PM मोदी ने कोरोना को लेकर मुख्यमंत्रियों संग बैठक में वैक्सीन पर किया फोकस, सीएम केजरीवाल ने की ये मांग

Updated Date: Tue, 24 Nov 2020 03:58 PM (IST)

प्रधानमंत्री ने देश में कोरोना वायरस के हालातों को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ आज एक वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी भाग लिया। इस दाैरान पीएम ने कहा कि वैक्सीन प्राथमिकता के आधार पर किसे लगाई जाएगी ये राज्यों के साथ मिलकर डिसाइड होगा। राज्यों को इस पर काम करना शुरू कर देना चाहिए।


नई दिल्ली (एएनआई)। देश में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मरीजों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों की आज अहम बैठक बुलाई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, गुजरात के सीएम विजय रुपाणी, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बैठक में भाग लिया। इस दाैरान पीएम माेदी ने कहा कि आज मृत्यु दर और रिकवरी दर में भारत दूसरे देशों के मुकाबले बहुत संभली हुई स्थिति में हैं। हम सभी के अथक प्रयासों से देश में टेस्टिंग से लेकर ट्रीटमेंट का एक बहुत बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। पीएम केयर्स फंड की ओर से ऑक्सीजन और वेंटीलेटर उपलब्ध करवाने पर भी जोर है। अपने हर नागरिक के लिए एक नेशनल कमिटमेंट
कोरोना की वैक्सीन से जुड़ा भारत का अभियान अपने हर नागरिक के लिए एक नेशनल कमिटमेंट है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वैक्सीन को लेकर भारत के पास जैसा अनुभव है वो दुनिया के बड़े- बड़े देशों को भी नहीं है। हमारे लिए स्पीड जितनी जरूरी है उतनी ही जरूरी सेफ्टी भी है। भारत जो भी वैक्सीन अपने नागरिकों को देगा वो हर वैज्ञानिक कसौटी पर खरी होगी। वहीं पीएम ने कहा कि जहां तक वैक्सीन के डिस्ट्रीब्युशन की बात है उसकी तैयारी भी आप सभी राज्यों के साथ मिलकर की जाएगी। वैक्सीन प्राथमिकता के आधार पर किसे लगाई जाएगी ये राज्यों के साथ मिलकर डिसाइड होगा। राज्यों को इस पर काम करना शुरू कर देना चाहिए। इसकी अतिरिक्त सप्लाई पर भी काम किया जाएगा। अतिरिक्त 1000 आईसीयू बेड का आरक्षण भी मांगाइस बैठक में मुख्यमंत्रियों ने पीएम के समक्ष अपनी-अपनी बात रखी। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मलबे के कारण प्रदूषण से छुटकारा पाने के लिए हस्तक्षेप की मांग की। दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार,सीएम केजरीवाल ने प्रधान मंत्री को सूचित किया कि दिल्ली में 10 नवंबर को 8,600 कोविड-19 मामलों की तीसरी पीक देखी गई। बैठक में उन्होंने कहा, तब से मामलों और सकारात्मकता में लगातार कमी हो रही है। तीसरी लहर की उच्च गंभीरता प्रदूषण सहित कई कारकों के कारण है। उन्होंने केंद्र सरकार के अस्पतालों में तीसरी लहर तक अतिरिक्त 1000 आईसीयू बेड का आरक्षण भी मांगा।

Posted By: Shweta Mishra
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