MillennialsSpeak #RaajniTEA पर गोरखपुर में उठी मांग रोजगार उपजाए गरीबी मिटाए ऐसी चाहिए सरकार

2019-03-30T08:53:08Z

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट और रेडियो सिटी की ओर से मिलेनियल्स स्पीक प्रोग्राम के तहत आयोजित राजनीटी में यूथ्स ने खुलकर अपने विचार रखे लोकसभा चुनाव में अपने क्षेत्र सहित पूरे देश में राजनीतिक पार्टियों की नीतियों पर यूथ्स ने सवाल खड़े किए

- दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की ओर से राजनी-टी प्रोग्राम में हुई चर्चा

- यूथ्स ने खुलकर रखी बात, बेरोजगारी का मुद्दा रहा अहम
Gorakhpur@inext.co.in
GORAKHPUR: दैनिक जागरण आई नेक्स्ट और रेडियो सिटी की ओर से मिलेनियल्स स्पीक प्रोग्राम के तहत आयोजित राजनी-टी में यूथ्स ने खुलकर अपने विचार रखे. लोकसभा चुनाव में अपने क्षेत्र सहित पूरे देश में राजनीतिक पार्टियों की नीतियों पर यूथ्स ने सवाल खड़े किए. रेडियो सिटी के आरजे प्रतीक ने बारी-बारी सभी यूथ्स ने उनके चुनावी मुद्दों के बारे में पूछ जानना चाहा कि आखिर वह किस आधार पर राजनीतिक पार्टियों को वोट देंगे. गोरखपुराइट्स मिलेनियल्स ने कहा कि चुनाव के समय में जाति, धर्म व साम्प्रदायिक मुद्दों पर अनाप-शनाप बयान देने वाली पार्टियों को वह कतई नहीं चुनेंगे. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और देश की सुरक्षा के मुद्दों पर ही लोकसभा में पार्टी का चुनाव कर उसे वोट देंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि देश से गरीबी मिटाने का वादा हर चुनाव में होता है लेकिन कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं देती. अब यह खोखले वादे नहीं चलेंगे और इसे दूर करने का ठोस जवाब देना होगा.

देश पर भारी, बेरोजगारी की बीमारी
चर्चा में ज्यादातर युवाओं ने बढ़ती बेरोजगारी को अपना सबसे बड़ा मुद्दा बताया. देश को विकसित करने और आम जनता के लिए जमीनी स्तर पर सभी सरकार योजनाओं को लागू करने पर भी उन्होंने जोर दिया. मिलेनियल्स ने कहा कि देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ती ही जा रही है और अभी तक सभी सरकारें रोजगार रोकने में पूरी तरह से विफल साबित हुई हैं. ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, बीटेक, इंजीनियरिंग, एमबीए, एमसीए सहित प्रोफेशनल कोर्स करने के बाद भी यूथ्स को जॉब नहीं मिल रही है. जिन्हें रोजगार मिल भी रहा है उन्हें योग्यता के अनुसार नहीं मिल रहा. हाई क्वालिफिकेशन के बाद भी युवाओं को बेहद मामूली सैलरी पर काम करना पड़ रहा है. यूथ्स ने कहा कि जो भी पार्टी रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगी, उसी को वह नेतृत्व के लिए चुनेंगे.

कड़क मुद्दा
देश के विकास, अपने लिए रोजगार और जाति-धर्म की राजनीति के खिलाफ तो युवाओं ने वोट देने का निर्णय लिया है. साथ ही वह देश से गरीबी को भी दूर करना चाहते हैं. देश की आजादी के 70 वर्षो बाद भी गरीबी की समस्या का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है. सरकार योजनाएं तो तैयार करती हैं लेकिन भ्रष्टाचार के कारण वह जमीन तक नहीं पहुंच पाते हैं. अर्थव्यवस्था की हालत कुछ इस तरह हो गई है कि अमीर अधिक अमीर और गरीब पहले से ज्यादा गरीब होता जा रहा है.

सतमोला खाओ, कुछ भी पचाओ
यूथ्स ने कहा कि देश की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए. इसके साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता. साथ ही पूरी दुनिया में देश को आर्थिक रूप से मजबूती के साथ स्थापित करने वाली पार्टी का ही वह चुनाव करेंगे. मिलेनियल्स का कहना है कि देश की आर्थिक ताकत के तौर पर देश की पहचान को मजबूत करने के लिए सभी पार्टियों के पास कौन सी योजनाएं हैं, इस पर विचार कर वोट दिया जाएगा.

मेरी बात
रोजगार नहीं मिलने पर युवाओं के पास भविष्य के सपने देखने का रास्ता भी बंद हो जाता है. रोजगार की समस्या हर बीतते साल के साथ लगातार गंभीर होती जा रही है, इसकी समाप्ति के लिए ठोस उपाए होने चाहिए. रोजगार की समस्या को सभी पार्टियां स्वीकार करती हैं और उन्हें दूर करने के वादे भी करती हैं. लेकिन जमीनी स्तर पर हालत नहीं सुधर रहे हैं. रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर राजनीतिक पार्टियां अपने घोषणा पत्र में कौन से वादे करती हैं और उनके पास कौन सा रास्ता है. इस पर विचार करने के बाद ही किसी पार्टी को वोट देना होगा.

विनोद कोरी

 

जनहित में गरीबी को दूर करने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाली पार्टी ही मेरी प्राथमिकता में होगी. युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने वाली पार्टी को मेरा वोट जाएगा. गरीबी की समस्या को दूर करने के लिए पार्टियों को गंभीरता से काम करना होगा.

बबलू प्रसाद गुप्ता

 

चुनाव के समय साम्प्रदायिक राजनीति, जाति व धर्म की बात करने वाली पार्टियों से सावधान रहने की जरूरत है. राष्ट्र के मुद्दे स्थानीय मुद्दों के नीचे दबने नहीं चाहिए.

विक्की सिंह

 

कोई भी पार्टी आए लेकिन उसकी प्राथमिकता में नई पीढ़ी की समस्याएं होनी चाहिए. उनकी समस्याओं को समझने के साथ ही नई पीढ़ी की समस्याओं को दूर करने वाली पार्टी को ही मेरा वोट जाएगा.

लक्षमण जायसवाल

 

बेरोजगारी को दूर करने के लिए राजनीतिक पार्टियों को ठोस तरीके से काम करना होगा. किसानों के हित में भी राजनीतिक पार्टियों को ध्यान देना होगा. बिना किसानों व नौजवानों की समस्या को दूर किए देश का विकास केवल नाम का होगा.

विनोद कुमार गौतम

 

किसी भी वैकेंसी के लिए आवेदन करने में युवाओं को काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं. नौकरी के लिए आवेदन करने में ही सालाना हजारों रुपए खत्म हो जा रहे हैं. युवाओं को इस समस्या से राहत मिलनी चाहिए.

रमेश सोनकर

 

किसानों के हित में काम करने वाली पार्टी ही मेरी प्राथमिकता में होगी. साथ ही देश को आर्थिक स्तर पर उन्नत करने वाली पार्टी को मेरा वोट जाएगा.

गौतम सोनकर

 

देश में बढ़ती गरीबी और युवाओं की बेरोजगारी मेरा लिए सबसे प्रमुख मुद्दे हैं. राजनीतिक पार्टियां चुनाव के दौरान वादे तो करती हैं लेकिन बाद में भूल जाती हैं. जो पार्टी इन समस्याओं के समाधान को लेकर ठोस कार्रवाई करेगी मेरा वोट उसी को जाएगा.

अनूप कुमार गुप्ता


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