारी मिली है कि फंड आ गया है, लेकिन सुविधा नहीं मिलने के कारण सेंटर काम नहीं कर पा रहा है। इसके लिए डीसी और समाज कल्याण अधिकारी को लिखित और मिलकर अवगत कराया गया है।

महिलाओं को न्याय दिलाया जाता है

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी केंद्र को निर्भया फंड से संचालित किया जाता है। केंद्र का अपना वाहन नहीं होने की वजह से दूर के मामले नहीं देख पाते हैं। जिला को-ऑर्डिनेटर ने बताया कि शहर के अलावा सरायकेला, आदित्यपुर, कोलेबिरा, चाईबासा, घाटशिला के साथ ही दूसरे राज्य के केसों में भी थाना क्षेत्र और लोकल वन स्टॉप सेंटर से बात कर महिलाओं को न्याय दिलाया जाता है। उन्होंने बताया कि सेंटर में परामर्श देने के साथ ही रिपोर्ट लिखवाने, और वकील देकर मदद की जाती है, जिससे ज्यादातर मामले घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और यौन शोषण और बाल विवाह के होते हैं। उन्होंने बताया कि पीएनटी नंबर बंद होने के बाद वे केंद्र के लिए अपने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रहे हैं। संसाधन नहीं होने के बाद भी सेंटर पर आने वाले लोगों की पूरी सहायता की जा रही है। सेंटर में सुरक्षा के अभाव में पीडि़त का अल्पावास नहीं कराया जाता है। तीन साल से छह बेड पड़े-पड़े खराब हो रहे है। सेंटर में तीन सालों में 305 मामले आए हैं, जिनमें से 220 मामलों को सॉल्व किया जा चुका है।

इन मामलों की कर सकते हैं शिकायत

घरेलू हिंसा, बाल-विवाह, परामर्श, मानसिक प्रताड़ना, डायन प्रथा, अल्प आवास गृह, दहेज प्रताड़ना, चिकित्सा सुविधा, एफआईआर, यौन शोषण, विधिक सहायता, एंबुलेंस सुविधा।

वन स्टॉप सेंटर सखी का फंड केंद्र सरकार द्वारा जारी किया जाता है, अभी हाल ही में फंड दिया गया है। वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान की जा रही है। जल्द ही वहां का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था के लिए विभाग को लिखा जाएगा।

-सत्या ठाकुर, समाज कल्याण अधिकारी, पूर्वी सिंहभूम

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.