क्या घर जाकर पलायन रोकेंगे पुलिस वाले?

2017-06-18T07:40:40Z

- 6 जिलों में पुलिसकर्मियों को गृह जनपद में तैनाती के मिले निर्देश

- एसआई पद से नीचे के कर्मी अब जा सकेंगे अपने गृह जिलों में

- पलायन रोकना है भी है इस पहल का उद्देश्य

DEHRADUN:

पहाड़ से हो रहे पलायन को रोकने के लिए पुलिस ने एक नई शुरुआत की है। पहाड़ के म् जिलों में पुलिसकर्मियों की कमी को देखते हुए एसआई से नीचे के पद के कर्मचारियों को अपने गृह जिलों में तैनाती के निर्देश डीजीपी ने दिये हैं। निर्देश के बाद कोई भी पुलिसकर्मी अपने गृह जनपद के लिए तत्काल ट्रांसफर ले सकता है।

म् जिलों के लिए किये निर्देश जारी

नियमानुसार कोई भी पुलिसकर्मी अपने गृह जनपद में तैनात नहीं हो सकता है। लेकिन उत्तराखंड के डीजीपी एमए गणपति ने शनिवार को निर्देश जारी किये हैं कि कुमाऊं में पिथौरागढ़, बागेश्वर, चम्पावत और गढ़वाल में चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी में एसआई पद से नीचे के कर्मी अपने गृह जनपद में तैनात हो सकते हैं। वे अब कभी भी अपने गृह जनपद मे ट्रांसफर के लिए निवेदन कर सकते हैं।

दूर होगी पुलिस की कमी

डीजीपी एमए गणपति ने दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट से बातचीत में बताया कि म् जिले पिथौरागढ़, बागेश्वर, चम्पावत, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में पुलिस बल की कमी है.साथ ही यहां पुलिसकर्मी भी ट्रांसफर के लिए भी तैयार नहीं होते हैं। इसके लिए यह पहल की गई है कि पुलिसकर्मी अपने गृह जनपद में तैनात हो सकते हैं। इस पहले से यहां पुलिसकर्मियों की कमी तो पूरी होगी ही साथ ही यहां लंबे समय तक तैनाती होने के बाद इन क्षेत्रों में काफी हद तक पलायन को भी रोका जा सकेगा।

तीन जिलों को नहीं जोड़ा गया पहल से

डीजीपी एमए गणपति ने बताया कि प्रदेश के तीन पहाड़ी जिले अल्मोड़ा, टिहरी और पौड़ी जिले इस पहल से अभी अलग रखे गये हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि इन जिलों में तैनाती के लिए पुलिसकर्मी आसानी से तैनात हो जाते हैं। इस प्रयोग के सफल होने के बाद इन जिलों को भी इस पहल से जोड़ा जा सकता है।

सबसे ज्यादा पलायन पौड़ी से

पौड़ी जिला प्रदेश का ऐसा जिला है जहां सबसे ज्यादा पलायन हुआ है। लेकिन इस जिले में मात्र ख्भ् फीसदी क्षेत्र ही ऐसा है जो पुलिस क्षेत्र में है बाकी 7भ् फीसदी क्षेत्र रेवन्यू क्षेत्र में है। इस पर डीजीपी का कहना है कि यदि शासन यहां पुलिस क्षेत्र को बढ़ाती है तो इस पौड़ी जिले को भी इस पहल से जोड़ा जा सकता है।

- प्रदेश के म् जिले ऐसे हैं जहां पुलिसकर्मी आसानी से जाने को तैयार नहीं होते हैं। इसलिए इन जिलों में एसआई पद से नीचे के कर्मी को गृह जनपद में तैनाती के निर्देश दिये गये हैं। यहां लंबे समय तक तैनाती मिलने पर कहीं न कहीं यहां पलायन रोकने में भी मदद मिल सकेगी।

- एमए गणपति, डीजीपी


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.