काशी में पीएम ने की बड़े लक्ष्य पर बात

2019-07-07T12:08:44Z

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में बनारस की जमीन शनिवार को दो बड़े अभियान के आगाज की गवाह बनी

भाजपा के राष्ट्रीय सदस्यता और पौधरोपण अभियान का आगाज

बजट की खूबियां गिनाई और फाइव ट्रिलियन डालर इकोनॉमी का मतलब समझाया

varanasi@inext.co.in
VARANASI : पीएम ने हरहुआ स्थित नवग्रह वाटिका में पीपल का पौधा लगाकर पौधरोपण अभियान का शुभारम्भ किया. इसके बाद पीएम ने बड़ालालपुर स्थित टीएफसी में टोल फ्री नम्बर जारी कर भाजपा के राष्ट्रीय सदस्यता अभियान की शुरुआत की. पीएम मोदी ने जनता से सरकार के बड़े लक्ष्य पर बात की और बजट की खूबियों को गिनाया. इसके अलावा फाइव ट्रिलियन डालर इकोनॉमी का मतलब भी समझाया. नाम लिये बगैर उन्होंने विपक्ष को पेशेवर निराशावादी बता दिया. उन्होंने कहा कि हमें गरीबी पर गर्व करने की बजाय बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें पूरा करना चाहिए.

फाइव ट्रिलियन डालर इकोनॉमी का संकल्प दोहराया

पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को फाइव ट्रिलियन डालर इकोनॉमी बनाने का संकल्प दोहराया. कहा कि अब देश विकसित होने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं कर सकता. अब सपनों और संभावनाओं पर बात होगी. इन सपनों में एक है फाइव ट्रिलियन डालर इकोनॉमी. हम भारत की इकॉनमी को दोगुना करेंगे. मोदी ने कहा, 'मैं अर्थशास्त्री नहीं हूं, लेकिन सच्चाई यही है कि आज मैं जिस लक्ष्य की बात कर रहा हूं, वह आपको भी सोचने के लिए मजबूर करेगा. नए लक्ष्य, नए सपनों को लेकर आगे बढ़ेंगे, यही मुक्ति का मार्ग है. पीएम मोदी ने अंग्रेजी कहावत साइज ऑफ द केक मैटर्स का जिक्र करते हुए कहा कि केक जितना बड़ा होगा, उतना ही लोगों के हिस्से आएगा. इसलिए हमने इकॉनमी के साइज को बढ़ाने का संकल्प लिया है.

अब लम्बा इंतजार नहीं कर सकता भारत
पीएम ने कहा कि आज जितने भी विकसित देश हैं, उनमें से ज्यादातर के इतिहास को देखें तो वहां भी एक समय में प्रति व्यक्ति आय बहुत अधिक नहीं होती थी. लेकिन, एक दौर ऐसा आया, जब कुछ ही समय में प्रति व्यक्ति आय ने जबरदस्त छलांग लगाई. यही वह समय था, जब वे देश विकासशील से विकसित की श्रेणी में आ गए. भारत अब लम्बा इंतजार नहीं कर सकता. भारत दुनिया का सबसे युवा देश और यह लक्ष्य भी मुश्किल नहीं है.

विपक्ष को बताया पेशेवर निराशावादी
विपक्ष का नाम लिये बगैर पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग हैं, जो हम भारतीयों के साम‌र्थ्य पर शक कर रहे हैं. वे कह रहे हैं कि भारत के लिए यह लक्ष्य प्राप्त करना बहुत मुश्किल है. वे कहते हैं कि इसकी क्या जरूरत है, यह क्यों किया जा रहा है. ऐसे लोग पेशेवर निराशावादी लोग हैं और समाज से पूरी तरह कटे रहते हैं. आम लोगों के पास जाएंगे तो वह समस्या समझेंगे तो समझेगा. लेकिन पेशेवर निराशावादियों की मास्टरी समाधान को संकट में बदलने में है.

गरीबी पर गर्व करना ठीक नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि जब हम किसी देश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ती है तो खरीद की क्षमता बढ़ती है. बाजार में मांग बढ़ती है. इससे सामान का उत्पादन बढ़ता है, सेवा का विस्तार होता है और इसी क्रम में रोजगार के नए अवसर बनते हैं. उन्होंने कहा कि हम जब तक कम आय और कम खर्च के चक्र में फंसे रहते हैं, तब तक यह स्थिति पाना मुश्किल होता है. हमारे दिल दिमाग में कहीं न कहीं गरीबी एक गर्व का विषय बन गई है. गरीबी एक मानसिक अवस्था बन गई है. हमें इसे दूर करने के लिए प्रयास करना चाहिए. हम जब सत्यनारायण कथा सुनते थे तो उसकी शुरुआत ही एक बेचारा गरीब ब्राह्मण से होती है.

अब घर-घर जल पहुंचाना लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छ भारत और हर घर शौचालय और बिजली के बाद अब हम हर घर तक जल की योजना पर काम करेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि जल की उपलब्धता से ज्यादा जरूरी उसका संरक्षण करना है. इसके लिए सरकार पूरी तरह से जुट गई है और जल्दी ही इस पर अमल शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि आशा-निराशा में उलझे लोगों तक मैं अपने भाव पहुंचाना चाहता हूं. इसके साथ ही उन्होंने यह कविता भी सुनाई..

वो जो सामने मुश्किलों का अंबार है,

उसी से तो मेरे हौसलों की मीनार है.

चुनौतियों को देखकर घबराना कैसे,

इन्हीं में तो छिपी संभावना अपार है. विकास के यज्ञ में परिश्रम की महक है,

यही तो मां भारती का अनुपम श्रृंगार है. गरीब-अमीर बनें नए हिंद की भुजाएं,

बदलते भारत की यही तो पुकार है. देश पहले भी चला, आगे भी बढ़ा, अब न्यू इंडिया दौड़ने को बेताब है.

शास्त्री जी की प्रतिमा का अनावरण
बाबतपुर एयरपोर्ट पर पीएम नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 18 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया. करीब 70 लाख रुपये की लागत से बनी इस मूर्ति को वाराणसी के बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाहर लगाया गया है. प्रतिमा को प्रसिद्ध मूर्तिकार रामसुतार ने बनाया है. मूर्तिकार रामसुतार वही शख्स हैं, जिन्होंने गुजरात में बनी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैचू ऑफ यूनिटी का डिजाइन बनाया था. अनावरण के मौके पर शास्त्री के पुत्र अनिल शास्त्री और सुनील शास्त्री भी मौजूद रहे.

पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग पर बने आनंद कानन के नवग्रह वाटिका में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विधिवत पूजन-अर्चन करने के बाद पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. पांच स्कूली छात्र बाल वृक्ष मित्रों को पौधे दिये. इसके अलावा पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान देने वाले पांच विशिष्ट लोग भी प्रधानमंत्री से मुलाकात कर अभिभूत हुए. दैविक, दैहिक और भौतिक आधार पर नवग्रह वाटिका में 21 विशेष पौधे लगाए गये.


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