लोकसभा चुनाव 2019 राहुल गांधी अमेठी के अलावा वायनाड सीट से भी लड़ेंगे चुनाव विपक्ष ने जमकर बोला हमला

2019-03-31T16:03:35Z

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार दो लोकसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। वह उत्तर प्रदेश में अमेठी के अपने पारंपरिक गढ़ के अलावा केरल में वायनाड लोकसभा क्षेत्र से भी चुनाव लड़ेंगे।

नई दिल्ली (पीटीआई)। दक्षिण भारत में कांग्रेस की स्थिति को सुधारने के लिए, पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में अमेठी के अलावा केरल में वायनाड लोकसभा क्षेत्र से भी चुनाव लड़ेंगे। केरल के दिग्गज कांग्रेस नेता और पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि गांधी ने पार्टी की राज्य यूनिट से अनुरोध के बाद वायनाड से चुनाव लड़ने के लिए सहमति व्यक्त की। इस फैसले को कांग्रेस द्वारा दक्षिण भारत, खासकर केरल में 20 लोकसभा सीटों पर अपने चुनावी आधार को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। बता दें कि तमिलनाडु में 39 लोकसभा सीटें और कर्नाटक में 28 सीटें हैं।

वाम दलों को हराना चाहती है कांग्रेस

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कहा, 'यह दक्षिणी राज्यों के लिए एक संदेश है कि हम उनका कितना सम्मान करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वह अमेठी से चुनाव लड़ेंगे लेकिन साथ ही दक्षिणी राज्यों का भी प्रतिनिधित्व करेंगे क्योंकि वे भारत के महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।' उन्होंने कहा कि गांधी का कहना है कि अमेठी उनकी 'कर्मभूमि' है और वह इसे कभी नहीं छोड़ेंगे। कांग्रेस के इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात ने कहा कि वायनाड से राहुल गांधी को मैदान में उतारने के कांग्रेस के फैसले से पता चलता है कि पार्टी केरल में वाम दलों को निशान बनाना चाहती है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'कांग्रेस की प्राथमिकता अब केरल में वाम दलों के खिलाफ लड़ना है। हम भी कांग्रेस को हराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे।'

अमित शाह की प्रतिक्रिया

भाजपा प्रमुख अमित शाह ने भी उत्तर प्रदेश की एक रैली में दो सीटों से चुनाव लड़ रहे गांधी पर कटाक्ष किया। शाह ने कहा, 'कांग्रेस की वोटबैंक की राजनीति ने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है। इसी का नतीजा है कि राहुल गांधी अमेठी छोड़कर केरल भाग गए हैं क्योंकि उन्हें पता है कि इस बार अमेठी में लोग उनसे अपने वोट का हिसाब मांगेंगे। यह दक्षिण भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक लड़ाई है। यह उन ताकतों को करारा जवाब देने के लिए एक लड़ाई है, जो संस्कृतियों, भाषाओं, जीवन के तरीके और उत्तर और दक्षिण भारत के बीच गहरे जुड़ाव पर हमला करती हैं, जिसके बीच भाजपा ने एक विभाजन बनाया है।'

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