बेसहारा महिलाओं को सरकार देगी सहारा

2018-08-22T06:00:26Z

-जॉब ओरिएंटेड कोर्सेज में ट्रेंड कर बनाएंगे हुनरमंद, मिलेगा रोजगार

-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल स्थित आशा ज्योति केन्द्र में दी जाएगी ट्रेनिंग

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VARANASI

बेसहारा महिलाओं को सरकार सहारा देगी। पं। दीनदयाल उपाध्याय डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल स्थित आशा ज्योति केन्द्र में बने ट्रेनिंग सेंटर में उन्हें विभिन्न जॉब ओरिएंटेड कोर्सेज में ट्रेंड कर हुनरमंद बनाया जाएगा। जिससे वे रोजगार हासिल कर सकेंगी, या फिर खुद का व्यवसाय शुरू कर सकेंगी। फिलहाल फ‌र्स्ट फेज में तीन कोर्सेज में ट्रेनिंग के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) से अप्रूवल मिल गया है। जिला प्रोबेशन विभाग की ओर से ऐसी महिलाओं का चयन भी किया जा चुका है। अफसरों के मुताबिक सितम्बर के पहले वीक से ट्रेनिंग शुरू होने की उम्मीद है।

पीडि़त महिलाओं को वरीयता

दरअसल, प्रदेश का महिला कल्याण विभाग हिंसा पीडि़त महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना चाहता है। इसके लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत उनको आत्मनिर्भर बनाने का प्लान तैयार किया गया है। विभागीय अफसरों के मुताबिक बड़ी संख्या में तलाकशुदा, परित्यक्ता, बहुविवाह व विधवा महिलाओं की देखभाल घरवाले सही तरीके से नहीं करते हैं। ऐसे में कोई सहारा नहीं होने से ऐसी महिलाएं असहाय हो जाती हैं, लेकिन अब ये महिलाएं रोजगारपरक कोर्सेज में ट्रेंड होकर अपने पैरों पर खड़ा हो सकेंगी। साथ ही समाज में उनकी स्वावलम्बी महिला के रूप में अलग पहचान भी बनेगी।

इन कोर्सेज में होगी ट्रेनिंग

- बीपीओ एंड कॉल सेंटर

- टेलरिंग एंड फैशन डिजाइनिंग

- ब्यूटीशियन एंड हेयर स्टाइल

ट्रेनिंग के बारे में जानें

- तीनों कोर्सेज में रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग नि:शुल्क है।

- जिला प्रोबेशन विभाग खुद ऐसी महिलाओं का सर्वे करा रहा है।

- इच्छुक महिलाएं खुद प्रोबेशन कार्यालय से सम्पर्क कर अपनी रुचि के हिसाब से रजिस्ट्रेशन करा सकती हैं।

-ट्रेनिंग पूरी होने के बाद विभाग एनएसडीसी का सर्टिफिकेट देगा। जिसका प्रयोग जॉब और लोन लेने में कर सकेंगी।

- दो कोर्सेज में ट्रेनिंग लेने के लिए न्यूनतम योग्यता कक्षा आठ पास होना जरूरी है।

- बीपीओ एंड कॉल सेंटर में ट्रेनिंग के लिए योग्यता हाईस्कूल है।

एक नजर

03

कोर्सेज में फ‌र्स्ट फेज में होगी ट्रेनिंग

06

महीने होगी प्रत्येक कोर्स अवधि

30

महिलाओं की एक कोर्स में होगी ट्रेनिंग

50

से ज्यादा महिलाओं का हुआ रजिस्ट्रेशन

वर्जन-

हिंसा पीडि़त महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। एनएसडीसी के मॉड्यूल के हिसाब से एक्सपर्ट चयनित महिलाओं को ट्रेनिंग देंगे। महिलाओं की संख्या पूरी होते ही ट्रेनिंग शुरू करा दी जाएगी।

प्रवीण त्रिपाठी, जिला प्रोबेशन अधिकारी


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