24 घंटे बाद भी नहीं मिला डकैतों का सुराग

2018-12-02T06:00:32Z

- डीआईजी गढ़वाल को घटना स्थल पहुंचकर करना पड़ा मुआयना

देहरादून, शुक्रवार को राजपुर रोड स्थित मीडो प्लाजा में आईआईएफएल गोल्ड लोन कंपनी में दिनदहाड़े डकैती मामले में जब थाना पुलिस से लेकर एसएसपी तक की पड़ताल में डकैतों का कोई इनपुट नहीं मिल पाया तो मामले की पड़ताल को खुद गढ़वाल डीआईजी मौके पर पहुंचे। उन्होंने खुद कंपनी के स्टाफ से पूरे मामले की जानकारी ली और एक-एक कर्मचारी से वारदात को लेकर पूछताछ की। कंपनी के दफ्तर में जहां 4 हथियारबंद बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था, पूरा क्राइम सीन रिक्रिएट किया गया। हालांकि, अभी भी डकैतों को लेकर पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। मामले की तफ्तीश जारी है।

क्राइम लोकेशन पर दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम

शुक्रवार की सुबह 4 हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने राजपुर रोड स्थित मीडो प्लाजा में आईआईएफएल गोल्ड लोन कंपनी के ऑफिस में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। बदमाशों ने सुबह 11:40 बजे वारदात को अंजाम दिया था। ठीक इसी समय पर शनिवार को दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम कंपनी के ऑफिस पहुंची, ऑफिस में डालनवाला थाने की पुलिस टीम पहले से मौजूद थी और वारदात की पड़ताल कर रही थी।

डबल स्टोरी बिल्डिंग में सन्नाटा

डकैती के दूसरे दिन शनिवार को ठीक वारदात के ही समय पर 11:40 मीडो प्लाजा की डबल स्टोरी बिल्डिंग में सन्नाटा पसरा मिला। यहां करीब दो दर्जन से ज्यादा दुकाने हैं, लेकिन शनिवार को इनमें से अधिकांश ने दुकान नहीं खोली। पूरी बिल्डिंग में सिर्फ दो दुकानों के शटर खुले हुए थे। एक खुद गोल्ड लोन देने वाली कंपनी का ऑफिस और दूसरी एक मोबाइल कम्युनिकेशन की दुकान।

24 घंटे बाद डीआईजी ने खुद संभाला मोर्चा

वारदात हुए 24 घंटे बीत जाने के बाद भी डालनवाला पुलिस से लेकर एसएसपी की पड़ताल में बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला तो शनिवार को गढ़वाल डीआईजी अजय रौतेला खुद मीडो प्लाजा स्थित क्राइम लोकेशन पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर पूरा क्राइम सीन रिक्रिएट करवाया और वारदात को कैसे अंजाम दिया गया इसकी पड़ताल की। इसके बाद उन्होंने बंद कमरे में कंपनी के एक-एक कर्मचारी से पूछताछ की। इसके बाद वे मौके से रवाना हो गए।

सड़क से नहीं दिखाई देता कंपनी का ऑफिस

राजपुर रोड से मीडो प्लाजा में स्थित गोल्ड लोन कंपनी का ऑफिस नहीं दिखाई देता। केवल, ऑफिस का बोर्ड दिखाई देता है। ऐसे में कंपनी के कर्मचारियों का मानना है कि डकैतों ने मीडो प्लाजा के अंदर दाखिल होने के बाद फ‌र्स्ट फ्लोर में पहुंचने के बाद नकाब पहने होंगे और वारदात को अंजाम दिया।

डकैती पड़ी तो तैनात किए गार्ड

ब्रांच लोन कंपनी ने गार्ड तैनात कर दिया है। जबकि पहले गार्ड रखा गया था, लेकिन बाद में हटा दिया था। कर्मचारियों का मानना है कि यदि गार्ड होता तो डकैती की वारदात नहीं होती।

ब्रांच में आने के दो रास्ते

सड़क से लोन ब्रांच तक आने के लिए दो रास्ते है । इसमें भी फ्लोर में सीढ़ी चढ़ने के बाद दो रास्त हैं। ऐसे में ब्रांच कर्मचारी का मानना है कि डकैत किस रास्ते से आए यह पता लगाना असंभव है।

पुलिस पहुंचने के बाद पता चला डकैती का

ब्रांच के ठीक पिछले हिस्से में कुछ दुकाने खुली हुई थी, लेकिन उन्हें भी वारदात का पता नहीं चला। जब पुलिस के घटना स्थल पहुंचे के बाद ब्रांच में हुई डकैती का पता चला।

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पब्लिक कनेक्ट

पुलिस के आने के बाद वारदात का पता चला। दुकान पूरे दिन खुली रही। लेकिन कोई नकाबपोश व्यक्ति नहीं दिखाई दिया। हर दिन दर्जनों की संख्या में ब्रांच में लोगों का आना जाना रहता है।

ब्रिजमोहन शर्मा, दुकानदार

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ब्रांच के बराबर में मोबाइल सर्विज सेंटर की दुकान है। 11 बजे दुकान का शटर डाउन कर चला गया था। जब शाम को पहुंचा तो पुलिस खड़ी थी, पूछताछ करने पर वारदात का पता चला

जावेद, टेलर

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ब्रांच के दाए ओर प्रॉपर्टी डीलर की दुकान है। लोगों का आना जाना रहता है, दुकान खुल चुकी थी। लेकिन कोई नकाबपोश व्यक्ति जाते हुए नहीं दिखाई दिया। पुलिस के आने पर वारदात का पता चला।

दीपक, प्रॉपर्टी डीलर

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ब्रांच ठीक नीचे सिलाई की दुकान है। लोगों का आना जाना रहता है। लेकिन हैरान करने वाली बात है कि दस साल में पहली बार इस तरह की प्लाजा में घटना हुई है। इससे लोगों में काफी भय है।

इमरान हुसैन, मोबाइल रिपेयरर


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