डेढ़ लाख छात्रों का भविष्य अधर में

2019-02-26T06:00:54Z

PATNA : शिक्षा विभाग व विश्वविद्यालय प्रबंधन की लापरवाही के कारण स्नातक प्रथम वर्ष में सत्र 2018-21 के लिए नामांकित डेढ़ लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में है।

बिहार बोर्ड के ओएफएसएस पोर्टल से आवंटित संबद्ध कॉलेजों में नामांकन के बाद अब संबंधित विश्वविद्यालय उनकी संबद्धता का आदेश अब तक शिक्षा विभाग से जारी नहीं होने के कारण रजिस्ट्रेशन स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ। रेखा कुमारी ने बताया कि संबद्ध कॉलेजों की जांच की जा रही है। इसमें धांधली के प्रमाण मिले हैं। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के प्रो वीसी प्रो। गिरीश कुमार चौधरी ने बताया कि कुछ कॉलेजों में संबद्धता नहीं होने के बावजूद नामांकन हुआ है। इन कॉलेजों में नामांकन वाले छात्रों को दूसरे अंगीभूत व संबद्ध कॉलेजों में शिफ्ट किया जा रहा है।


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