इलेक्शन में बाहुबली बनेंगे बीट सिपाही

2019-02-12T06:00:46Z

- बढ़ रहा वीआईवी मूवमेंट, बढ़ जाएगी चुनाव तक जिम्मेदारी

- रजिस्टर पर दर्ज नहीं हुई सूचनाएं तो गिरेगी कार्रवाई की गाज

GORAKHPUR: लोक सभा चुनाव के नोटिफिकेशन जारी होने के पहले वीआईपी मूवमेंट ने पुलिस की पेशानी पर बल ला दिया है। फरवरी माह में प्रधानमंत्री की रैली से लेकर अन्य दलों के नेताओं का जमावड़ा होने की संभावना जताई जा रही है। चुनावी माहौल बनाने के लिए अन्य दलों के बड़े नेताओं का जमावड़ा होने की गुंजाइश बढ़ गई है। इसको देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। वीआईपी मूवमेंट, जनसभाओं और कार्यकर्ता सम्मेलनों की वजह से आमजन को कोई प्रॉब्लम न हो, इसके लिए ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है। वीआईपी कार्यक्रमों को देखते हुए बीट सिपाहियों की जिम्मेदारी बढ़ने जा रही है। एसएसपी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए विभिन्न तरह के बदलाव किए जाएंगे। तैयारी बैठकें करके सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कमियों को दूर किया जाएगा।

बीट वर्क रजिस्टर की होगी समीक्षा

किसी भी तरह की घटना होने पर बीट सिपाहियों को जिम्मेदार माना जाता है। बीट सिपाहियों की ड्यूटी होती है कि वह फील्ड में गश्त के दौरान पब्लिक से जुड़कर पुलिस का भरोसा बढ़ाएं। मोहल्लों में गलत काम करने वालों के संबंध में सूचनाएं इकट्ठा करें। पहले से रजिस्टर्ड बदमाशों की लिस्ट लेकर गुंडा, गैंगेस्टर की कार्रवाई, फरार बदमाशों की तलाश के लिए सुरागकशी करके सीनियर अफसरों को सूचना दें। आमतौर पर बीट सिपाहियों की भूमिका एक खुफिया कर्मचारी के रूप में भी बढ़ी होती है। इसलिए बीट सिपाहियों की जिम्मेदारी होती है कि वह अपनी हर सूचना को बीट रजिस्टर में दर्ज करें। लेकिन आमतौर पर बीट सूचना अपडेट नहीं हो पाती। इसलिए लोकसभा चुनाव को देखते हुए बीट सिपाहियों की जवाबदेही ज्यादा बढ़ाई जा रही है। बीट वर्क रजिस्टर में विभिन्न सूचनाओं को अपडेट का निर्देश एसएसपी पहले ही जारी कर चुके हैं। बीट पर अच्छा काम करने वाले सिपाहियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

क्या होता है सिपाही का बीट रजिस्टर

- हर थाना, पुलिस चौकी पर बीट वर्क रजिस्टर बनाया जाता है।

- इस रजिस्टर में हर सिपाही का नाम उसकी बीट के हिसाब से दर्ज होता है।

- दिनभर की ड्यूटी खत्म करने के बाद सिपाही पूरा ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज करते हैं।

- वीवीआईपी ड्यूटी या किसी अफसर के हमराही होने पर बीट सूचना मेंटेन करेंगे।

- सीओ की जिम्मेदारी होती है कि रजिस्टर का निरीक्षण करके कमियों को दूर करें।

- बीट सिपाहियों की सूचना का परीक्षण करने के लिए फील्ड में हकीकत परखेंगे।

- सूचना झूठी मिलने पर सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट एसएसपी को देंगे।

- एसओ और चौकी इंचार्ज बीट रजिस्टर की समीक्षा हर हफ्ते करके सीओ को रिपोर्ट भेजेंगे।

फैक्ट फिगर

जिले में कुल थाना- 26

कुल पुलिस चौकियां- 49

जिले में कुल पुलिस बल - 1949

इंस्पेक्टर - 40

सब इंस्पेक्टर - 450

कांस्टेबल - 1459

यह होगी बीट सिपाही की जिम्मेदारी

- अपनी-अपनी बीट पर सिपाही रोजाना गश्त करेंगे।

- पब्लिक के बीच में रहकर पुलिस के साथ संबंधों को मजबूत करेंगे।

- किस एरिया में कौन बदमाश एक्टिव है। उसका क्या मूवमेंट है। उससे कौन- कौन लोग मिलते हैं। इसका पूरा ब्यौरा अपडेट करेंगे।

- हर मोहल्ले के कम से कम पांच व्यक्तियों का मोबाइल नंबर, व्हाट्सअप नंबर रजिस्टर में दर्ज करेंगे। सूचना के लिए ग्रुप बनाएंगे।

- संभ्रात व्यक्तियों से मिलकर सूचना लेंगे। किसी अन्य को इस बात की कोई जानकारी नहीं देंगे। सूचना की पुष्टि करके रिपोर्ट तैयार करेंगे।


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