राजदेव की हत्या शहाबुद्दीन के इशारे पर आशा

2016-09-16T07:40:43Z

PATNA/SIWAN : पत्रकार की पत्नी आशा रंजन ने कहा कि पति राजदेव रंजन की हत्या मो। शहाबुद्दीन के इशारे पर हुई है। उसे जमानत मिलने से परिवार पर खतरा बढ़ गया है। लिहाजा मेरी सुरक्षा और बढ़ाया जाए। आशा ने बुधवार को सिवान स्थित अपने आवास पर बातचीत में यह बातें कहीं। समय नहीं मिलने पर पीएम से मिले बिना वे सिवान लौट गई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी है, लेकिन चार महीने बाद भी जांच शुरू नहीं होने पर कोई रिमाइंडर नहीं भेजा गया। केंद्र सरकार भी सवालों के घेरे में है। आशा ने कहा कि पुलिस की भूमिका से संतुष्ट नहीं हैं। लड्डन चुपके से कोर्ट में सरेंडर कर देता है, पुलिस को पता तक नहीं चलता।

आखिर किससे डरता है लड्डन

पूछताछ में लड्डन ने बार-बार कहा कि उसका मुंह मत खोलवाइए। उसके भी बाल-बच्चे हैं। आखिर वह कौन शख्स है, जिससे वह इतना डरता है कि उसका नाम नहीं बता सका। राजदेव की किसी के कोई दुश्मनी नहीं थी। जेल में शहाबुद्दीन से मिलने मंत्री गए तो अंदर की फोटो उनके ही किसी आदमी ने लीक की होगी। अखबार में छपा भी मुजफ्फरपुर से। बेबाक पत्रकारिता करते थे, लिहाजा उनको मौत की नींद सुला दी गई। कोई दोष भी नहीं बताया गया। सीधे-सीधे पांच गोलियां उनके शरीर में उतार दी गईं।

होश में होती तो प्राथमिकी में शहाबुद्दीन का नाम लिखवाती

एफआइआर कराते समय होश में होतीं तो जरूर शहाबुद्दीन का नाम लिखवातीं। अब स्पष्ट हो रहा है कि इसमें उन्हीं का नाम है तो पुलिस को जोड़ना चाहिए। ऐसा न करके पुलिस खुद सवालों के घेरे में खड़ी हो रही है। अभी ताजा सबूत मिला है कि घटना के दिन घटनास्थल के आसपास रहने वाला शूटर मो। कैफ शहाबुद्दीन के साथ जेल से छूटने पर खड़ा था। उसका और शहाबुद्दीन का संबंध इससे साबित होता है। और क्या सबूत चाहिए पुलिस को। वह हार नहीं मानेंगी। लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगी।

कैफ को गिरफ्तार नहीं कर सकी : शहाबुद्दीन

सिवान स्थित अपने आवास पर बुधवार को बातचीत में शहाबुद्दीन ने कहा कि कैफ को लेकर बवाल मचा है। मेरे साथ उसका फोटो दिखाया जा रहा है। भीड़ में कौन-कौन है, कैसा है, मुझे क्या मालूम। काफिले में हजारों लोग थे। जाहिर है उसमें तरह-तरह के लोग होंगे। यदि पुलिस को तलाश थी तो भागलपुर जेल गेट से ही उसे गिरफ्तार कर लेती। कौन रोका था पुलिस को ऐसा करने से। बताया जा रहा कि कैफ भागलपुर से सिवान तक काफिले के साथ आया। यह तो पुलिस की असफलता है कि उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। इसमें शहाबुद्दीन कहां दोषी है। आज ही देखिए, सैकड़ों लोग आए हैं।

सबकी जन्मकुंडली मेरे पास है क्या?

