एमएसटी पर 'पहरा'

2014-04-16T07:00:01Z

जीआरपी जांचेगी दैनिक यात्रियों का चरित्र

- रेलवे में एमएसटी और क्यूएसटी बनवाना अब नहीं है आसान

- जीआरपी की स्वीकृति के बाद ही रेलवे जारी करेगा एमएसटी और क्यूएसटी

- ट्रेन में यात्रियों की दबंगई के चलते रेलवे ने लिया है जीआरपी का सहारा

- जीआरपी के पास रहेगा एमएसटी बनवाने का वाले यात्री का पूरा रिकार्ड

- फोटो और आईडी कार्ड भी लिया जाएगा

- मेरठ में हर महीने साढ़े तीन हजार लोग बनवाते है एमएसटी, पांच सौ के करीब बनती है क्यूएसटी

Meerut: रेलवे में अब एमएसटी और क्यूएसटी बनवाना यात्रियों के लिए आसान नहीं रहा। अब जीआरपी की स्वीकृति के बाद ही एमएसटी और क्यूएसटी रेलवे जारी करेगा। रेलवे की सख्ती के पीछे ट्रेन में यात्रियों की दबंगई और मनमानी है। अब बकायदा यात्री का रिकार्ड जीआरपी के पास सुरक्षित रहेगा। जो संदिग्ध यात्री हैं, उनके घर जाकर जीआरपी जांच करेगी, स्वीकृति मिलने के बाद ही रेलवे एमएसटी और क्यूएसटी को जारी करेगी।

जीआरपी के पास होगा रिकार्ड

रेलवे के पास पहले एमएसटी और क्यूएसटी यात्रियों का कोई रिकार्ड नहीं होता था, कोई भी यात्री फीस देकर एक एप्लीकेशन के आधार पर अपना एमएसटी और क्यूएसटी आसानी से बनवा सकता था। रेलवे के पास यात्री का पता तक नहीं होता था, लेकिन अब आपका पूरा रिकार्ड जीआरपी के पास होगा। एमएसटी या क्यूएसटी बनवाने के लिए एक एप्लीकेशन रेलवे को देनी होगी, एप्लीकेशन चेक करने के बाद रेलवे कर्मचारी यात्री को एप्लीकेशन देकर जीआरपी से वैरीफिकेशन कराने के लिए देंगे। जीआरपी यात्री का एक फोटो और आईडी कार्ड की फोटो कॉपी अपने पास रखकर एप्लीकेशन को वैरीफाईड करेगी। जीआरपी पुलिस रजिस्टर में भी एंट्री कर फोटो को नाम के आगे चिपकाएगी।

मनमानी पर लगाम लगेगी

ट्रेनों में एमएसटी और क्यूएसटी यात्रियों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी। सिटी स्टेशन अधीक्षक आरपी त्रिपाठी ने बताया कि एमएसटी और क्यूएसटी यात्री को जनरल कोच में बैठने का पास इश्यू किया जाता है, जबकि ये यात्री स्लीपर कोच में चढ़ जाते हैं और आरक्षित सीट के यात्री से अभद्रता के साथ उनसे मारपीट तक करते हैं। इतना ही नहीं कई बार चेन पुलिंग करके परेशानी खड़ी करते थे। इस कदम से ऐसे यात्रियों की मंशा पर न केवल विराम लगेगा बल्कि आचरण में भी सुधार आ जाएगा।

साढे़ तीन हजार एमएसटी

मेरठ से दिल्ली और सहारनपुर जाने वाले यात्रियों की संख्या सबसे अधिक है। मेरठ के यात्री महीने में करीब साढ़े तीन हजार एमएसटी और पांच सौ क्यूएसटी बनवाते है। औपचारिकता पूरी करने के बाद ही अब रेलवे एमएसटी और क्यूएसटी को जारी करेगा।

