नैनीताल से पटना आया डेंटिस्ट मुन्नाभाई खाएगा जेल की हवा

2019-07-03T06:00:25Z

PATNA : उत्तराखंड के नैनीताल के रहने वाले मो। अहमद को पटना के पत्रकार नगर थाना की पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इसके पास से बुद्धा डेंटल कॉलेज की फर्जी डिग्री बरामद की है। पुलिस टीम ने उसके साथ वैशाली जिला निवासी कुणाल शर्मा को भी गिरफ्तार किया है। इस मामले में बुद्धा डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ डीके सिंह ने फोन पर पत्रकार नगर थाना को गुप्त सूचना दी थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस फर्जीवाड़े के खेल में शामिल गिरोह तक पहुंचा जा सके।

8 लाख में खरीदी थी डिग्री

पुलिस ने बताया कि मो। अहमद अपना क्लीनिक खोलना चाहता था। इसके लिए उसने फर्जी डिग्री आठ लाख में खरीदी थी। दरअसल, उसे क्लीनिक खोलने के लिए इस डिग्री को डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के जरिये रजिस्ट्रेशन कराना था। रजिस्ट्रेशन के लिए सभी प्रकार के डाक्यूमेंट की जरूरत थी। पूछताछ में मो। अहमद ने बताया कि वह कोचिंग संचालक इमरत खान के माध्यम से पटना के बुद्धा डेंटल कॉलेज में डॉक्यूमेंट लेने आया था। उसने फर्जीवाड़े के इस खेल में उत्तराखंड के रामनगर के एक शख्स का नाम भी उसने लिया है।

एनओसी लेने के चक्कर में फंसा

दरअसल, फर्जी डिग्री कांटी फैक्ट्री स्थित बुद्धा डेंटल कॉलेज के नाम पर थी। डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कॉलेज के सभी डॉक्यूमेंट्स की जरूरत थी। लेकिन बुद्धा डेंटल कॉलेज का एनओसी पेपर मो। अहमद के पास नहीं था। मंगलवार को वह एनओसी पेपर निकलवाने के लिए ही पटना आया था। इस काम को कराने के लिए वह वैशाली के कुणाल को अपने साथ लेकर आया था। लेकिन जब उसकी डिग्री प्रिंसिपल डॉ डीके सिंह के पास आई तो उन्होंने बिना किसी देरी के इस मामले की सूचना पत्रकार नगर पुलिस को दे दी।

यूपी से जुडे़ हैं फर्जीवाडे़ के तार

शुरुआत में यह मामला बेहद सामान्य सा लग रहा था। लेकिन पुलिस की पूछताछ में मो। अहमद ने कई खुलासा किया। पूछताछ के दौरान पता चला कि उसे अपना क्लीनिक खोलने का जुनून था और इस बाबत उसने वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से आठ लाख रुपये देकर फर्जी डिग्री खरीदी थी।

हो सकते हैं बडे़ खुलासे

गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पटना पुलिस लगातार गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस मो। अहमद और कुणाल के जरिये इस खेल के मास्टमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। शातिरों के गैंग का कनेक्शन यूपी, उत्तराखंड और बिहार के अलावा अन्य राज्यों से भी हो सकता है।


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