MillennialsSpeak #RaajniTEA लखनऊ में यूथ बोले स्पो‌र्ट्स में करप्शन से करें फाइट मनी नहीं टैलेंट हो राइट

2019-03-07T08:57:43Z

दैनिक जागरण आईनेक्स्ट इन एसोसिएशन विद रेडियो सिटी 91 1 एफएम लाया है मिलेनियल्स स्पीक जनरल इलेक्शन 2019 जो बुधवार को चौक स्टेडियम में आयोजित किया गया

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LUCKNOW: आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए वोटर्स अपने मुद्दों के साथ तैयार हो रहे हैं. वे उम्मीद करते हैं कि तो इस बार उनके मुद्दों पर राजनैतिक दल ध्यान देते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे. लोगों के बीच कौन से मुद्दों इस बार हावी रहेंगे, यही जानने के लिए दैनिक जागरण आईनेक्स्ट इन एसोसिएशन विद रेडियो सिटी 91.1 एफएम लाया है मिलेनियल्स स्पीक जनरल इलेक्शन 2019. जो बुधवार को चौक स्टेडियम में आयोजित किया गया.

जॉब दे गवर्नमेंट
मिलेनियल्स स्पीक के मंच पर जब आरजे मयंक ने अपने मस्तमौला अंदाज में लोगों को राजनी-टी के बारे में बताया तो सभी एक्साइटेड नजर आए. सबसे पहले मुद्दों पर बात करते हुये राजू कुमार ने कहा कि पुलवामा की आतंकी घटना आक्रोश भरने वाली थी. उसपर हो रही राजनीति खराब है. राजनेताओं को चाहिए इसपर राजनीति न करें. आर्मी को पूरी छूट दी जाए जिससे आतंकवाद खत्म हो सके. कुछ ऐसा ही कहना था धीरज और अब्दुल का. वे भी कहते हैं कि आतंकवाद बड़ा मुद्दा है. गवर्नमेंट को इस पर सोचना चाहिए. वहीं रवि कुमार ने कहा कि बेरोजगारी बड़ी समस्या है. गवर्नमेंट को चाहिए कि वह यूथ को जॉब दे, ताकि वे अपना भविष्य बना सकें.

सुविधाएं भी दें
मिलेनियल्स स्पीक के मंच पर आगे बोलते हुये मोहम्मद अली ने कहा कि मैं एक खिलाड़ी हूं इसलिए मेरे मुद्दे भी स्पो‌र्ट्स से जुड़े हैं. खिलाडि़यों के लिए अभी जो सुविधाएं हैं, वे उन्हें ठीक से मिलती नहीं हैं. गवर्नमेंट बात तो करती है लेकिन होता कुछ नहीं है. वहीं सावन कुमार एजुकेशन सिस्टम पर बोलते हुये कहते हैं कि आप अच्छे कॉलेज में एडमिशन नहीं ले सकते हैं. अगर आपके पास पैसा और सोर्स नहीं तो एडमिशन लेना बहुत मुश्किल हो जाता है. कुछ ऐसा किया जाए जिससे सभी को आसानी से एडमिशन मिले. वहीं अहमद बोले, मैं क्रिकेट खेलता हूं लेकिन इसमें करप्शन है. पैसा देकर लोग सेलेक्ट होते हैं और गरीब खिलाड़ी पीछे रह जाते हैं. मेरा वोट तो इस बार उसी को जाएगा जो खिलाडि़यों के लिए कुछ करने की बात करेगा.

 

 

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जॉब मिले खिलाड़ी को
संजीत कुमार कहते हैं कि खिलाडि़यों को सुविधाओं के साथ जॉब भी चाहिए. पहले कई जगहों पर स्पो‌र्ट्स कोटे से जॉब मिलती थी, जो अब बंद हो गई है. इसे दोबारा शुरू करना चाहिए, ताकि खिलाड़ी जॉब पा सकें. कुछ ऐसा ही कहना था समीर कुमार का. उनका मानना है कि बिना सुविधाओं के ही हम प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं. जब सरकार पुराने खिलाडि़यों की ही मदद नहीं कर रही है तो नए खिलाडि़यों के लिए क्या करेगी. मेरा वोट तो उसी को जाएगा जो हमारी इस प्रॉब्लम को सॉल्व करेगा.

