पाक सेना के सीक्रेट बुक से बड़ा खुलासा, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ प्राॅक्सी वाॅर की रणनीति बदली

Updated Date: Tue, 28 Apr 2020 02:08 PM (IST)

पाकिस्तान सेना ने भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर की रणनीति अपनाई है। इसके लिए वह भारत के बारे में धारणा बदलने के लिए कई साजिश कर रहे हैं।

नई दिल्ली (आईएएनएस)पिछले साल बालाकोट में आतंकी कैंपों पर हवाई हमले और जम्मू-कश्मीर के आर्टिकल 370 निरस्त करने जैसी मोदी सरकार की बड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान सेना ने भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर की रणनीति अपनाई है। दरअसल, पाक सेना ने मनोवैज्ञानिक युद्ध पर जाने का फैसला किया है। इसके लिए वह भारत के खिलाफ कश्मीर में स्वदेशी आतंकवाद को पुनर्जीवित कर रही है। इसके अलावा, भारत की आलोचना के लिए पाकिस्तान अरुंधति रॉय जैसी लेखकों का इस्तेम्मल भी कर रहा है ताकि इंटरनेशनल फोरम पर उसे फायदा मिल सके। यह सारी बात पाकिस्तान सेना के जनरल मुख्यालय द्वारा प्रकाशित ग्रीन बुक 2020 के लेटेस्ट संस्करण में सामने आई है।

बुक में कई सुझावों का जिक्र

बता दें कि द ग्रीन बुक पाकिस्तान सेना का एक कॉन्फिडेंशियल आंतरिक प्रकाशन है। इसमें इसकी भू-राजनीतिक समझ, विजन और रणनीतियों को रेखांकित किया जाता है। पाकिस्तान सेना प्रमुख के विचारों के अलावा, इस किताब में रक्षा बलों के विशेषज्ञ और देश के रणनीतिक विचारकों द्वारा लिखित नीति सिफारिशों पर निबंध भी शामिल हैं। 200 पन्नों की पुस्तक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने लिखा है कि पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए दो फैसले, 26 फरवरी को बालाकोट स्ट्राइक और 5 अगस्त को जम्मू व कश्मीर राज्य का पुनर्गठन क्षेत्र को बड़े पैमाने पर प्रभावित करते हैं। बाजवा ने बालाकोट की स्ट्राइक को युद्ध के लिए जगह बनाने और व्यापकता को लागू करने के लिए जबरदस्त प्रयास के रूप में वर्णित किया है।

भारत ने की सेल की स्थापना

बजवा ने कहा कि मोदी के कश्मीर के फैसले ने पूरी दुनिया के लिए चिंता पैदा कर दी है। इसके अलावा, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) रजा मुहम्मद खान (पूर्व कॉर्प्स कमांडर और नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी, इस्लामाबाद के पूर्व अध्यक्ष), सीनेटर मुशाहिद हुसैन और पेशावर स्थित पत्रकार फरजाना शाह जैसे अन्य लेखकों ने भारत विरोधी कई नीतिगत सिफारिशें की हैं। इस पुस्तक में इस बात का भी जिक्र है कि भारत की खुफिया एजेंसी 'रॉ' ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को खत्म करने के लिए 500 मिलियन डॉलर की लागत से एक विशेष सेल की स्थापना की है। इस बुक में चीन को एक विश्वसनीय रणनीतिक सहयोगी के रूप में बार-बार जोर दिया गया है।

प्रॉक्सी वॉर का सुझाव

इसके अलावा, किताब के अन्य सुझावों में यह भी कहा गया है कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान प्रॉक्सी वॉर कर सकता है। इसके लिए, पाकिस्तान सेना को भारत के बारे में धारणा बदलने के लिए कश्मीर में भारतीय बलों की क्रूरता के बारे में वीडियो क्लिप और चित्रों का उपयोग करके सोशल मीडिया पर प्रचार चलाने की सलाह दी गई है। वहीं, पाकिस्तानी सेना को एक मेजर ने सुझाव यह दिया है कि वह भारतीय कश्मीर में 'स्थानीय विद्रोह' को पुनर्जीवित करे और कश्मीर में भारत के लिए स्थिति गंभीर बना दें।

Posted By: Mukul Kumar
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