पॉवर हब बनेगा इलाहाबाद

2014-07-23T07:01:08Z

-4540 मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए बारा, मेजा और करछना में बन रहे हैं प्लांट्स

-2660 मेगावॉट के दो और पॉवर प्लांट्स को यूपी कैबिनेट ने दी मंजूरी

-प्रोजेक्ट्स पूरे होने पर यूपी के मेजर बिजली उत्पादक शहरों में शामिल हो जाएगा अपना शहर

-उद्योगों को मिल सकती हैं संजीवनी, विकास के रास्ते खुलेंगे

ALLAHABAD: इलाहाबाद को नोएडा की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां आने वाली औद्योगिक इकाइयों को वह सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी जो उन्हें नोएडा में मिलती हैं। आने वाले सालों में करीब पांच हजार करोड़ का इंवेस्टमेंट होगा। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जब ये बातें सामने आ रही थीं तो भरोसा करना मुश्किल था। लेकिन, अब जो कदम उठाए जा रहे हैं वह संकेत देते हैं कि वह नेताओं का भाषण नहीं बल्कि इलाहाबाद के सुनियोजित विकास की बात कर रहे थे। फिलहाल तो संसाधन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि औद्योगिक इकाइयां सिर्फ इस कारण से यहां आने से न कतराएं कतराएं कि संसाधन नहीं है।

इंडस्ट्रीज पर लगता जा रहा था ताला

इलाहाबाद करीब दो दशक पहले तक औद्योगिक इकाइयों के मामले में बेहद रिच था। हजारों हाथों को काम मिलता था त्रिवेणी और आईटीआई में। यहां का ट्रांसफारमर रिपेयरिंग उद्योग बेहतरीन चल रहा था। इन उद्योगों की ही देन थी कि नैनी एरिया आबाद हो गया। रोजगार के तमाम अवसर बढ़े। लेकिन, संसाधनों की कमी धीरे-धीरे रास्ते का रोड़ा बनने लगी और अब स्थिति यह है कि यह एरिया आलमोस्ट उद्योग शून्य हो चुका है। अब एक बार फिर गवर्नमेंट को इसकी सुध आई और नए तरीके से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करके माहौल तैयार किया जा रहा है ताकि बड़ी कंपनियां भी यहां प्लांट डालने से न कतराएं।

ट्रांसपोर्ट सिस्टम सुधारने की पहले

नैनी इंडस्ट्रियल एरिया से लगे छिंवकी स्टेशन पर माल गोदाम पहले से ही है लेकिन यह इस स्तर पर डेवलप नहीं है। हालांकि, रेलवे ने इस स्टेशन को अपने स्पेशल प्रोजेक्ट में यह कहते हुए शामिल किया है कि इलाहाबाद जंक्शन का रश कम किया जाएगा। लेकिन, छिंवकी को विकसित करने का जो खाका तैयार किया गया है जो वह इलाहाबाद जंक्शन से मिलता-जुलता है। यानी पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन के साथ माल ढुलाई को नया प्लेटफॉर्म मिलेगा। दिल्ली हावड़ा रूट पर मालगाडि़यों के लिए अलग से रूट तैयार करने पर काम चल ही रहा है। मुंबई रूट का यहां से डायरेक्ट लिंक उद्योगों के लिए संजीवनी का काम करेगा। रोड ट्रांसपोर्टेशन सुधारने के लिए रीवां रोड का नक्श बदलने का काम शुरू हो चुका है। यह भी एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

जमीन की कमी नहीं

नैनी औद्योगिक एरिया को डेवलप करने की जिम्मेदारी यूपीएसआईडीसी के पास है। संस्थान के बाद जमीन की कोई कमी नहीं है। उद्योगों का सिमटते जाना संस्थान के लिए भी चिंता का विषय है। इसे लेकर सांसद भी चिंता जता चुके हैं और गवर्नमेंट के पास इलाहाबाद में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट की संभावनाएं तलाशने के लिए लेटर लिख चुके हैं। पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह पहले ही बता चुके हैं कि इलाहाबाद में करीब पांच हजार करोड़ रुपए इंडस्ट्रीज के लिए माहौल तैयार करने पर खर्च किए जाएंगे। मारुति भी यहां प्लांट लगाने वाली है। इससे माना जा रहा है कि यूपी गवर्नमेंट का नया कदम इसी दिशा की ओर बढ़ाया गया एक कदम है।