एक्स एमपी ने कहा कि मीडिया के हवाले से बताया जा रहा है कि शहाबुद्दीन की वजह से गठबंधन की सरकार खतरे में है। ऐसा नहीं है। मैं अपने बयान पर कायम हूं। आगे भी रहूंगा। क्977 में कोई जानता था कि बेजेपी और कम्युनिस्ट साथ मिल जाएंगे। परिस्थितियां बनीं, तो विपरीत धुरी के लोग मिले। मोरारजी देसाई के बारे में कोई जानता था कि वे पीएम बनेंगे। जब बन गए तब आम जनता को पता चला। कैफ मामले में पुलिस द्वारा पूछताछ के सवाल पर कहा कि समय आने पर देखा जाएगा। पहले कोई आए तो पूछताछ करने। अभी से चिंता क्यों करूं। बहुत ज्यादा भविष्य के बारे में नहीं सोचता। जब जैसी परिस्थिति आती है, उसके अनुसार रणनीति बनाता हूं।

भविष्य के बारे में नहीं सोचता

एक्स एमपी ने कहा कि मीडिया के हवाले से बताया जा रहा है कि शहाबुद्दीन की वजह से गठबंधन की सरकार खतरे में है। ऐसा नहीं है। मैं अपने बयान पर कायम हूं। आगे भी रहूंगा। क्977 में कोई जानता था कि बेजेपी और कम्युनिस्ट साथ मिल जाएंगे। परिस्थितियां बनीं, तो विपरीत धुरी के लोग मिले। मोरारजी देसाई के बारे में कोई जानता था कि वे पीएम बनेंगे। जब बन गए तब आम जनता को पता चला। कैफ मामले में पुलिस द्वारा पूछताछ के सवाल पर कहा कि समय आने पर देखा जाएगा। पहले कोई आए तो पूछताछ करने। अभी से चिंता क्यों करूं। बहुत ज्यादा भविष्य के बारे में नहीं सोचता। जब जैसी परिस्थिति आती है, उसके अनुसार रणनीति बनाता हूं।

चंदा बाबू की सुरक्षा में चार गार्ड

शहाबुद्दीन के जेल से बाहर निकलने के बाद चंदा बाबू की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दो की जगह चार गार्डो को सुरक्षा में लगाई गई है। चंदा बाबू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता प्रशांत भूषण से बात हुई है। राज्य सरकार से किसी तरह की सहायता नहीं मिलने का उन्हें मलाल है। राष्ट्रपति से डीएम तक सभी जगह चिट्ठी लिखी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

राजग ने किया जन आंदोलन

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क्कन्ञ्जहृन्(14 स्द्गश्चह्ल): राजग ने राजीव रौशन तेजाब हत्याकांड के आरोपी शहाबुद्दीन की गिरफ्तारी तक प्रदेश सरकार के खिलाफ जन आंदोलन का एलान किया है। राजधानी पटना के गर्दनीबाग में बुधवार को एक दिवसीय प्रदेशव्यापी महाधरना के साथ नेताओं ने जन आंदोलन किया। महाधरना में राजग नेताओं ने नीतीश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सुशासन पर चुटकी ली। नेताओं ने प्रदेश में बढ़ रहे अपराध, रेप, हत्या, लूट और घोटाले को लेकर सीएम नीतीश पर निशाना साधा।

आज जिला मुख्यालयों पर धरना

ज्ञात हो कि शहाबुद्दीन की रिहाई के विरोध में राजग का शिष्टमंडल राज्यपाल से मिल चुका है। राजग ने क्भ् सितंबर को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है। क्म् सितंबर को शहाबुद्दीन के गृह जिला सिवान में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। धरना को पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन, वरिष्ठ बीजेपी नेता नंदकिशोर यादव, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मंगल पांडेय, प्रदेश महामंत्री सुधीर शर्मा, विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता डॉ। प्रेम कुमार, एक्स सीएम जीतन राम मांझी, हम के प्रदेश अध्यक्ष वृषण पटेल, रासोलपा और लोजपा के कई नेताओं ने संबोधित किया। बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय मयूख, मीडिया प्रभारी अशोक भट्ट, राजीव रंजन और राकेश सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता मौजूद थे।


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