पाकिस्तान ने गुरुवार को स्वचालित रूप से विकसित पनडुब्बी क्रूज मिसाइल एसएलसीएम 'बाबर' का सफल परीक्षण आयोजित किया। इस मिसाइल की मारक क्षमता 450 किलोमीटर तक है। स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता के माध्यम से विश्वसनीय नीति को मजबूत करने की दिशा में पाकिस्तान की तरफ से यह एक ऐतिहासिक कदम के रुप में देखा जा रहा है।


पनडुब्बी क्रूज मिसाइल परीक्षणपाकिस्तान ने गुरुवार को स्वदेश निर्मित सबमरीन से लॉन्च होने वाले क्रूज मिसाइल (एसएलसीएम) 'बाबर' का सफल परीक्षण किया। इस मिसाइल को पानी के नीचे स्थित डायनेमिक प्लेटफॉर्म से प्रक्षेपित किया गया, जो सफलतापूर्वक अपने लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब रहा। इस मिसाइल की मारक क्षमता 450 किलोमीटर तक है, जो इसकी सबसे खास लक्षणों में से एक है। मिसाइल में यह है खासएसएलसीएम बाबर विभिन्न प्रकार के पेलोड अपने साथ ले जाने में सक्षम है, इसके अलावा यह अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ पानी के नीचे नियंत्रित प्रणोदन, उन्नत मार्गदर्शन और नेविगेशन से भी लैस है। यह पाकिस्तान को दूसरी विश्वसनीय प्रक्षेपण क्षमता प्रदान करता है। इस क्षमता का विकास भी परमाणु पनडुब्बियों और जहाज परमाणु मिसाइलों के माध्यम से पड़ोसी इलाकों में उत्तेजक परमाणु रणनीतियों के लिए पाकिस्तान की प्रतिक्रिया को दर्शाता है।परीक्षण स्थल पर रहे इतने लोग मौजूद
जानकारी के मुताबिक परीक्षण स्थल पर डीजी स्ट्रैटेजिक प्लान डिवीजन (एसपीडी), अध्यक्ष एनईएससीओएम (नेसकोम), कमांडर नेवल स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड (एनएसएफसी), वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और रणनीतिक वैज्ञानिक संगठनों के इंजीनियर भी उपस्थित थे। अध्यक्ष जेसीएससी और सर्विसेज प्रमुख ने इस बेहद सफल उपलब्धि के लिए वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और एनएसएफसी कर्मियों को बधाई दी है। इसके अलावा पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शाहिद खक्कान अब्बासी और राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने भी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और एनएसएफसी कर्मियों को इस सफलता पर बधाई दी।मिसाइल का यह दूसरा परिक्षण गौरतलब है कि पाकिस्तान में निर्मित ‘बाबर-3’ मिसाइल का यह दूसरा परीक्षण है और इससे पहले इसका पहला परीक्षण जनवरी साल 2017 में किया गया था। बता दें कि बाबर-3 बाबर-2 मिसाइल का ही संस्करण है, लेकिन इसे पानी के नीचे स्थित डायनेमिक प्लेटफॉर्म से छोड़ा जा सकता है। इसके अलावा बाबर-2 का परीक्षण साल 2016 में जमीन से किया गया था।

Posted By: Mukul Kumar