पब्लिक को 24 घंटे से नहीं मिला पानी

2013-09-29T10:10:10Z

Meerut 23 तारीख की जनरल बोर्ड बैठक में मुद्दा आया था कि सदर और उसके आसपास के इलाकों में पानी का प्रेशर ठीक नहीं है हजारों की पब्लिक को ठीक से पानी सप्लाई नहीं हो रहा है जिसे ठीक करने का आश्वासन भी दिया गया था इस बात को हफ्ता पूरा होने जा रहा है लेकिन समस्या दूर होने जगह और भी ज्यादा बिगड़ चुकी है पिछले 24 घंटों से आधा दर्जन से अधिक इलाकों में पानी ही सप्लाई नहीं हुआ है करीब दस हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं

यहां हैं दिक्कतें
पिछले 24 घंटों से जहां पानी नहीं आया है वो इलाके सदर, धर्मपुरी, रंगसाज मोहल्ला, चाणक्यपुरी, रविंद्रपुरी, दालमंडी, ढोलकी मोहल्ला, रंजीत पुरी, आबूलेन का क्षेत्र आदि हैं. यहां लोग पानी के बिना काफी परेशान हैं.

इस पंप में है दिक्कत
रविंद्र पुरी के ओवर हेड टैंक में पिछले 10 दिनों से सप्लाई मोटर  के सेप्ट में खराबी है. जिसका वॉल्व में 55 हजार रुपए का खर्चा होना है. जिसका जिक्र कैंट बोर्ड की मीटिंग में सीईओ डॉ. डीएन यादव ने किया भी था. कैंट बोर्ड के अधिकारियों की माने तो ये वॉल्व मेरठ में उपलब्ध नहीं है. जिसकी वजह से देरी हुई. इसका दिल्ली और आसपास के शहरों से इंतजाम किया जा रहा है.
15 से 20 लाख का खर्च
वार्ड-6 के मेंबर ने कहा कि कैंट पानी की सप्लाई पर 15-20 लाख हर महीने खर्च करते हैं, तो फिर पंप को ठीक करने में इतना वक्त क्यों लग रहा है? समझ से परे है? बोर्ड मीटिंग 23 तारीख को थी. सप्ताह भर में क्या कैंट बोर्ड के संबंधित डिपार्टमेंट को वॉल्व नहीं मिला बड़े ही ताज्जुब की बात है. वहीं कैंट बोर्ड के पीआरओ की माने तो सभी जगहों पर वाटर टैंक भेज दिए गए हैं. डिपार्टमेंट पंप ठीक करने लगा हुआ है. उम्मीद है कि सुबह तक सब कुछ नॉर्मल हो जाएगा.
'हम पिछले 10 दिनों से काफी परेशान हैं. पिछले 24 घंटे से पानी की सप्लाई भी नहीं हुई है. सारे काम रुके हुए हैं. कोई भी सुनने को तैयार नहीं है.'
- सतीश शर्मा, रविंद्र पुरी
'पानी की काफी दिक्कत हो रही है. शनिवार को खरीदकर पानी पीना पड़ा. नहाने की तो काफी दूर की बात है. इतनी  बड़ी तो कोई प्रॉब्लम भी नहीं है.'
- रिंकू चड्डा, चाणक्यपुरी
'कैंट बोर्ड को अपना बिल और टैक्स टाइम पर चाहिए. लेकिन सुविधाओं के नाम पर और किसी भी समस्या को सुलझाने में इतनी क्यों लगती है.'
- अवधेश शर्मा, रंगसाज मोहल्ला
'पब्लिक की न तो कैंट बोर्ड के ऑफिसर्स सुनते हैं और वार्ड मेंबर. पानी न आने से पब्लिक को काफी परेशानी हो रही है.'
- नौशाद अली, रविंद्र पुरी



This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.