 

मिले अच्छा प्लेटफार्म
मिलेनियलस स्पीक के मंच पर प्रदीप यादव कहते हैं कि बहुत से खिलाड़ी गरीब परिवार से आते हैं. पैसे की कमी के चलते उनका टैलेंट दब जाता है. जो भी सरकार आए उसे चाहिए कि वो ऐसे खिलाडि़यों को एडमिशन में छूट देने के साथ ही आगे बढ़ाने की योजनाएं बनाए. वहीं तुषार मिश्रा ने कहा कि स्पो‌र्ट्स में ट्रायल के दौरान पैसे को भी देखा जाता है. जिससे गरीब खिलाड़ी पीछे रह जाते हैं. ट्रायल और सेलेक्शन में ईमानदारी होनी चाहिए. डिबेट में अंत में बोलते हुए दिव्यांश वर्मा ने कहा कि फैसेलिटी तो दी जा रही है लेकिन वह सभी तक पहुंच नहीं रही है. हॉस्टल वालों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, वहीं लोकल खिलाडि़यों पर कम. जिसकी भी सरकार आए उसे ऐसी नीति बनानी होगी जिससे किसी भी खिलाड़ी की साथ भेदभाव न हो सके.

मेरी बात

स्पो‌र्ट्स में फैसिलिटी तो है लेकिन मिस मैनेजमेंट भी बहुत है. गवर्नमेंट को इसपर ध्यान देना चाहिए. इसके साथ ही राजधानी में कनवेंस की भी समस्या है. आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं जिन्हें हम रोक सकते हैं. बाहर से शहर में आकर पढ़ने वाले यूथ को सरकार सुविधाएं दे, जिससे उन्हें अधिक परेशानियों का सामना न करना पड़े.

मुस्तफा खान

 

कड़क मुद्दा

मिलेनियल्य स्पीक के मंच पर खिलाडि़यों के लिए स्पो‌र्ट्स में हो रहे करप्शन का मुद्दा कड़क बना रहा. सभी का मानना था कि सुविधाएं तो दी जा रही हैं लेकिन जो पैसे वाला है उसको फायदा ज्यादा है. गवर्नमेंट को स्पो‌र्ट्स में हो रहे खेल को रोकना होगा, ताकि छोटी जगहों से आया टैलेंट आगे बढ़ सके.

सतमोला खाओ सब पचाओ
गवर्नमेंट स्पो‌र्ट्स और खिलाडि़यों को बढ़ावा देने की बातें तो खूब करती है लेकिन होता ज्यादा नहीं है. आज भी मेहनती और टैलेंटेड खिलाड़ी बाहर रहते हैं. कभी महंगी फीस नहीं दे पाता तो कभी उसकी डायट सही नहीं होती. ऐसे में गवर्नमेंट को बातें कम और काम ज्यादा करना चाहिए.

मिला सतमोला गिफ्ट हैंपर
मिलेनियल्य स्पीक के मंच पर आरजे मयंक ने मो. अली को खिलाडि़यों को दी जाने वाली सुविधाओं में कमी, उनकी समस्याओं और उनके टैलेंट को निखारने के मुद्दे उठाने पर सतमोला की ओर से एक शानदार गिफ्ट हैंपर दिया. जिस पर पैनल में मौजूद सभी लोगों ने तालियों के साथ सराहा.

आज यहां राजनीटी

जगह -

समय - दोपहर 12.30 बजे

आप हमें अपने मुद्दे ड्राप बॉक्स से भेज सकते हैं

- दैनिक जागरण ऑफिस, मीराबाई मार्ग हजरतगंज

- परंपरा स्वीट, सप्रू मार्ग हजरतगंज

- नैनीताल मोमोज, हुसडि़या चौराहा गोमती नगर

- पिकासो, निरालानगर

 

देश के एजुकेशन सिस्टम में व्यापक सुधार करने की जरूरत है. अभी बहुत से लोगों को अच्छे कॉलेजों में एडमिशन नहीं मिल पाता है.

सावन कुमार

 

पैसा देकर सेलेक्शन हो रहा है. गवर्नमेंट को चाहिए कि इस करप्शन को खत्म करे और खिलाडि़यों को उनकी जरूरतों के हिसाब से सुविधाएं दे.

अहमद

 

आज खिलाडि़यों के सामने जॉब का सबसे बड़ा संकट है. किसी की भी सरकार आए उसे इस बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए.

सुजीत कुमार

 

दूर-दूरे से खिलाड़ी यहां आकर प्रैक्टिस कर रहे हैं लेकिन कोई मदद नहीं मिल रही है. खिलाडि़यों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने की जरूरत है.

समीर कुमार

 

एक ऐसा प्लेटफार्म मिले जहां खिलाड़ी खुद की प्रतिभा को दिख सकें. गरीब परिवार के बच्चों को भी सहायता देनी चाहिए.

प्रदीप यादव

 

ट्रायल होते हैं लेकिन पैसे के बल पर सेलेक्शन हो जाता है. गवर्नमेंट को स्पो‌र्ट्स में हो रहे इस खेल को हर हाल में बंद करना होगा.

तुषार मिश्रा

 

खिलाड़ी को अच्छी सुविधाएं देने पर सरकार को ध्यान देना चाहिए. लोकल हो या बाहरी सभी खिलाडि़यों को महत्व मिलना चाहिए.

- दिव्यांशु वर्मा


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