16 दिसबंर को पाकिस्‍तान के पेशावर में हुये आतंकी हमलों के ठीक दो दिन बाद पाक कोर्ट ने आतंकी लखवी को जमानत दे दी है. हालांकि पाक कोर्ट के इस फैसले से भारत काफी नाराज है और बताया जा रहा कि भारत इसका विरोध करेगा.

मुंबई हमले का आरोपी
पाकिस्तान की एक अदालत ने आज मुंबई हमलों का आरोपी जकीउर्रहमान लखवी को जमानत देकर अपनी दोहरी चाल का सबूत दे दिया. आपको बता दें कि मुंबई हमले का आरोपी लखवी लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर है, जोकि बहुत बड़ा आतंकवादी संगठन है. अब ऐसे में एक ओर पाकिस्तानी सरकार पेशावर में हुये आतंकी हमले की निंदा कर रही, तो दूसरी ओर वहीं की एक अदालत आतंकी लखवी को जमानत दे रही. फिलहाल पाकिस्तान के इस दोहरे रवैये से भारत काफी खफा है. केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा, 'पाक एक ओर तो आतंकवाद से लड़ने की बात कहती है, तो वहीं अदालत लखवी को रिहा कर रही. यह दोहरी नीति घातक है और पूरी दुनिया को इस बात को समझना होगा. पाकिस्तान को भी यह बात समझनी होगी.'
वकीलों की थी हडताल
आपको बताते चलें कि जमानत याचिका पर सुनवाई ऐसे वक्त हुई, जब सभी सरकारी वकील हड़ताल पर थे. हालांकि इस दौरान लखवी का वकील कोर्ट में मौजूद था और उसे सरकारी पक्ष की ओर से खास विरोध का सामना नहीं करना पड़ा. रिपोर्ट की मानें तो लखवी को 5 लाख के मुचलके पर जमानत दी गई है. ज्ञात हो कि लखवी मुंबई हमलों के उन 7 आरोपियों में से एक है, जिन पर पाकिस्तान में मुंबई हमलों को केस चल रहा है. लखवी के अलावा अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और यूनुस अंजुम को 2009 में अरेस्ट किया गया था. इन पर मुंबई में 2008 में हुये आतंकी हमलों की साजिश रचने का आरोप है.
भारत की नहीं सुनी
भारत इस मसले पर पाकिस्तान से हमेशा कहता रहा कि, मुकदमे की तेजी से सुनवाई हो और दोषियों को सजा मिले. हालांकि पाकिस्तान ने भारत की एक न सुनी और अपने हिसाब से काम करता रहा, जो आज दोनों देशों में तनाव का एक कारण बन गया है. आपको बताते चलें कि मुंबई हमलों में शामिल सभी आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था, जबकि एक आतंकी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा गया था. फिलहाल उसे 21 नवंबर 2012 को फांसी दे दी गई थी.

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Posted By: Abhishek Kumar Tiwari