पतंजलि के फूड पार्क को सबलीज पर जमीन देगी सरकार

2018-06-07T11:09:04Z

पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क नोएडा प्राइवेट लिमिटेड को राज्य सरकार सबलीज पर जमीन देने के लिए नियमों में ढील देगी

- अगले हफ्ते होने वाली कैबिनेट में लिया जा सकता है फैसला

- सपा सरकार में पतंजलि आयुर्वेद को आवंटित की गयी थी जमीन

- एक कंपनी से दूसरी कंपनी को सबलीज पर जमीन देने का मामला

कैबिनेट के सामने पेश करने का फैसला लिया गया
lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क नोएडा प्राइवेट लिमिटेड को राज्य सरकार सबलीज पर जमीन देने के लिए नियमों में ढील देगी. बाबा रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण द्वारा मंगलवार को फूड पार्क को नोएडा से दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने के बयान के बाद राज्य सरकार ने आनन-फानन में इसे रोकने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए. मंगलवार को मुख्यमंत्री ने इस बाबत बाबा रामदेव से फोन पर बात करके इसके जल्द निराकरण का आश्वासन भी दिया था. वहीं बुधवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस मामले को कैबिनेट के सामने पेश करने का फैसला लिया गया.

कैबिनेट ने दी थी अनुमति
दरअसल पूर्ववर्ती सपा सरकार में अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के तहत कैबिनेट ने नोएडा स्थित यमुना एक्सप्रेस वे के निकट 455 एकड़ भूमि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को देने का फैसला लिया था. यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की भूमि को पतंजलि आयुर्वेद को देने का निर्णय दो नवंबर 2016 को तत्कालीन कैबिनेट ने लिया था. वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार के खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्रालय ने पतंजलि आयुर्वेद कंपनी की सब्सीडियरी पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क प्राइवेट लिमिटेड को मेगा एवं फूड पार्क स्थापित करने की सैद्धांतिक अनुमति दे दी. इसके बाद पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड द्वारा 23 मार्च 2018 को उन्हें पूर्व में आवंटित 455 एकड़ भूमि में से 86 एकड़ भूमि पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क को कुछ शर्तो पर हस्तांतरित करने का अनुरोध किया गया. साथ ही इसे निवेश नीति-2012 के तहत मेगा परियोजनाओं में किया गया निवेश मानते हुए रियायतें देने का अनुरोध किया गया.

एक कंपनी से दूसरी कंपनी को सबलीज
दरअसल यह मामला एक कंपनी से दूसरी कंपनी को सबलीज पर भूमि देने से संबंधित है. साथ ही, पूर्व में जिन शर्तो पर भूमि दी गयी थी, उनमें भी परिवर्तन किया जाना है. इसके लिए संबंधित विभागों से परामर्श लिया जा रहा है. पतंजलि आयुर्वेद को 455 एकड़ भूमि देने का फैसला कैबिनेट के जरिए हुआ था, इसलिए यह प्रकरण भी कैबिनेट के जरिए ही सुलझाया जाना है. सूत्रों की मानें तो आगामी 12 जून को होने वाली कैबिनेट में पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क प्राइवेट लिमिटेड को सबलीज पर भूमि देने का फैसला लिया जा सकता है ताकि फूड पार्क कहीं और शिफ्ट होने की नौबत न आए.

- 455 एकड़ भूमि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को आवंटित की गयी थी

- 25 एकड़ भूमि संस्थागत उपयोग के लिए चिन्हित की गयी थी

- 430 एकड़ भूमि वर्तमान आवंटन मूल्य पर 25 फीसद छूट के साथ दी गयी

- 60 एकड़ भूमि पर मेगा फूड पार्क बनाने की मांगी थी अनुमति

- 370 एकड़ शेष भूमि में से 56 एकड़ को सबलीज पर देने का दिया था प्रस्ताव

 

 


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