जीएसटी के तहत पेट्रोल आने के बावजूद कीमतों में कमी नहीं आएगी। यानी महंगे पेट्रोल-डिजल से लोगों को राहत की उम्‍मीद करना अब बेकार है। सरकार ने इसे नीतिगत मामला बताते हुए समाज के हित में ही बताया। आइए जानते हैं बजट के बाद एक कार्यक्रम में वित्‍त सचिव हसमुख अढिया ने पेट्रोल कीमतों को लेकर क्‍या कहा।


एक्साइज ड्यूटी कम लेकिन सेस से महंगा ही रहेगा पेट्रोलबजट में सरकार ने पेट्रोल से एक्साइज ड्यूटी घटा दी है। साथ ही इस पर रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस लगा दिया है। इससे पेट्रोल कीमतें ऊंची बनी रहेंगी। वित्त सचिव ने कहा कि सेस की धनराशि से राज्य अपना इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेंगे। सेस से मिला राजस्व राज्यों की झोली में जाएगा। इससे वे अपने राज्य की सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देंगे।कीमतें नीतिगत मामला, महंगा पेट्रोल समाज के हित मेंपेट्रोल कीमतों के सवाल पर वित्त सचिव ने कहा कि जीएसटी में आने के बावजूद पेट्रोल कीमतों में कोई गिरावट नहीं होगी। उनका कहना था कि यह एक नीतिगत मामला है। पेट्रोल कीमतें ज्यादा रहने पर लोग वाहनों कम से कम इस्तेमाल करेंगे। वैसे भी जीएसटी का बजट के साथ कोई लेना-देना नहीं था इसलिए पेट्रोल को जीएसटी के तहत लाने पर विचार का सवाल ही नहीं था।


अप्रैल तक राजस्व स्थिति होगी साफ, तब होगा फैसला

अभी जीएसटी को लेकर पूरी स्थिति साफ नहीं है। मार्च 2019 या अप्रैल 2019 तक जीएसटी से प्राप्त राजस्व की स्थिति कुछ साफ हो पाएगी। राजस्व पर स्थिति साफ होने के बाद ही सरकार पेट्रोल कीमतों पर कोई निर्णय ले सकेगी। हर पहलू पर विचार के बाद सरकार सरकार पेट्रोल कीमतों पर टैक्स रेट को लेकर कुछ सार्थक निर्णय लेगी।

Posted By: Satyendra Kumar Singh