विकसित राष्ट्र होने को लम्बा इंतजार नहीं करेगा भारत

2019-07-07T06:00:16Z

दीनदयाल हस्तकला संकुल में पीएम मोदी कहा ने फाइव ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य पाकर रहेंगे

-कहा यह लक्ष्य सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देशवासियों का है

VARANASI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि

विकासशील देश से विकसित देश बनने के लिए भारत अब और लंबा इंतजार नहीं करेगा। अब गरीबी पर गौरव करने का समय गया। एक दिनी दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र में आए पीएम ने बड़ालालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल भारतीय जनता पार्टी सदस्यता अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कि फाइव ट्रिलियन डॉलर (5 लाख करोड़ डॉलर) इकोनॉमी का लक्ष्य सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देशवासियों का है। देश का हर वर्ग जब इस लक्ष्य को अपना बनाएगा और उसे प्राप्त करने का प्रयास करेगा तो इसे आसानी से पाया जा सकता है।

साम‌र्थ्य पर पूरा भरोसा

पीएम ने कहा कि फाइव ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य रखे जाने से कुछ लोग भारतीयों के साम‌र्थ्य पर शक कर रहे हैं। उन्हें इस देश के नागरिकों की क्षमता का अंदाजा नहीं है। जब देश पर अनाज का संकट आया और खाने के लिए अनाज बाहर से मंगाना पड़ रहा था तो पूर्व पीएम शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान का नारा दिया। नतीजा हुआ कि इस देश के किसानों ने अनाज के भंडार भर दिए। देश जब सन 62 और 65 की लड़ाई लड़ रहा था तो देशवासियों ने घर में रखे गहने और सोने मां भारती के चरणों में सौंप दिया। ऐसे साम‌र्थ्यवान देश के सामने कोई लक्ष्य बड़ा नहीं होता।

मेरी सरकार ने दो ट्रिलियन कर दिया

एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी तक पहुंचने के लिए देश को 60 साल लग गए और उसे हमारी सरकार ने पिछले पांच साल में दो ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा दिया। मोदी ने कहा कि मैं अर्थशास्त्री नहीं, मुझे अर्थशास्त्र का अ भी नहीं आता, लेकिन यह जानता हूं कि जब देश में समृद्धि आती है तो उसका हर नागरिक बेहतर जीवन जीता है। जीवन स्तर में बदलाव दिखता है। परिवार की आमदनी बढ़ती है तो उसके हर सदस्य का रहन-सहन बदलने लगता है।

ब्लू इकोनॉमी की मजबूती पर जोर

कृषि उत्पादों के निर्यात का माहौल इस बजट के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। हम अपनी ऊर्जा जरूरतों में आत्म निर्भर होंगे। पेट्रोल-डीजल और खाने के तेल का आयात कम करेंगे तो विदेशी मुद्रा बचेगी। हम ब्लू इकोनॉमी को मजबूत करेंगे। इसके तहत समुद्र में पाए जाने वाले संसाधनों पर अधिक से अधिक फोकस किया जाएगा। मछली निर्यात को बढ़ावा देंगे।

पानी की बर्बादी रोकनी होगी

प्रधानमंत्री ने जल संचयन और संरक्षण के लिए अपील करते हुए फिजूलखर्ची रोकने का आग्रह किया। बोले सिंचाई और घरों में पानी की बर्बादी रोकनी होगी। हर घर तक जल पहुंचे इसके लिए जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया है। जल ग्रिड बनाया जाएगा। योग और आयुष को बढ़ावा देकर हेल्थ टूरिज्म के माध्यम से भी देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है। टूरिज्म बढ़ाने के लिए देश में माहौल बनाना पड़ेगा। सरकार हाइवेज, रेलवेज, एयरवेज और वॉटर वेज की दिशा में बड़ी पहल कर रही है।

100 लाख करोड़ का निवेश

पीएम ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा अगले पांच साल में 100 लाख करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए जाएंगे। सवा लाख किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जानी हैं और गांवों में दो करोड़ घर का निर्माण होना है। बजट के माध्यम से मेक इन इंडिया को गति दी जा रही है। रक्षा उपकरणों के व्यापक निर्यात से भी देश सशक्त हो रहा है। स्टार्टअप नई अर्थव्यवस्था की धुरी बन रहा है। जनभागीदारी से 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त करेंगे।

पीएम ने सुनायी कविता

वो जो सामने मुश्किलों का अंबार है,

उसी से तो मेरे हौसले की मीनार है।

चुनौतियों को देख कर घबराना कैसा,

इन्हीं में तो छिपी संभावना अपार है।

विकास के पथ में परिश्रम की महक है,

यही तो मां भारती का अनुपम श्रृंगार है।

गरीब अमीर बने नए हिंद की भुजाएं,

बदलते भारत की यही तो पुकार है।

देश पहले भी चला और आगे भी बढ़ा,

अब न्यू इंडिया दौड़ने को बेताब है।

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