संत रविदास के आगे नवाया शीश मांगा आशीष

2019-02-20T11:21:32Z

-पीएम ने कहा, सांसद होने के नाते पवित्र धरती की सेवा करने का सौभाग्य मिला

-सीरगोवर्धन में जल्द ही रैदासियों को एक ही जगह पर मिलेंगी सारी सुविधाएं

VARANASI : वाराणसी दौरे पर मंगलवार को पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीरगोवर्धन स्थित रविदास मंदिर में मत्था टेका और देश में समृद्धि और खुशहाली के लिए आशीष मांगा। इसके बाद मंदिर में प्रस्तावित कार्ययोजना को लेकर संत निरंजन दास समेत ट्रस्ट के पदाधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि संत रविदास की जन्मस्थली से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है। यहां की सेवा करने का सौभाग्य मिला है। बहुत जल्द ही रैदासियों को एक ही जगह पर सारी सुविधाएं मिलेंगी।


गुरु के विचारों ने बदली जिंदगी

 

मंदिर से थोड़ी दूर आयोजित रैदासियों की सभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुरु के विचारों ने मेरी जिंदगी बदल दी। मेरे अंदर काफी बदलाव आया। इसलिए इस धरती पर बार-बार आने की इच्छा होती है। पीएम ने कहा कि संत रविदास के विचारों से ही नये भारत का निर्माण होगा। कहा कि सरकार का हर कदम, हर योजना संत के भावना के अनुकूल है।


50 करोड़ से सीर का होगा विकास

पीएम मोदी ने इस दौरान प्रसाद योजना के तहत 50 करोड़ से विस्तारीकरण और सुंदरीकरण योजना का शिलान्यास किया। पहले चरण में बीएचयू से सीर तक सड़क की मरम्मत, रविदास की कांसे की प्रतिमा, कम्युनिटी हाल और जनसुविधाओं का निर्माण होगा। इसके अलावा यहां आने के लिए 12 किमी का रविदास कॉरीडोर भी बनेगा।


इस बार नहीं छका लंगर

संबोधन खत्म होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी सीधे मंच पर मौजूद संत निरंजन दास के पहुंचे। बातचीत के दौरान संत ने पीएम से लंगर छकने का आग्रह किया। इशारे में ही समय का हवाला देकर फिर कभी की बात कही। इसके बाद पीएम सभास्थल से बीएचयू के लिए रवाना हो गए।


पूरे शबाब पर रहा जन्म उत्सव

सीर गोवर्धन में रविदास जयंती पर आयोजित कार्यक्रम मंगलवार को पूरे शबाब पर था। हर तरफ रैदासियों का जत्था दिखा रहा। संत रविदास के दर्शन के लिए लम्बी कतारें लगी थीं। लंगर में प्रसाद छकने के लिए दिनभर भीड़ लगी रही। अमूमन सभी स्टॉलों पर यही स्थिति रही।


दर्शन के लिए लगी रहीं कतारें

सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास मंदिर में मत्था टेकने के लिए सोमवार रात से ही कतार लगनी शुरू हो गई। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान समेत विभिन्न प्रदेशों से हजारों की संख्या में आए भक्तों में संत के दर्शन की ललक दिखी। मंगलवार को पूरे दिन लम्बी कतारें लगी रहीं। मंदिर में प्रवेश के लिए दो कतारें लगी थीं।


लंगर छकने को रही भीड़

संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धन में पहुंचे लाखों रैदासियों के लिए कई जगहों पर लंगर चलाया गया। जहां पर बड़ी संख्या में लोगों ने लंगर छका। इसके अलावा सड़क किनारे स्टॉल लगाकर लोगों को प्रसाद बांटे गए। प्रसाद पाने के लिए सभी स्टॉलों पर दिनभर भीड़ रही।


महिलाओं ने की खरीदारी

संत रविदास जयंती पर पूरे सीर गोवर्धन में मेले जैसी स्थिति रही। सड़क के दोनों किनारों पर सौंदर्य प्रसाधन, कपड़े, पूजा सामग्री समेत विभिन्न सामान के दुकानें सजी थीं। अधिकतर दुकानों पर महिलाओं की भीड़ ज्यादा रही। उन्होंने जमकर खरीदारी की।


जगह-जगह से निकली शोभायात्रा

रविदास जयंती पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में शामिल रविदास के अनुयायियों ने डीजे के धुन पर जमकर डांस किया। मैदागिन से शाम छह बजे विशेष शोभायात्रा निकली, जिसमें कई बैंडबाजा, लाग भी शामिल रहे। जो चौक, गोदौलिया, मदनपुरा, सोनारपुरा, भदैनी, अस्सी, लंका से होकर सीर पहुंचे। जहां संत निरंजन दास ने शोभायात्रा में शामिल भक्तों को आशीर्वाद दिया।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.