संदिग्ध होने पर घर जाएगी पुलिस

ऐसा नहीं है कि जीआरपी अपने रिकार्ड में आपका नाम और फोटो चिपकाकर एप्लीकेशन स्वीकृत कर देगी बल्कि जो यात्री एमएसटी और क्यूएसटी बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं, उनके घर जाकर जांच करने के बाद एमएसटी और क्यूएसटी के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान करेगी।

हर बार स्वीकृति आवश्यक

एमएसटी और क्यूएसटी की समय अवधि समाप्त होने के बाद दोबारा एमएसटी और क्यूएसटी बनवाने के लिए भी जीआरपी से स्वीकृति लेनी होगी। वहीं जीआरपी ने मार्च से रिकार्ड बनाना शुरू कर दिया है।

थाने में होगी जांच

जिन संदिग्ध यात्रियों के ऊपर मुकदमें कायम है, चरित्र साफ नहीं है, उनको एमएसटी बनवाना आसान नहीं होगा। जीआरपी पुलिस स्वीकृति देने से पहले यात्री की संबधित थाने में जांच करेगी। इसके लिए बकायदा पुलिस यात्री से संबधित मुकदमें के बारे में भी जानकारी लेगी। दो गारंटर देने के बाद ही यात्री को एमएसटी उपलब्ध कराई जाएगी।

जीआरपी का फोर्स

एक एसओ जीआरपी

छह एसआई

छह हेड कांस्टेबल

ब्फ् कांस्टेबल

अब एमएसटी बनवाने के लिए आईडी कार्ड और दो फोटो लगाकर जीआरपी से एप्लीकेशन स्वीकृत कराकर काउंटर पर देनी होगी। इसी के बाद एमएसटी तैयार कराई जाएगी। ट्रेन में बढ़ते अपराधों के चलते इसको रेलवे द्वारा लागू किया गया है। जीआरपी बकायदा रिकार्ड तैयार कर रही है।

-आर.पी। त्रिपाठी

स्टेशन अधीक्षक

सिटी रेलवे स्टेशन

मेरठ

अब एमएसटी और क्यूएसटी बनवाने के लिए यात्री को एप्लीकेशन लिखकर हमसे भी स्वीकृति लेनी पड़ेगी। जो भी यात्री एमएसटी और क्यूएसटी बनवा रहा है, उनका रिकार्ड अपने पास सुरक्षित रख रहे हैं। इसके लिए आईडी कार्ड और फोटो भी यात्रियों से लिया जा रहा है।

-कृष्ण कुमार शर्मा,

दारोगा जीआरपी

रेलवे ने अब एमएसटी और क्यूएसटी के लिए जीआरपी की स्वीकृति आवश्यक करके अच्छा किया है। अब ट्रेन में होने वाली एमएसटी यात्रियों की मनमानी पर लगाम लगेगा और अन्य यात्रियों को परेशानी भी नहीं होगी।

-मनोज

एमएसटी यात्रियों को जनरल में बैठने के लिए परमीशन दी जाती है, लेकिन ये यात्री आराम फरमाते हुए लेटकर जाते हैं, अब इस पर अंकुश लगेगा और अन्य यात्रियों को मुसीबत का सामना भी नहीं करना पडे़गा।

-मोहम्मद आसिफ

वैसे तो एमएसटी और क्यूएसटी रेलवे में नौकरी पेशा और छात्र बनवाते हैं। कभी चेन पुलिंग कर रेलवे कर्मचारियों के लिए परेशानी खड़ी करते हैं तो कभी सीट को लेकर मारपीट पर उतारु हो जाते है। इससे मनमानी पर अंकुश लगेगा।

-नीतिश

एमएसटी और क्यूएसटी के लिए जीआरपी की स्वीकृति आवश्यक करने का निर्णय काफी अच्छा है। इसका स्वागत करना चाहिए। आने वाले समय में सभी यात्रियों का पूरा रिकार्ड जीआरपी के पास होगा।

-पूजा


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