बोला बदमाश नशे में पहुंच गया डॉक्टर के घर

2018-12-09T06:00:29Z

- पकड़ा गया आरोपी खुद को बता रहा बेगुनाह, गैंग के बारे में नहीं जानकारी, दोस्तों को छोड़ने गया था

- ऑटो चालक के साथ पी थी शराब, हॉस्पिटल में आया होश, पुलिस पूछताछ में जुटी

आगरा। शुक्रवार की देर रात द्वारिका पुरम कॉलोनी में चिकित्सक के यहां बदमाशों के धावा बोलने के मामले ने पुलिस को संशय में डाल दिया है। चिकित्सक के यहां से पकड़ा गया बदमाश खुद को बेकसूर बता रहा है। बदमाश का कहना है कि वह नशे में कैसे चिकित्सक के यहां पहुंच गया, उसे होश नहीं। हालांकि डॉक्टर की बिल्डिंग के सामने लगे सीसीटीवी में पकड़ा गया बदमाश गेट फांदता हुआ दिखाई दिया है। लेकिन पुलिस के अनुसार कैमरे में वह केवल अकेला है जबकि चिकित्सक ने दावा किया है कि चार बदमाशों ने उसके यहां धावा बोला था।

शटरिंग का काम करता है बदमाश

पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम वीर प्रताप सिंह पुत्र देवेंद्र सिंह निवासी गायत्री विहार सिकंदरा बताया। उसने पुलिस को बताया कि वह शटरिंग का काम करता है। उसके मालिक का नाम सुमन है जो हरिद्वार में रहते हैं। उसके साथ अजीत, जब्बर, लालचंद, संतोष भी काम करते हैं। शुक्रवार को चारों दोस्तों को लखनऊ जाना था। उसने चारों के साथ रामबाग पर देशी शराब पी।

बदमाश बनाता रहा कहानी

वीर प्रताप के मुताबिक दोस्तों के साथ ऑटो से आईएसबीटी आया था। दोस्तों को बस से लखनऊ जाना था। ऑटो ने सभी को बस स्टैंड छोड़ा लेकिन जब्बर का बैग ऑटो में रह गया। रात साढ़े सात बजे के बाद ऑटो चालक वापस आईएसबीटी उसका बैग वापस करने आया। इस पर जब्बर ने उसे शराब पीने का ऑफर दिया। वीर प्रताप ने दोस्तों को बस में चढ़ाया और ऑटो चालक को ड्रिंक कराने की जिम्मेदारी ले ली।

अंग्रेजी शराब में बिगाड़ी बात

वीर प्रताप ने अंग्रेजी शराब की बोतल खरीदी। आईएसबीटी पर ऑटो चालक के साथ शराब पी। इसके बाद उसे होश नहीं। उसका कहना है कि उसे जब होश आया तो डॉक्टर उसके पैर में टांके लगा रहे थे। बदमाश ने बताया कि उसे नहीं पता कि वह डॉक्टर के यहां क्यों और कैसे पहुंचा। उसके साथ तीन और कौन लोग थे, इसकी जानकारी भी नहीं है।

डॉक्टर ने जताई थी हत्या की आशंका

शुक्रवार की रात द्वारिका पुरम कॉलोनी कोठी नंबर-7 में बदमाशों ने डॉ। एसके सिंह के यहां धावा बोला था। शोर मचाने पर बदमाश भाग निकले लेकिन एक पकड़ा गया। डॉक्टर के मुताबिक पकड़े गए बदमाश ने बताया कि लखनऊ के सुमन ने उसे मारने के लिए भेजा है। बदमाश के पास से आधार कार्ड, दो सिम, भूटान की करेंसी और पर्स मिला है। डॉक्टर के मुताबिक बदमाश हथियार लहराते हुए भाग निकले। पुलिस ने तहरीर पर वीर प्रताप उर्फ भोलू पुत्र देवेंद्र सिंह व सुमन नाम के व्यक्ति के अलावा 3 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक डॉक्टर से सीसीटीवी फुटेज मांगी थी लेकिन अभी तक दी नहीं।

पिता कंपनी में है मैनेजर

पकड़े गए बदमाश वीर प्रताप ने बताया कि उसके पिता एक कंपनी में मैनेजर हैं। उसका इस मामले से कोई वास्ता नहीं है। यदि उसे फुटेज दिखाई जाए तो भागे हुए तीन लोगों को पहचान सकता है। उसका कहना है कि वह ऑटो चालक का गैंग हो सकता है। शराब के नशे में उसे होश नहीं था। इसी का फायदा उठा कर लोग उसे कॉलोनी में ले गए होंगे।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.