जनता के प्राण जाएं पर PM की टैक्स वसूली ना जाए, राहुल गांधी ने कोविड टीके पर लगी GST पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार द्वारा कोविड के टीकों पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोग जीवन खो सकते हैं लेकिन प्रधानमंत्री का कर संग्रह नहीं खोना चाहिए।

Updated Date: Sat, 08 May 2021 03:03 PM (IST)

नई दिल्ली (आईएएनएस)। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने सरकार को कोरोना वायरस टीकों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने को लेकर नाराजगी जाहिर की। कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर कहा कि लोग जीवन खो सकते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) का कर संग्रह नहीं खोना चाहिए। इस दाैरान उन्होंने जीएसटी के हैश टैग का भी इस्तेमाल किया। राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस शासित कई राज्यों ने कोविड के टीकों पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने पर सवाल उठाए। कोविड के टीकों पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगने से राज्य सरकारों को केंद्र सरकार को प्रति खुराक 15-20 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

जनता के प्राण जाएँ पर PM की टैक्स वसूली ना जाए!#GST

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 8, 2021


कोविड के टीकों पर जीएसटी की माफी के लिए लिखा
राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकारों ने भारत में निर्मित कोविड टीकों पर जीएसटी संग्रह के कदम का विरोध किया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कोविड के टीकों पर जीएसटी की माफी के लिए लिखा है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि उनकी सरकार के पास स्पष्ट और सुसंगत कोविड टीकाकरण की रणनीति है। इसके साथ ही समय से पहले सरकार ने उस समय इस पर विजय की घोषणा कर दी थी जब यह देश में फैल रहा था।

देशवासियों को बचाने के लिए ज़रूरी है:
⁃ बड़े स्तर पर वैक्सीन
⁃ सही आँकड़ों व नए कोरोना स्ट्रेन का विश्लेषण
⁃ कमज़ोर वर्गों को आर्थिक सहायता
दुर्भाग्य से, केंद्र सरकार साबित करती जा रही है कि ये उनसे ना हो पाएगा!

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 7, 2021
ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर भी सरकार को फटकार लगाई
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आज यह बीमारी विस्फोटक रूप से बढ़ रही है और भारत में हालात गंभीर हैं। उन्होंने ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर भी सरकार को फटकार लगाई। राहुल ने कहा कि देशवासियों को बचाने के लिए बड़े स्तर पर वैक्सीन, सही आंकड़ों व नए कोरोना स्ट्रेन का विश्लेषण व कमजो र वर्गों को आर्थिक सहायता देना जरूरी है। दुर्भाग्य से केंद्र सरकार साबित करती जा रही है कि ये उनसे ना हो पाएगा।

Posted By: Shweta Mishra
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