आशा वर्कर्स का सचिवालय कूच पुलिस ने रोका

2019-03-01T06:01:02Z

18000 रुपये प्रति माह स्टाइपेंड की मांगा को लेकर आंदोलन

- पुलिस ने सचिवालय के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोका

देहरादून : मिनिमम स्टाइपेंड 18000 रुपए प्रतिमाह किए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर आशा वर्कर्स ने थर्सडे को परेड ग्राउंड स्थित धरनास्थल से सचिवालय कूच किया। पुलिस ने उन्हें सचिवालय से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। आशा वर्कर्स वहीं धरने पर बैठ गईं। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

सरकार पर लगाये आरोप

सुबह बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स परेड ग्राउंड स्थित धरनास्थल पर एकत्रित हुई। उन्होंने आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री संगठन के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को संबोधित करते संगठन की महामंत्री ललितेश विश्वकर्मा ने कहा कि आशा वर्कर्स लंबे समय से मिनिमम स्टाइपेंड 18000 रुपए करने, आशा फैसिलिटेटर को 24000 प्रतिमाह स्टाइपेंड दिए जाने की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही। इसके अलावा आशा वर्कर्स और फैसिलिटेटरों को ईपीएफ और ईएमआई के दायरे में लाकर पेंशन भुगतान करने की मांग भी वर्कर्स व आशा फैसिलिटेटर की कार्य के दौरान दुर्घटना या मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये मुआवजा राशि, रिटायरमेंट बेनिफिट के रूप में एक मुश्त पांच लाख रुपये का भुगतान, अनुभवी आशा वर्कर्स को टीकाकरण का प्रशिक्षण, उम्र की बाध्यता समाप्त कर आशा फैसिलिटेटर व एएनएम के रूप में पदोन्नति, यात्रा भत्ता, प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान व हॉस्पिटल्स में रेस्टरूम की व्यवस्था की भी मांग की रखी। उन्होंने कहा कि अगर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को तेज करेंगे।


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