RANCHI: झारखंड में पहली बार बहुमत की सरकार चला रहे मुख्यमंत्री रघुवर दास लोगों के बीच कितने लोकप्रिय हैं, यह जानने के लिए यदि उनके नाम से खुले एप्प को पैमाना माना जाए, तो स्थिति अच्छी नहीं है। जी हां, फ् मई को जोशो-खरोश के साथ लांच किए गए रघुवर दास एप्प को ख्क् मई की रात क्0 बजे तक यानी क्8 दिनों में मात्र भ्00 लोगों ने ही डाउनलोड किया है, जो गूगल प्ले स्टोर के अनुसार बहुत पुअर है। यह हाल तब है जब यह सरकार आए दिन विभिन्न विभागों के लिए एप्प जारी कर रही है। इसके लिए भारी-भरकम मंत्रालय तक बना रखा है। इतना ही नहीं, ई-गवर्नेस व आईटी की वकालत करने वाले रघुवर दास के एप्प को अंतिम बार म् मई को अपडेट किया गया है। इसके बाद कोई अपडेट नहीं है।

कंप्लेन बटन नहीं

अगर गूगल प्ले स्टोर की जानकारी को सही मानें, तो इस एप्प की रेटिंग फाइव स्टार है, लेकिन रिव्यू सेक्शन जाने पर पता चलता है कि सबकी एक ही शिकायत है। एप्प पर प्रतिक्रिया देने वाले साफ लिखते हैं कि लोकप्रिय सीएम हैं रघुवर, लेकिन इस एप्प में शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था नहीं है। इस एप्प में बकायदा होम पेज है, उनके विधानसभा से जुड़ी और उनके बारे में तमाम जानकारी है। यहां तक की बीजेपी की नेशनल लीडरशिप की लिस्ट भी है, लेकिन लोगों ने अपने रिव्यू में लिखा है की इस एप्प के माध्यम से कंप्लेन कैसे करें। यह नहीं पता चलता है।

एप्प अपडेट नहीं

रघुवर दास की लोगों से अपनी कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए उनके नाम का एप्प बनाकर फ् मई को सूचना भवन में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में लांच किया गया। इसमें मुख्यमंत्री के बारे में डिटेल जानकारी है। इस एप्प में अलग-अलग होम, मेरे बारे में, मेरा निर्वाचन क्षेत्र, मेरे साथ जुड़ें, आयोजन मीडिया, संपर्क, विवरण, और सेटिंग्स के नाम से अलग अलग पेज बने हैं। मुख्यमंत्री के सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने बताया भी था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तर्ज पर झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम पर एप्प जारी किया है। इससे आम लोग अपने मुख्यमंत्री के बारे में सारी जानकारी कभी भी और कहीं भी जान सकेंगे। लेकिन स्थिति यह है कि यह अपडेट तक नहीं है।

क्या है रेटिंग

-भ्7 लोगों ने इस एप्प को फाइव स्टार वाला बताया है।

-छह लोगों ने इस एप्प को सिंगल स्टार की रेटिंग दी है।

-आठ लोगों ने फोर स्टार की रेटिंग दी है

-तीन लोगों ने थ्री स्टार एप्प बताया है

-एक व्यक्ति ने डबल स्टार की रेटिंग दी है।

क्या है रिव्यू

-भारत साहू और कुंदन कुमार के अनुसार, यह कम्यूनिकेट करने का सीधा रास्ता है।

-राजीव दत्ता लिखते हैं कि पुअर सर्विस है।

-देव कुमार लिखते हैं कि अनुभव शेयर करना चाहता हूं, लेकिन उसका बटन ही नहीं है

Posted By: Inextlive