त्रिवेणी पर दिखा श्रद्धालुओं का 'संगम'

2016-02-14T02:11:21Z

- बसंत पंचमी पर 55 लाख लोगों ने लगाई डुबकी

-सुहाने मौसम के बीच स्नान कर उठाया पुण्य लाभ

- देर शाम तक जारी रहा संगम पहुंचने का सिलसिला

ALLAHABAD:

बसंत पंचमी पर सुहाने मौसम के बीच शनिवार को लाखों श्रद्धालुओं और साधु-संतों ने गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती त्रिवेणी के तट पर डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। स्नान करने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। प्रशासन का दावा है कि स्नान पर्व पर करीब 55 लाख लोगों ने डुबकी लगाई है। बसंत पंचमी का पुण्य काल शुक्रवार से ही शुरू हो गया था।

घाटों पर रहे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जिलाधिकारी संजय कुमार व एसएसपी केएस इमैनुएल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्नान घाटों का निरीक्षण किया। घाटों के साथ ही मेला क्षेत्र में भी सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई थी। आरएएफ, वाच टॉवर, सर्विलांस व्हीकल द्वारा निगरानी की जाती रही। आर्मी, आरएएफ, पुलिस प्रशासन, नागरिक सुरक्षा के जवान भी मुस्तैदी रहे।

अपनों से मिलकर खिले चेहरे

माघ मेला क्षेत्र में भूले भटके यात्रियों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई थी। मेला प्रशासन की ओर से बंसत पंचमी के स्नानपर्व पर 5725 स्त्री पुरुष व 15 बच्चों को उनके परिवार से मिलाया गया।

फैक्ट फाइल

- बसंत पंचमी पर 55 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

- 50 लाख लोगों के नहाने की जताई गई थी आशंका

- 5725 भूले भटकों को उनके परिवार से मिलाया गया

- रास्ता भटक चुके 15 बच्चे भी परिवार से मिले

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संत, महात्माओं ने भी लगाई डुबकी

बसंत पंचमी पर कल्पवास करने वाले प्रमुख संत महात्माओं ने भी पुण्य की डुबकी लगाई। इनमें शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम, शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी संतोषदास सतुआ बाबा, महामंडलेश्वर माधवदास, महामंडलेश्वर कपिलदेव दास नागा, महामंडलेश्वर कौशलदास, महामंडलेश्वर राम सुभगदास साकेतधाम, महंत बृजभूषण दास मोरध्वज, स्वामी चिदात्मन, स्वामी हरिचैतन्य ब्रम्हचारी, स्वामी विमलेदव आश्रम, पीठाधीश्वर स्वामी ब्रम्हाश्रम, जगद्गुरू स्वामी घनश्यामाचार्य महाराज, जगद्गुरू स्वामी चन्द्रभूषणाचार्य, स्वामी आनंद गिरी, स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती, धर्मगुरू रंजीत मिश्रा, स्वामी गोपाल सच्चा आश्रम समेत अन्य साधु संत शामिल रहे।

बांटा गया प्रसाद

बसंत पंचमी पर साधु संतों के साथ ही आम लोगों ने भी प्रसाद ग्रहण किया। ओम वाहि गुरू ऋषि आश्रम की ओर से भी प्रसाद वितरित किया गया। शिविर के व्यवस्थापक स्वामी सत्यम ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन करीब दस हजार लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पीठाधीश्वर स्वामी ब्रम्हाश्रम महाराज चरखी दादरी आश्रम अन्न क्षेत्र शिविर भी प्रसाद वितरित किया गया।

बाक्स

विदेशियों को भाया क्रिया योग

त्रिवेणी रोड स्थित क्रियायोग शिविर में बसंत पंचमी पर विदेशियों ने भी क्रियायोग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। क्रियायोग गुरू स्वामी योगी सत्यम और संस्थान की महासचिव ज्ञानमाता डॉ। राधा सत्यम ने क्रियायोग की बारीकियां बताईं। शिविर में अमेरिका, हालैण्ड, कनाडा, जापना, ब्रिटेन सहित दो दर्जन से अधिक देशों के साधक शामिल हुए।

धर्मोत्सव पर होगा संत सम्मेलन

माघ मेला के शिवाला रोड स्थित श्री लक्ष्मी नारायण देवस्थान धमार्थ ट्रस्ट मटियारा, अलोपीबाग के शिविर में संत सम्मेलन का आयोजन 16 फरवरी को होगा। स्वामी गोविन्द रामानुज गोकर्णाचार्य महाराज की 23वीं वार्षिक पुण्य तिथि एवं स्वामी घनश्यामाचार्य महाराज के जगद्गुरू रामानुजाचार्य के पद पर प्रतिष्ठित होने के प्रथम वार्षिक धमोत्सव पर होने वाले सम्मेलन में गंगा, गौ, गायत्री के संरक्षण एवं उसे बढ़ावा देने के साथ ही श्रीराम जन्म भूमि मंदिर निर्माण व बढ़ते आतंकवाद पर चर्चा होगी। इसमें शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानंद सरस्वती, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरी, शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम आदि शामिल होंगे।


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