पुलिस पर हमला कर उधम को साथ ले जाना था

2014-07-19T07:01:29Z

- बिजनौर जेल से गाजियाबाद पेशी पर ले जा रही थी पुलिस

- बिजनौर-मीरापुर मार्ग पर उधम की पत्नी समेत छह को गिरफ्तार

- एसटीएफ और बहसूमा पुलिस ने किया ज्वाइंट ऑपरेशन

- योगेश भदौड़ा से चल रही लंबे समय से खूनी रंजिश

- उधम के फरार होने होने पर फिर शुरू हो जाती गैंगवार

Meerut : वक्त सुबह क्क् बजे। बिजनौर-मीरापुर मार्ग। रिमझिम बारिश हो रही थी। पुलिस की गाड़ी उधम सिंह को लेकर गाजियाबाद पेशी पर जा रही थी। पीछे चल रही थी सफेद रंग की स्कार्पियो एचआर क्0 एम 08म्0. शक होने पर एसटीएफ ने गाड़ी को घेर लिया। उसमें उधम सिंह की पत्नी गीतांजलि पांच लोगों के साथ सवार थी। तलाशी के दौरान उनके पास एक पिस्टल, तीन तमंचे, ख्भ् कारतूस बरामद हुए। आरोप है कि ये लोग पुलिस पर हमला कर उधम सिंह को भगाकर ले जाने वाले थे।

क्या थी प्लानिंग

पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी ओंकार सिंह ने बताया कि उधम सिंह करनावल पुत्र वीर नारायण निवासी करनावल थाना सरूरपुर के खिलाफ क्ब् हत्या समेत ब्7 मुकदमें मेरठ और दूसरे जिलों के थानों में पंजीकृत है। बिजनौर जेल में बंद उधम सिंह की शुक्रवार को गाजियाबाद कचहरी में पेशी थी। पेशी के दौरान उधम सिंह को भगाकर ले जाए जाने की प्लानिंग उधम की पत्नी गीता उर्फ गीतांजली ने उधम गैंग के सदस्य कपिल निवासी करनवाल, दीपक कुमार निवासी करनावल, शुभम निवासी भभीसा ग्राम, राजीव कुमार निवासी मोहल्ला इंद्रानगर तहसील सरधना और विजय पंवार निवासी छपरौली बागपत के साथ की थी। जेल में मिलाई के दौरान उधम सिंह से पूरी प्लानिंग के बारे में भी बता दिया गया था।

सफारी में थे गैंग सदस्य

एसएसपी ओंकार सिंह ने बताया कि जैसे ही बिजनौर जेल से उधम सिंह पेशी के लिए निकला तो मुखबिर और सर्विलांस के माध्यम से जानकारी मिली कि उधम सिंह को पुलिस कस्टडी से भगाने की प्लानिंग है, जिसके लिए एसटीएफ और बहसूमा पुलिस अलर्ट हो गई। जैसे ही बिजनौर जेल से पेशी पर उधम सिंह को ले जाए जाने के लिए जेल से गाड़ी निकली तो कुछ दूरी पर सफेद रंग की टाटा सफारी उधम के पीछे लग गई, जिसमें उधम की पत्नी समेत छह लोग हथियारों से लैस थे। एसटीएम ने सर्तकता से उधम की पत्नी गीता समेत गैंग के छह सदस्यों को बिजनौर-मीरापुर रुट से गिरफ्तार कर लिया है।

तो शुरू हो जाती गैंगवार

एसएसपी ओंकार सिंह ने माना यदि उधम सिंह पुलिस कस्टडी से फरार हो जाता तो ये उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। जेल से बाहर आने के बाद एक बार फिर गैंगवार शुरू हो जाती। उधम सिंह और योगेश भदौड़ा में काफी समय से खूनी रंजिश चल रही है, उधम सिंह पेशी के दौरान अपनी जान का खतरा जता चुका है। कुछ समय पूर्व उधम सिंह पर योगेश भदौड़ा द्वारा जानलेवा हमला किया जा चुका है, जो उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाता।

जमानत की उम्मीद नहीं

उधम सिंह और उनकी पत्नी समेत पूरे गैंग को उधम के जमानत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जब लंबे समय से जमानत नहीं मिली तो आखिरकार फरार होने के लिए पूरी ताना बाना बुना लेकिन पुलिस की सक्रियता से प्लानिंग धराशायी हो गई।

बरामद सामान

- एक पिस्टल, सात कारतूस

- तीन तमंचे, क्8 कारतूस

- सात मोबाइल फोन

- तीन सिम कार्ड

- ख्0,9ब्0 रुपये कैश

- कपड़े और कॉस्मेटिक से भरे दो बैग

- एक टाटा सफारी

गिरफ्तार आरोपी

-गीता उर्फ गीतांजलि (उधम की पत्नी)

-कपिल निवासी करनवाल,

-दीपक कुमार निवासी करनावल

-शुभम निवासी भभीसा ग्राम

-राजीव कुमार निवासी सरधना

-विजय पंवार निवासी बागपत

उधम सिंह पर ब्7 मुकदमें

उधम सिंह पर मेरठ ही नहीं बल्कि मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, बागपत में भी मुकदमें कायम है। कुल मिलाकर वर्तमान में उधम सिंह पर ब्7 मुकदमें चल रहे हैं। जिसमें पांच मुजफ्फरनगर, दो बागपत, एक गाजियाबाद बाकी मुकदमें मेरठ में पंजीकृत हुए है। उधम सिंह पर क्ब् हत्या से संबधित मुकदमे चल रहे है जबकि क्ब् केस गुंडा एक्ट के हैं। इसके अलावा एक एससी-एसटी, एक गैंग एक्ट और जान से मारने की धमकी देने का भी केस है। कई केस आर्म एक्ट के भी हैं।


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