अंडरग्राउंड की जगह दौड़ा दी मौत की लाइन

2018-11-17T06:00:44Z

- कूड़ाघाट एरिया में सड़क चौड़ीकरण के बाद अंडरग्राउंड की जानी थी हाईटेंशन लाइन

- पीडब्ल्यूडी ने दोबारा पोल लगा 50 घरों के करीब बिछा दिए 11 हजार वोल्ट के तार

GORAKHPUR: पीडब्ल्यूडी की लापरवाही शहर के 50 घरों पर मौत का खतरा बनकर झूल रही है। विभाग ने कूड़ाघाट एरिया में अंडरग्राउंड लाइन बिछाने की जगह सड़क चौड़ीकरण के बाद दोबारा पोल लगा 11 हजार वोल्ट की ओवरहेड हाईटेंशन लाइन बिछा दी है। जिसस यहां बनीं कई दो मंजिला इमारतों से बिजली के तार काफी नजदीक से गुजरने से लोगों के लिए खतरा बन गया हैं। वहीं, जिम्मेदार हैं कि पूर्व में हुए कई हादसों से भी सबक नहीं ले रहे हैं। अगर यहां बिजली की लाइन किसी कारण से टूट जाती है तो लोगों की जान पर बन सकती है।

पुरानी हाईटेंशन 11 हजार की लाइन कूड़ाघाट से होते हुए एम्स तक निकलती है। इस ओवरहेड लाइन को अंडरग्राउंड बनाया जाना था लेकिन सड़क चौड़ीकरण करने के बाद पीडब्ल्यूडी ने अंडरग्राउंड लाइन की जगह ओवरहेड लाइन ही बना दी। जिसके चलते बिजली तार 50 घरों के बेहद नजदीक हो गए हैं। सूत्रों की मानें तो बिजली निगम और पीडब्ल्यूडी के बीच तय हुआ था कि सड़क चौड़ीकरण के साथ 11 हजार लाइन अंडरग्राउंड होगी लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही का आलम ये कि लोगों के आवास से सटे ही दोबारा ओवरहेड लाइन दौड़ा दी गई है।

गन्ना शोध संस्थान के साथ बिछी थी लाइन

जिस समय कूड़ाघाट एरिया में गन्ना शोध संस्थान की स्थापना हुई थी उसी समय 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन दौड़ाई गई थी। लेकिन समय के साथ आबादी घनी होती गई और एरिया में ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी होती गईं। हालांकि हाईटेंशन लाइन को हटवाने के लिए कई बार लोगों ने बिजली विभाग में लिखित पत्र दिया। जिस पर विचार भी किए गए। कई विभागों के साथ बैठकैं भी हुईं। तय हुआ कि यहां सड़क चौड़ीकरण कर हाईटेंशन लाइन को अंडरग्राउंड कर दिया जाएगा। विभागीय सूत्रों की मानें तो इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई लेकिन विभाग ने बिना सोचेसमझे अंडरग्राउंड लाइन की जगह ओवरहेड लाइन दौड़ा दी है।

कोट्स

इस एरिया में करीब 50 घर हाईटेंशन लाइन के नीचे बने हैं। उम्मीद थी कि अंडरग्राउंड केबल बिछाए जाने पर सब ठीक हो जाएगा लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते हाईटेंशन के खतरे से लोग अभी भी परेशान हैं।

- राजेंद्र कुमार, प्रोफेशनल

यह बहुत ही पुरानी लाइन है। इस एरिया से लाइन को हटवाने के लिए लोगों ने बिजली निगम में लिखित पत्र दिया था लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उम्मीद थी कि सड़क चौड़ीकरण होने के साथ हाईटेंशन लाइन हटा दी जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

- राकेश गुप्ता, प्रोफेशनल

प्रस्ताव के बाद भी संबंधित विभाग द्वारा गलत तरीके से कार्य किया जा रहा है। ओवरहेड लाइन बना दिए जाने से लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है। शिकायत के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है।

- विष्णु गुप्ता, सर्विसमैन

वर्जन

पीडब्ल्यूडी ने हमारे प्रस्ताव पर कार्य नहीं किया है और आनन-फानन में लोगों के घरों से सटाकर हाईटेंशन लाइन दौड़ा दी है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसकी जांच कराई जा रही है।

- एनके श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता माध्यमिक कार्य मंडल पावर कॉर्पोरेशन


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