दहेज के लिए बरेली की बेटी को चूल्हे की लकड़ी से दागा

2015-01-07T07:02:16Z

ससुराल में सास और ननदों ने चूल्हे की जलती लकड़ी से दागा

गोद में 6 माह का बच्चा भी जला, सुभाषनगर थाना में की शिकायत

BAREILLY: राजस्थान में ब्याही बरेली की एक बेटी को दहेज के लिए चूल्हे की जलती लकड़ी से जगह-जगह दाग दिया। इस दौरान गोद में छह माह का मासूम भी जलती जल गया। जुल्म की इंतहा तो तब हो गई, जब तड़पते हाल में उसे कमरे में बंद कर दिया। कमरे के बाहर बेटा भूख और दर्द से छटपटा रहा था, बंद कमरे में जख्म मां की पीड़ा और बढ़ गई। जान जोखिम में देख पीडि़ता किसी तरह भागकर बरेली आयी। बेटी का हाल देख घरवालों की आंखों से आंसू बह निकले। ट्यूजडे को महिला ने परिजनों के साथ मिलकर सुभाषनगर थाना में शिकायत की है।

एक बार समझौता कर ले गए थे वापस

खन्ना बिल्डिंग, सुभाषनगर निवासी रिम्पी की शादी 8 नवंबर ख्00ब् को गोविंदगढ़, अलवर राजस्थान निवासी कमलजीत से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल वालों ने दहेज की डिमांड करनी शुरू कर दी। परिवार चलता रहे इसलिए उसके मायके वाले छोटी-छोटी मदद करते रहे। जब उत्पीड़न बढ़ता गया तो तंग आकर उसने ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। लेकिन बाद में सभी समझौता कर उसे घर वापस लेकर चले गए। रिम्पी के पिता बीमार रहते हैं।

जलाने के बाद कमरे में कर दिया बंद

रिम्पी का आरोप है कि ब् जनवरी को सुबह ग्याहर बजे सास मालती और ननदों बलजीत और साहिबा ने मिलकर उसे मायके से कहा कि वह अपने मायके फोन करके कहे कि वो उन्हें एक सोने की अंगूठी, क्0 हजार रुपये और मोटरसाइकिल लाकर दें। जब उसने फोन करने से मना किया तो तीनों ने मिलकर उसकी लात-घूंसों से जमकर पिटाई की। यही नहीं चूल्हे में जल रही लकडि़यों से तड़पा-तड़पा कर जलाया और कमरे में बंद कर दिया। इसमें उसका बच्चा भी मामूली रूप से जल गया। भ् जनवरी की रात में करीब नौ बजे वह किसी तरह से घर से निकलकर भागकर बरेली पहुंची और सुबह बरेली पहुंची।


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