प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल हरियाणा के पानीपत अपने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान की शुरुआत कर दी. मोदी यह मिशन देश में बढ़ते विषम लैंगिक अनुपात की समस्‍या को रोकने के लिए तेजी से चलाने के मूड में हैं. इस अभियान के तहत लोगों को बेटियों की शिक्षा और कन्‍या भ्रूण हत्‍या जैसे मामलों को रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा. इस दौरान इसकी ब्रांड एंबेसडर माधुरी दीक्षित समेत कई दूसरे नेता भी मौजूद रहे.

भविष्य के बारे में जागरूक करेंगे
देश के पीएम नरेंद्र मोदी बेटियों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने अपने प्रयासों में एक 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान की शुरुआत की हैं. पीएम मोदी का मानना है कि इसे विषम लैंगिक की समस्या से लड़ने में काफी हद तक मदद मिलेगी. जिससे मोदी ने कल इस अभियान की शुरूआत हरियाणा के पानीपत से शुरू की. इस दौरान मोदी ने अभियान को फैलाने के लिए शामिल किए गए 72 रथों को हरी झंडी दिखाई. ये रथ पानीपत के हर एक क्षेत्र में जाकर लोगों को बेटियों को पढा़ने से लेकर उनको बचाने के लिए जागरूक करेंगे. उन्हें बेटियों के बिना देश के भविष्य के बारे में जागरूक करेंगे, क्योंकि हरियाणा में विषम लिंगानुपात हैं. देश के 100 जिलों में 12 जिले हरियाणा के शामिल हैं जहां पर लिंगानुपात असंतुलित है. इस दौरान केंद्रीय मंत्री-जे.पी.नड्डा, मेनका गांधी, वीरेंद्र सिंह, स्मृति ईरानी, और राव इंद्रजीत सिंह के साथ हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर समेत कई नेता मौजूद रहे.

लाखों लड़कियां शिक्षा से दूर
मोदी के इस अभियान को बेहतर बनाने के बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित विशेष भूमिका निभा रही हैं. माधुरी दीक्षित इस मिशन की ब्रांड एंबेसडर बनी हैं. देश में लड़कियों की संख्या साफ है. महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्थिति चिंता गंभीर है. महिलाओं के स्वाथ्य से जुड़ी योजनाएं और सहयोग की सुविधाएं बस नाम की साबित हो रही हैं. लिंग परीक्षण की प्रथा सिर्फ  गांव ही नहीं शहरों में बढ़ती जा रही है. इसके अलावा देश में आज भी देश में लाखों लड़कियां ऐसी हैं जो शिक्षा से दूर हैं. इसके साथ्ा ही 1000 लड़कों पर 976 लड़कियां होने का अनुपात काफी चिंतनीय है.

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Posted By: Satyendra Kumar Singh