दुनिया की अग्रणी जर्मनी की कार कंपनी फॉक्सवैगन एक बार मुसीबत में घिर गई है। अमेरिका के बाद अब भारत में भी उसे चेतावनी दी गई है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण एनजीटी के तहत भारत सरकार उत्सर्जन विनियमनों का उल्‍लंघन किए जाने के संदर्भ में कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करेगी।


कड़ी चेतावनी जारी कीदुनिया की अग्रणी जर्मनी की कार कंपनी फॉक्सवैगन आजकल एक मुसीबत भरे सफर से गुजर है। अभी उसके खिलाफ अमेरिका जहां बड़े कदम उठा रहा है वहीं भारत भी कुछ ऐसी तैयारी में लग गया है। एक तरफ जहां अमेरिका में इस कंपनी पर गलत कल-पुर्जे वाली कार बेचने के अपराध में भारी भरकम जुर्माना लगाने जा रहा है। वहीं दूसरी ओर भारत की राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने भी कंपनी को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) का कहना है कि कंपनी को पहले यह सुनिश्चित करे कि वह भारत में गलत उपकरणों वाली कारों की बिक्री नहीं करेगी। वह उत्सर्जन विनियमनों का जरा भी उल्लंघन नहीं करेगी। बावजूद इसके अगर कंपनी ऐसा करती है तो उसे भारी जुर्माने के लिए वह तैयार रहे। शपथ पत्र भर कर दे
इसके लिए कंपनी को निर्देश किया गया है कि 11 जनवरी तक इस का शपथ पत्र भर कर दे। बताते चलें कि न्यायमूर्ति यूडी साल्वी की पीठ के समक्ष भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा दायर हलफनामे दिया गया है। जिसमें यह भी कहा गया है कि मंत्रालय ने फॉक्सवैगन को भारत में वाहनों को वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था। जिसमें फाक्सवैगन ने मंत्रालय को किया है कि वह भारत में सभी प्रभावित वाहनों को वापस मंगाने की प्रकिया में काफी तेजी से काम कर रही है। जिनकी अनुमानित संख्या 3.2 लाख है। जिसमें आडी, स्कोदा और फाक्सवैगन ब्रांड के सभी वाहन शामिल हैं।

inextlive from Business News Desk

Posted By: Shweta Mishra