बनारस में आरओ प्लांट चेक करने गए इंस्पेक्टर को दौड़ादौड़ा कर पीटा

2019-06-10T11:34:26Z

कैंट थाना क्षेत्र के पांडेयपुर एरिया के विराट नगर में रविवार दोपहर आरओ प्लांट में बिजली चोरी की शिकायत पर चेकिंग करने पहुंचे विजिलेंस इंस्पेक्टर डीके श्रीवास्तव की जमकर पिटाई की गई

बिजली चोरी की शिकायत पर जांच करने के लिए पहुंचे थे बिजली विभाग के विजिलेंस टीम के इंस्पेक्टर

पांडेयपुर पुलिस चौकी के समीप की घटना, पुलिस को नहीं लगी भनक, गिरफ्तारी को तीन टीमें गठित

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VARANASI : कैंट थाना क्षेत्र के पांडेयपुर एरिया के विराट नगर में रविवार दोपहर आरओ प्लांट में बिजली चोरी की शिकायत पर चेकिंग करने पहुंचे विजिलेंस इंस्पेक्टर डीके श्रीवास्तव की जमकर पिटाई की गई. वर्दी फाड़ने के साथ मोबाइल लूट लिया गया. आरओ प्लांट संचालकों संग स्थानीय ठेले-खोमचे वालों ने भी हाथ साफ किया. इंस्पेक्टर की पिटाई की सूचना पर एसपी सिटी दिनेश सिंह, एडीएम सिटी विनय सिंह और आईपीएस सीओ कैंट डॉ. अनिल कुमार फोर्स संग पहुंचे. तब तक हमलावर फरार हो गए थे. हमलावरों में पुलिस लाइंस के फालोवर के दो बेटे रिशु व इशु मुख्य आरोपित हैं.

प्लांट से निकलते ही हमला

पांडेयपुर एरिया के विराट नगर में पुलिस लाइंस के फालोवर अमृत लाल के घर आरओ प्लांट चलता था. उसके बेटे रिशु और इशु इसे चला रहे थे. विजिलेंस को सूचना थी कि बिजली चोरी कर प्लांट चलाया जा रहा है. इस पर पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम की विजिलेंस के इंस्पेक्टर टीम के साथ मौके पर पहुंचे. जांच के बाद लौटते समय वे अभी प्लांट से करीब 500 मीटर की दूरी पर फ्लाईओवर के नीचे हनुमान मंदिर के पास पहुंचे ही थे कि वाहन रोक हमला कर दिया गया. खून से लथपथ इंस्पेक्टर ने घटना की सूचना विभाग को देने के साथ ही पुलिस को दी. वर्दी में पुलिस इंस्पेक्टर की इस तरह पिटाई की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मौके पर एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह और एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, सीओ कैंट डॉ. अनिल सिंह, कैंट इंस्पेक्टर विजय बहादुर सिंह फोर्स के साथ पहुंचे. तब मौके पर केवल महिलाएं बची थीं. आरोपित और फालोवर फरार थे. पुलिस ने प्लांट के सामने खड़ी कार और पिकअप जब्त कर ली.

दो प्लांट किए गए सीज

आरओ प्लांट से 25-25 लीटर के बंद जार में पानी की आपूर्ति की जाती थी. इसके अलावा यहां ग्लास व दो सौ मिली लीटर बोतल के पानी की भी पैकिंग की जाती थी. घटना के बाद एडीएम सिटी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की तीन सदस्यीय टीम पहुंची. पानी की जांच की गई. लेकिन टीम के हाथ कुछ नहीं लगा. हालांकि इसके बाद भी प्लांट सीज कर दिया गया. आबादी इलाके में व्यावसायिक प्लांट लगाने के नाम पर इसे बंद कराया गया है. पास में ही स्थित एक और प्लांट सीज किया गया.

लेन-देन में बिगड़ी बात!

इंस्पेक्टर पर हमला प्लांट से करीब 500 मीटर दूर हनुमान मंदिर के पास हुआ. चर्चा रही कि चेकिंग के बाद प्लांट स्वामी और इंस्पेक्टर के बीच लेन-देन की बात चल रही थी. अचानक बात बिगड़ गई और इंस्पेक्टर पर प्लांट चलाने वालों ने हमला कर दिया. इंस्पेक्टर के साथ सिपाही भी थे, लेकिन उन्होंने बीचबचाव तक नहीं किया. विडंबना यह भी कि घटना से सौ मीटर की दूरी पर पांडेयपुर पुलिस चौकी भी है लेकिन किसी पुलिसकर्मी को भनक तक नहीं लगी.


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