करतारपुर गुरुद्वारा के लिए पाक सरकार देगी अब तीन एकड़ की जगह 42 एकड़ जमीन

2019-07-17T18:34:51Z

पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर गुरुद्वारा के लिए तीन एकड़ की जगह अब 42 एकड़ जमीन देने का निर्णय लिया है। पाकिस्तान के पंजाब गर्वनर ने 14 गुना अधिक जमीन के आवंटन की घोषणा करते हुए कहा है कि करतारपुर कॉरिडोर का 80 फीसद काम पूरा हो चुका है।

लाहौर (पीटीआई)। पाकिस्तान अचानक करतारपुर कॉरिडोर को लेकर गंभीर हो गया है, उसने एकाएक इस काम में तेजी दिखाई है। दरअसल, अब उसने गुरुद्वारा दरबार साहिब के लिए 42 एकड़ जमीन आवंटित करने की घोषणा की है। इससे पहले वह सिर्फ तीन एकड़ जमीन ही देने का ऐलान किया था। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गर्वनर चौधरी मुहम्मद सरवर ने मंगलवार को कॉरिडोर के काम का मुआयना किया और मीडिया से बात करते हुए कहा कि करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब के लिए आवंटित जमीन को तीन एकड़ से बढ़ाकर 42 एकड़ कर दिया गया है, उस जमीन पर कोई भी निर्माण नहीं किया जाएगा जिसपर सिख धर्म के पहले गुरु नानक देव ने खेतीबाड़ी की थी। इसके साथ उन्होंने यह भी बताया कि करतारपुर कॉरिडोर का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, उम्मीद है कि इस साल नवंबर में गुरुनानक देव की 550वीं जयंती से पहले इसे पूरा कर लिया जाएगा।

नहीं की जाएगी जमीन में कटौती
सरवर ने कहा कि वह ऐसा करके दुनिया भर के सिखों को यह बताना चाहते हैं कि गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर और गुरुनानक के लिए जमीन में कोई कटौती नहीं होगी। उन्होंने कहा कि 42 एकड़ जमीन सिर्फ गुरुद्वारा दरबार साहिब के लिए आवंटित की गई है और 62 एकड़ जमीन खेतीबाड़ी के लिए होगी। कुल मिलाकर गुरुद्वारा दरबार साहिब के लिए 104 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। करतारपुर कॉरिडोर के लिए कुल जमीन 408 एकड़ होगी।
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भारत और पाकिस्तान मिलकर बना रहे हैं कॉरिडोर
बता दें कि सिख धर्मगुरु गुरुनानक देव के वर्ष 1522 में स्थापित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने के लिए भारत और पाकिस्तान मिलकर करतारपुर कॉरिडोर बना रहे हैं। यह कॉरिडोर भारत के गुरुदासपुर जिले को पाकिस्तान के करतारपुर से जोड़ेगा। सिख श्रद्धालुओं के लिए वीजा मुक्त यात्रा के लिए अब सिख श्रद्धालुओं को केवल एक परमिट की जरूरत पड़ेगी।



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