देवेंद्र को लूट और रेप में फंसाने की थी साजिश

2015-10-30T07:40:06Z

-परसाखेड़ा ट्रिपल मर्डर का तीसरा आरोपी ओमकार भी गिरफ्तार

-ओमकार ने भी कई खुलासे, पुलिस ने तीनों आरोपियों को भेजा जेल

-परसाखेड़ा ट्रिपल मर्डर का तीसरा आरोपी ओमकार भी गिरफ्तार

-ओमकार ने भी कई खुलासे, पुलिस ने तीनों आरोपियों को भेजा जेल

BAREILLY: BAREILLY: पिछले दिनों हुए परसाखेड़ा ट्रिपल मर्डर में पुलिस ने तीसरे हत्यारोपी ओमकार को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस गिरफ्त में आए ओमकार ने भी ट्रिपल मर्डर में शामिल होने की बात स्वीकार की है। उसने पुलिस के सामने कई खुलासे किए हैं, जिसमें वह अपने जिगरी दोस्त देवेंद्र का भी गेम बजाने की तैयारी में था। पुलिस ने थर्सडे तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज ि1दया है।

ख्क् अक्टूबर को आया थ्ा देवेंद्र

ओमकार को क्राइम ब्रांच एटा में अरेस्ट किया है। ओमकार ने पुलिस को बताया कि देवेंद्र ने अंशू को भगाने की प्लानिंग की थी। भागने की प्लानिंग के दौरान अंशू ने कहा था कि वह भागकर जाएंगे तो कैसे रहेंगे। इसके लिए उन्होंने लूट की बात कही थी। लूट के रुपयों से वे कोर्ट मैरिज कर लेते और कहीं दूसरी जगह आराम से रहते। ओमकार ने बताया कि देवेंद्र ख्क् अक्टूबर को ही बरेली आ गया था और कोठी में रुका हुआ था। ख्फ् अक्टूबर को अंशू ने ही अजय को बुलाया था। क्योंकि अंशू, अजय को भाई मानती थी। अजय पहले चोरी के मामले में जेल जा चुका था, जिसके चलते वह अपने एरिया में बदमाश के रूप में जाना जाता था।

देवेंद्र को फंसाने की प्लानिंग

देवेंद्र ने संजू और ओमकार को एटा से बुलाया था। संजू की ससुराल मिलक में है। संजू मिलक से ही गड़ासा लेकर आया था। ओमकार ने बताया कि संजू के अंशू से संबंध थे। संजू ने प्लानिंग के तहत अंशू से रेप का प्रयास किया। ताकि देवेंद्र अंशू के रेप और लूट के मामले में जेल चला जाए और उसका रास्ता क्लियर हो जाए। जब अंशू ने शारीरिक संबंध बनाने और लूट का विरोध किया तो उसने गुस्से में उस पर बांके से हमला बोल दिया। देवेंद्र ऊपर पहुंचा तो अंशू को खून से लथपथ देखकर रोने लगा। इसी दौरान मधुलिका उन्हें शीशे से ऊपर चढ़ती हुई दिखाई दीं तो ओमकार गेट पर खड़ा हो गया। जैसे ही मैडम ने गेट खोलने की कोशिश की तो ओमकार ने गेट अंदर को खींच लिया और मधुलिका मुंह के बल गिर गई और फिर ओमकार ने उन पर बांके से वार कर दिया, जिसके बाद तीनों नीचे गए और लूटपाट की। इस दौरान ओमकार ने कहा कि इन असहाय बुजुर्ग को क्यों छोड़ रहे हो। जिसके बाद देवेंद्र ने उनकी भी हत्या कर दी।

संजू ने पकड़वाया था देवेंद्र को

ओमकार ने बताया कि हत्या के बाद सभी एसके अग्रवाल के रूम से कोठी परिसर में निकले और संजू ने बांका फाउंटेन में फेंक दिया। फिर सभी फाउंटेन के रास्ते पीछे से कूदकर चले गए। उसने बताया कि देवेंद्र को जन्माष्टमी पर संजू ने ही प्लान के तहत पकड़वाया था। देवेंद्र की शादी हो चुकी थी, लेकिन उसके बाद भी वह अंशू को नहीं छोड़ रहा था। जब जन्माष्टमी पर देवेंद्र आया था तो संजू ने देवेंद्र के पिता को बुला लिया था। जब देवेंद्र के पिता ने मैडम से इस बारे में शिकायत की तो फिर उसे चोर कहकर पकड़ा दिया और फिर सभी ने उसकी पिटाई की। पुलिस भी पहुंची लेकिन पुलिस को अंदरूनी मामला बताकर लौटा दिया गया था। मधुलिका नहीं चाहती थीं कि अंशू के देवेंद्र से रिलेशन के बारे में कोई बात बाहर जाए। क्योंकि अंशू भी घर के सारे राज जानती थी।

इसलिए देवेंद्र रहा ढाई बजे तक

देवेंद्र ख् बजकर ब्0 मिनट तक कपूर फैक्ट्री में सीसीटीवी कैमरे में देखा गया। देवेंद्र ने सोचा कि यदि वह तुरंत भाग गया तो उस पर शक जाएगा। इसलिए वह देर तक फैक्ट्री में रहा जिससे लगे कि वह वारदात में शामिल ही नहीं था। ओमकार ने बताया कि अंशू और मधुलिका के शव को देखकर सभी घबरा गए थे और फिर जल्दबाजी में सामान लूटा। इसी के चलते शायद वे हाथ में पहनी ज्वैलरी नहीं निकाल सके।


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