अब रेलवे भी इंजनों में लगाएगा 'ब्‍लैक बॉक्‍स', अब ट्रेन एक्‍सीडेंट का पता लगाना होगा आसान

Updated Date: Tue, 16 Jan 2018 01:28 PM (IST)

Varanasi : अब रेल एक्सिडेंट की वजहों का पता लगाना आसान हो गया है. हवाई जहाज की तरह रेल एक्सिडेंट होने पर उसके सबूत ब्लैक बॉक्स में सेव हो जाएंगे.

डीएलडब्ल्यू ने रेल इंजनों में लोको कैब वीडियो एवं वायस रिकॉर्डिग सिस्टम लगाने का काम किया शुरू

डीएलडब्ल्यू ने रेल इंजनों में लोको कैब वीडियो एवं वायस रिकॉर्डिग सिस्टम (एलसीवीआर) लगाने का काम शुरू कर दिया है। यही नहीं डीएलडब्ल्यू का एलसीवीआर से लैस पहला डुएल कैब डब्ल्यूडीजी-4डी रेल इंजन संख्या 70787 है। इसे सोमवार को ट्रैक पर उतार दिया गया। इस इंजन को नॉर्दन रेलवे के लुधियाना डीजल शेड को रवाना किया गया।

 

वीडियो व वायस साथ-साथ

डीएलडब्ल्यू को रेलवे बोर्ड से रेल इंजनों में यह सिस्टम लगाने का निर्देश प्राप्त हुआ था। जिसके बाद इस पर कार्य स्टार्ट कर किया गया। इसके तहत वीडियो कैमरा, माइक्रोफोन व डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिग युक्त एलसीवीआर को रेल इंजनों में लगाये जाने का प्रावधान है। इससे रेल एक्सिडेंट के दौरान हुई रिकार्डिग को बाद में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

 

लोको पायलट पर भी रखेगा नजर

डीएलडब्ल्यू के रेल इंजनों में टोटल छह कैमरे लगाए जा रहे हैं, दोनों ओर के कैब में दो-दो कैमरे तथा रेल इंजन के दोनों किनारों पर एक-एक कैमरा होगा। यह एलसीवीआर लोको कैब में रिकार्ड डाटा को इंजन के डेस्टिनेशन पर पहुंचने पर देखा जा सकेगा। इससे दुर्घटनाओं की जांच करने में सहायता मिलेगी तथा यह लोको पायलट की गलतियों/कमजोरियों को परखने और सुधारने के लिए ट्रेंड करने के उपकरण के रूप में भी उपयोगी होगा।

 

इस साल बनेगा 25 इंजन

रेलवे बोर्ड ने एलसीवीआर से लैस इंजन बनाने का डीएलडब्ल्यू को टारगेट दिया है। फाइनेंशियल ईयर 2018-19 में डीएलडब्ल्यू ऐसे 25 रेल इंजन बनाएगा जिनमें एलसीवीआर लगा होगा। ट्रायल पूरा होने पर एक रेल इंजन 15 जनवरी को रवाना भी कर दिया गया।

Posted By: Inextlive
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