22 दिनों से जकड़ी थी बेडिय़ों में

2012-06-28T05:35:02Z

मुझे तुम्हारा चेहरा पसंद नहीं है। तुम अपने मां-बाप के घर जाकर रहो। मैैं तुम्हें हर महीने खर्च के लिए 500 रुपए दे दूंगा। अपने इस दर्द को साकची स्थित महिला थाना में लक्ष्मी गुप्ता ने बयां किया। वह पुलिस से मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगा रही थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

22 दिनों से जकड़ी थी बेडिय़ों में
महिला पिछले 22 दिनों से बेडिय़ों में जकड़ी हुई थी। इस बात का पता उसके दोनों पैरों में मौजूद जंजीरों से भी चल रहा था। किसी तरह जंजीर को तोडक़र वह घर से भागी व पुलिस के पास पहुंची।

पति को था अवैध संबंध का शक
महिला लक्ष्मी गुप्ता ने बताया कि उसका हसबेंड कृष्णा प्रसाद उस पर शक करता था। वह उससे कहता था कि उसका दूसरे पुरुषों के साथ अवैध संबंध है। इस कारण वह उससे नाराज रहता था। इसी कारण उसने उसके पैरों में बेडिय़ां डाल दी थी।
जंजीर तोड़ भागी, पहुंची थाना
लक्ष्मी ने बताया कि उसने पत्थर से मारकर जंजीर को तोड़ा और भाग निकली। वह थाना की तलाश में थी, लेकिन उसे नहीं मिला। किसी तरह व एमजीएम हॉस्पिटल पहुंच गई। पुलिस को सूचना मिली तो साकची पुलिस उसे लेकर महिला थाने पहुंची।

थाना में बैठकर खाया डोसा
वह भूखी भी थी। थाना में ही पुलिस कर्मियों ने उसे डोसा लाकर दिया, जिसे उसने वहीं बैठकर खाया। इस दौरान वह अपने साथ हुई घटना की भी जानकारी दे रही थी।

महिला के हैं चार बच्चे
महिला का कहना है कि उनका कपड़ों का कारोबार है। दो दुकानें भी हैैं। उसने कहा कि वर्ष 2000 में उसकी शादी हुई थी। उसके 4 बच्चे हैैं, जिसमें दो लडक़े व 2 लड़कियां हैैं। इसके बाद अब उसका हसबेंड उसे साथ नहीं रखना चाहता है। लक्ष्मी ने बताया कि वह खूंटी की रहने वाली है। उसने 10वीं तक पढ़ाई की है। किसी तरह वह भागकर यहां पहुंची है। उसका पति उससे कहता है कि वह अपने माता-पिता के घर पर जाकर रहे। वह उसे खर्च के लिए हर माह 500 रुपए दे देगा।


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