ऑनलाइन बेचते थे चोरी की गाडि़यां

2014-03-31T07:00:01Z

-क्लासीफाइड वेबसाइट के जरिए बेचते थे चोरी के वाहन

-होमगार्ड बन करता था नौकरी, मौका देख उड़ाते थे वाहन

DEHRADUN : डालनवाला पुलिस ने क्लासीफाइड वेबसाइट के जरिए चोरी के वाहनों को बेचने वाले दो शातिर चोरों को अरेस्ट किया है। दोनों आरोपी सगे भाई हैं। एक लोगों के घर पर होमगार्ड के तौर पर जॉब करता था और मौका देखकर उनके वाहन साफ कर देता था, जबकि दूसरा पेपर्स में हेरफेर कर चोरी के वाहन को क्लासीफाइड वेबसाइट के जरिए बेच देता था। आरोपियों के घर से चोरी के दो फोर व्हीलर के साथ दो टू व्हीलर बरामद किए गए हैं। इसके अलावा फर्जी कागजात बनाने के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली आरटीओ सहित अन्य विभाग की फर्जी मोहर भी पुलिस को मिली हैं।

बेच चुके थे चोरी का वाहन

दरअसल, क्लासीफाइड वेबसाइट के जरिए कुछ समय पूर्व सेलाकुई हरिपुर निवासी दिनेश चंद्र बिष्ट ने इंडिगो कार एक लाख बीस हजार में खरीद थी। जिसे बाद में वे किसी दूसरे को बेचना चाहते थे। खरीददार ने कार को आरटीओ ऑफिस में लाने की बात कही थी। जहां पर कार के अलावा उसके पेपर की जांच की जानी थी। जांच में कार चोरी की पाई गई, जिसके बाद दिनेश ने पुलिस को सारी हकीकत बयां करते हुए लिखित शिकायत दी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी। इसी कड़ी में पुलिस को अहम जानकारी हासिल हुई। पता चला कि रक्षापुर लाडपुर निवासी दो सगे भाई चोरी के वाहनों को क्लासीफाइड वेबसाइट के जरिए बेचने का काम करते हैं।

सगे भाई हैं दोनों आरोपी

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसपी सिटी नवनीत सिंह ने बताया कि संडे मॉर्निग को आरोपियों को उनके घर से अरेस्ट कर लिया गया। घर से चोरी की एक इंडिगो व एक एसएक्स-ब् कार बरामद की गई है। इसके अलावा पुलिस को चोरी की एक स्कूटर व एक बाइक मिली है। पूछताछ में आरोपियों की पहचान रणवीर सिंह उर्फ पंकज द्विवेदी व सुभाष द्विवेदी के रूप में हुई है। दोनों ही सगे भाई हैं। पेशे से रणवीर वाहन चालक है। इसके अलावा सुभाष होमगार्ड की नौकरी करता है।

प्लानिंग से करते थे चोरी

एसपी सिटी ने बताया कि दोनों भाई इस धंधे को बड़े शातिर तरीके से अंजाम देते थे। सुभाष राज्य के बाहर लोगों के घरों पर होमगार्ड के तौर पर नौकरी करने के लिए जाता था। जहां वह मौका देखकर उनके वाहन को साफ कर दून ले आता था। यहां उसका भाई रणवीर पेपर्स में फर्जीवाड़ा कर उसे क्लासीफाइड साइट के जरिए बेच देता था। बरामद कार इंडिगो सफदरगंज दिल्ली में किसी प्रॉपर्टी डीलर के नाम पर रजिस्टर है। जबकि दूसरी कार दिल्ली के विजय नगर निवासी डॉ। अरुण चौधरी के नाम पर है। चोरी के अन्य दोपाहिया वाहन आरोपियों ने सिटी से चुराए हैं।

बरामद हुई आरटीओ की मोहर

फर्जी कागज बनाने के लिए पुलिस को आरोपियों के घर से आरटीओ विभाग के साथ कई बड़े अधिकारियों की मोहर बरामद हुई है, जिसमें गाजियाबाद होमगार्ड के जिला कमांडेंट, एसएसपी गाजियाबाद सहित कई बड़े अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा फर्जी कागज बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली स्केनर मशीन को भी पुलिस ने बरामद किया है।


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