ख्म्म्0 मेगावाट के होंगे दोनों प्लांट

यूपी कैबिनेट द्वारा मंगलवार को लिए गए फैसले में मेजा में कुल ख्म्म्0 मेगावाट की दो यूनिट लगाए जाने को मंजूरी दी गई है। बैठक में कुल तीन पॉवर प्लांट लगाए जाने का निर्णय लिया गया जिसमें एक क्म्म्0 मेगावाट का पनकी तापीय विस्तार योजना योजना को भी अप्रूवल दिया गया है। इसके लिए डीपीआर में ब्7क्ख्.फ्क् करोड़ रुपए की लागत आएगी। वहीं मेजा में दो यूनिट फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए यूपी राज्य विद्युत उत्पादन निगम के अंशदान डेढ़ करोड़ के अग्रिम भुगतान के प्रस्ताव को भी अनुमोदित कर दिया गया है।

दो पावर प्लांट जल्द होंगे पूरे, एक का जिम्मा यूपी ने लिया

बता दें कि इलाहाबाद में पहले से ही तीन पॉवर प्लांट लगाए जाने का काम पिछले कुछ सालों से चल रहा है। इसमें जेपी ग्रुप द्वारा बारा में क्980 मेगावाट, मेजा में एनटीपीसी द्वारा क्फ्ख्0 मेगावाट के पॉवर प्लांट का काम अगले एक से दो साल में पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा किसानों के विरोध के चलते करछना में लगाए जाने वाले क्फ्ख्0 मेगावाट के पॉवर प्लांट को पूरा करने का जिम्मा उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड ने ले रखा है। इन तीनों को कंपलीट करने की कवायद पिछले पांच से छह सालों से चल रही है।

इलाहाबाद पैदा करेगा 7ख्00 मेगावाट बिजली

अगर इन पांचों पॉवर प्लांट से पैदा होने वाली बिजली को जोड़ा जाए तो भविष्य में इलाहाबाद देश के नक्शे पर एक बड़ा पॉवर हब बनकर उभरेगा। जिससे केवल यूपी ही नहीं बल्कि देश के दूसरे प्रदेशों की बिजली की समस्या हल की जा सकेगी। इसके अलावा हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। बता दें कि पांचो पॉवर प्लांट से कुल 7ख्00 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। जिसे ग्रिड के जरिए आवश्यकता के अनुसार दूसरे शहरों में सप्लाई किया जा सकेगा। जानकारी के मुताबिक आजादी के बाद से अभी तक जिले में एक भी पॉवर यूनिट नहीं लगाई जा सकी थी, लेकिन कुछ सालों के अंतर में एक साथ पांच बड़े पॉवर प्लांट को मंजूरी मिलना एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

पहले से चल रहा है काम

बारा पॉवर प्लांट

स्पांसर- प्रयागराज पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड

लोकेशन-बारा विलेज

परमिट्स एंड लोकेशंस-सितंबर ख्009

प्रस्ताव तैयार हुआ ख्007 में

कैपेसिटी-क्980 मेगावाट

पहले चरण में म्म्0 मेगावॉट के तीन प्लांट काम करेंगे

ख्0क्भ् तक अस्तित्व में आ जाना प्रस्तावित

करछना थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट

स्पांसर-संगम पावर जनरेशन कंपनी

पैरेंट-जेपी ग्रुप (अब इसका काम यूपीपीसीएल ने ले लिया है)

लोकेशन-करछना विलेज

ख्007 में प्रस्ताव बना था।

परमिट्स एंड अप्लीकेशंस-अक्टूबर ख्009

किसानों से जमीन अधिग्रहण में आ रही दिक्कतों को देखते हुए जेपी ग्रुप ने इससे अपने हाथ खींच लिए

ख्0क्क् में भूमि से संबंधित मामला साल्व हुआ और अब इस पर काम चल रहा है

कैपेसिटी-क्फ्ख्0 मेगावाट

मेजा थर्मल पावर प्रोजेक्ट

एनटीपीसी और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि। का ज्वाइंट वेंचर

पैरेंट-एनटीपीसी

लोकेशन-मेजा विलेज

परमिट्स एंड लोकेशंस-जून ख्0क्ख्

कैपेसिटी-क्फ्ख्0 मेगावाट

इस पॉवर प्लांट के लिए 7भ्7भ् करोड़ का लोन एसबीआई, एसबीआई कैपिटल मार्केट और सिंडीकेट बैंक के साथ कुल क्म् बैंकों ने पास किया है

विद्युत उत्पादन ख्0क्म् में शुरू होने की संभावना

इसमें एनटीपीसी और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत वितरण निगम का बराबरा का शेयर होगा


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