अधर में स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियां

2018-12-01T06:00:36Z

देर रात तक निगम में जारी रहा विभागीय फीड बैक का अपडेट

1 जनवरी से शुरु होगा जनता का फीड बैक अभियान

Meerut । स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की तैयारियों को लेकर निगम के दावों को साबित करने में खुद निगम ही विफल हो रहा है। नगर निगम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण से संबंधित अपनी तैयारियों और अब तक किए गए कार्यो का 30 नवंबर तक फीड बैक निगम की वेबसाइट पर अपलोड करना था। फीड बैक के लिए नगरायुक्त ने निगम के आला अधिकारियों को 30 नवंबर तक का समय दिया था, लेकिन बावजूद इसके 60 प्रतिशत डाटा अपडेट हो सका।

महज 60 प्रतिशत अपडेट

निगम के विभिन्न विभागों द्वारा चाहे व स्वास्थ्य विभाग हो, जलकल, निर्माण विभाग, मार्ग प्रकाश विभाग या डिपो प्रभारी स्तर पर सभी को अपने अपने द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए अब तक किए गए कार्य और बाकी काम का पूरा ब्यौरा 30 नवंबर तक देना था। इसके लिए शुक्रवार को देर रात तक निगम के आला अधिकारी देर रात तक अपने सभी वार्डो में हुए सफाई के काम से लेकर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और ओडीएफ तक का ब्यौरा अपलोड करने में जुटे रहे।

विभागीय डॉक्यूमेंटेशन का काम जारी है। अधिकतर विभागों का फीड बैक आ चुका है। करीब 60 प्रतिशत डाटा अपलोड किया जा चुका है।

मनोज त्रिपाठी, नोडल अधिकारी स्वच्छता सर्वेक्षण

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हेडिंग- ओडीएफ के सर्वेक्षण के लिए बनेगी निगम की टीम

- ओडीएफ का टारगेट की जांच के बाद होगी मार्किंग

आई स्पेशल

मेरठ। स्वच्छता सर्वेक्षण में अब तक मेरठ नगर निगम की सबसे महत्वपूर्ण उम्मीद बने हुए ओडीएफ पर भले ही नगर निगम शत प्रतिशत दावा प्रस्तुत किया हो लेकिन इस दावे की जांच के बाद ही निगम दावे का लाभ उठा सकेगा। इसके लिए लखनऊ के निगम अधिकारियों द्वारा ओडीएफ की जांच की जाएगी। यह निरीक्षण औचक होगा लेकिन कब होगा इसकी खुद निगम के अधिकारियों को भी जानकारी नही है।

6 हजार कम हुआ ओडीएफ लक्ष्य

स्वच्छता सर्वेक्षण में कूड़ा निस्तारण के बाद ओडीएफ सर्वेक्षण का महत्वपूर्ण मानक है। इन मानक को पूरा करने के लिए मेरठ को 18974 शौचालयों का लक्ष्य मिला हुआ था। जिसे कम करते हुए मुख्यालय ने 12050 शौचालयों का लक्ष्य मेरठ को दिया था। निगम ने इस टारगेट में से 90 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। ऐसे में निगम ओडीएफ में सौ प्रतिशत की निगम ने दावे दारी पेश की है।

अपलोड होंगे फोटो

निगम द्वारा यह लक्ष्य को पूरा करने के बाद आवेदनों के अनुरुप शौचालय का निर्माण पूरा कर उनकी फोटो निगम की वेबसाइट पर अपलोड करने का काम किया जा रहा है। इस डाटा के आधार पर ऑन स्पॉट शौचालयों का निरीक्षण किया जाएगा।

वर्जन-

ओडीएफ का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसका मुख्यालय स्तर पर निरीक्षण होगा और जनता द्वारा इसकी रेटिंग की जाएगी।

- मनोज त्रिपाठी, नोडल अधिकारी


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