पुलवामा आतंकी हमले के बाद प्रियंका ने कहा ये दुख की घड़ी राजनीतिक चर्चा नहीं करेंगे

2019-02-15T12:45:13Z

शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा और वहां से चली गयीं।

- प्रियंका ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद स्थगित की प्रेस कांफ्रेंस
- रामलाल राही और अवतार सिंह भड़ाना कांग्रेस के पाले में आए

- शिवपाल को लेकर संशय बरकरार, फोन पर हुई थी प्रियंका से बात
lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के जवानों के शहीद होने की घटना ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को भी सकते में डाल दिया । गुरुवार शाम सात बजे जब देश भर के मीडिया की नजरें प्रियंका गांधी की बहुप्रतीक्षित प्रेस कांफ्रेंस पर टिकी थी, प्रियंका ने वहां आकर कहा कि यह राजनीतिक चर्चा का समय नहीं है । मैं शहीद जवानों के परिजनों से कहना चाहती हूं कि दुख की इस घड़ी में एक-एक देशवासी आपके साथ है । आप हौसला बनाए रखें, हम सब कंधे से कंधा मिलाकर आपका साथ देंगे । इसके बाद उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा और वहां से चली गयीं ।
गठबंधन पर संशय बरकरार
वहीं दूसरी ओर गुरुवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस के गठबंधन को लेकर संशय बरकरार रहा । सूत्रों की मानें तो प्रसपा के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने फोन पर प्रियंका गांधी से बात भी की पर उन्होंने व्यस्त होने और दो-तीन दिन के भीतर मिलने की बात कही । दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं की मानें तो प्रसपा और कांग्रेस का गठबंधन लगभग तय है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा हो जाएगी । गुरुवार शाम प्रियंका की प्रेस कांफ्रेंस में इसका ऐलान होने की संभावना जताई जा रही थी लेकिन पुलवामा के आतंकी हमले की वजह से कोई भी राजनीतिक ऐलान नहीं किया गया । हालांकि गुरुवार को चार बार से सांसद और वर्तमान में मुजफ्फरनगर के मीरापुर से बीजेपी विधायक अवतार सिंह भड़ाना और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता रामलाल राही ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली । दोनों पहले भी कांगे्रस में रह चुके हैं । भड़ाना ने यूपी विधानसभा में अपनी सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया है ।
रात 2.30 बजे तक की बैठक
प्रियंका ने बुधवार को भी रात 2.30 बजे तक बैठक कर लोकसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन की क्षमता को परखा । इसके बाद वो दोपहर करीब दो बजे फिर कांग्रेस मुख्यालय आ गयीं और बैठकों का दौर शुरू कर दिया । गुुरुवार को उन्होंने घोसी, सलेमपुर, बलिया, जौनपुर, मछलीशहर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर और राबर्ट्सगंज के नेताओं से मुलाकात की । उनका शुक्रवार को वापस दिल्ली जाने का कार्यक्रम है जिसके बाद वो आगामी 18 फरवरी से जिलों का दौरा कर सकती हैं ।



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